शेयर बाजार अपडेट: निफ्टी 25800 के पार, सेंसेक्स 450 अंक उछला

भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार को मजबूत वैश्विक संकेतों के बीच शानदार बढ़त के साथ शुरुआत की। निफ्टी 25800 के स्तर को पार कर गया, जबकि सेंसेक्स में 450 अंकों से अधिक की तेजी देखी गई। बैंकिंग और आईटी शेयरों में खरीदारी से बाजार को समर्थन मिला।

बाजार की मजबूत शुरुआत और प्रमुख सूचकांक

भारतीय शेयर बाजार ने सप्ताह के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार को निवेशकों के लिए सकारात्मक माहौल तैयार किया। वैश्विक बाजारों से मिले मजबूत संकेतों और घरेलू स्तर पर सकारात्मक निवेश धारणा के कारण सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही सूचकांकों ने ऊंचे स्तरों पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। 37 के स्तर पर कारोबार करता देखा गया। 15 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार की इस शुरुआती तेजी ने निवेशकों के बीच उत्साह का संचार किया है।

क्षेत्रीय प्रदर्शन और प्रमुख शेयरों की स्थिति

बाजार की इस बढ़त में विभिन्न क्षेत्रों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। निफ्टी 50 सूचकांक में बैंकिंग, सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और धातु (Metal) क्षेत्रों में व्यापक खरीदारी देखी गई। प्रमुख शेयरों की बात करें तो भारतीय स्टेट बैंक (SBI), कोटक महिंद्रा बैंक, एचसीएल टेक, टाटा स्टील, जियो फाइनेंशियल और इंफोसिस जैसे दिग्गजों ने बाजार को ऊपर ले जाने में मुख्य भूमिका निभाई। हालांकि, सभी शेयरों के लिए स्थिति एक जैसी नहीं रही। पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन, मैक्स हेल्थकेयर, हिंदुस्तान यूनिलीवर, महिंद्रा एंड महिंद्रा और एक्सिस बैंक जैसे शेयरों में शुरुआती कारोबार के दौरान कुछ दबाव देखा गया और बाजार की चौड़ाई (Market Breadth) काफी सकारात्मक रही, जहां बीएसई पर लगभग 1,875 शेयरों में तेजी दर्ज की गई, जबकि 708 शेयरों में गिरावट आई और 194 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ।

वैश्विक संकेतों और व्यापारिक संबंधों का प्रभाव

बाजार विश्लेषकों के अनुसार, भारतीय बाजारों में आई इस तेजी के पीछे अमेरिकी और अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों का प्रदर्शन एक बड़ा कारक है। अमेरिका और भारत के बीच व्यापारिक समझौतों को लेकर बढ़ती स्पष्टता ने अनिश्चितता के बादलों को कम किया है। विश्लेषकों का मानना है कि व्यापारिक स्थिति स्पष्ट होने से विशेष रूप से निर्यात पर केंद्रित कंपनियों को लाभ होने की संभावना है। इस सकारात्मक माहौल ने वैश्विक स्तर पर 'रिस्क ऑन' मोड सक्रिय कर दिया है, जिसका सीधा लाभ उभरते बाजारों जैसे भारत को मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता और डॉलर इंडेक्स की चाल पर भी निवेशकों की पैनी नजर बनी हुई है।

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की भूमिका का विश्लेषण

बाजार के जानकारों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की भारतीय बाजार में वापसी एक अत्यंत सकारात्मक संकेत है। आंकड़ों के अनुसार, पिछले चार कारोबारी सत्रों में से तीन में एफआईआई ने नकद बाजार (Cash Market) में शुद्ध खरीदारी की है। इसके अतिरिक्त, डेरिवेटिव सेगमेंट में बनी भारी शॉर्ट पोजीशन भी बाजार के लिए एक उत्प्रेरक का काम कर रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि बाजार इन स्तरों पर टिका रहता है, तो आने वाले समय में 'शॉर्ट कवरिंग' की प्रक्रिया शुरू हो सकती है, जो सूचकांकों को और अधिक ऊंचाई पर ले जाने में सहायक सिद्ध होगी। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) का समर्थन भी बाजार को निचले स्तरों पर मजबूती प्रदान कर रहा है।

निष्कर्ष और बाजार की दिशा

कुल मिलाकर, सोमवार की सुबह भारतीय शेयर बाजार के लिए काफी उत्साहजनक रही है। 25,800 के स्तर के ऊपर निफ्टी का टिकना तकनीकी रूप से बाजार की मजबूती को दर्शाता है। विश्लेषकों के अनुसार, बाजार की नजर अब आगामी आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक केंद्रीय बैंकों के बयानों पर रहेगी। फिलहाल, बैंकिंग और आईटी जैसे भारी वेटेज वाले क्षेत्रों में खरीदारी की निरंतरता बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण होगी। निवेशकों की भागीदारी और मिडकैप व स्मॉलकैप सूचकांकों में देखी जा रही तेजी यह संकेत देती है कि बाजार में व्यापक स्तर पर खरीदारी का रुझान बना हुआ है।

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