भारतीय शेयर बाजार में बुधवार, 4 फरवरी 2026 को शुरुआती कारोबार के दौरान बिकवाली का दबाव देखा गया। मंगलवार को दर्ज की गई ऐतिहासिक बढ़त के बाद, हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन बाजार ने लाल निशान के साथ शुरुआत की। 06 अंकों के स्तर पर खुला। 05 अंकों पर खुला। बाजार में इस गिरावट का मुख्य कारण आईटी सेक्टर के शेयरों में आई भारी कमी को माना जा रहा है।
ऐतिहासिक तेजी के बाद बाजार में सुधार
बाजार की इस गिरावट को मंगलवार की जबरदस्त तेजी के बाद एक स्वाभाविक सुधार के रूप में देखा जा रहा है। गौरतलब है कि सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत के साथ एक नए व्यापार समझौते की घोषणा की गई थी। 86%) की बंपर तेजी देखी गई थी। बुधवार की सुबह बाजार ने उसी उच्च स्तर से मुनाफावसूली के संकेत दिए हैं।
आईटी सेक्टर में बड़ी गिरावट: टेक महिंद्रा और इंफोसिस प्रभावित
बुधवार के शुरुआती सत्र में सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनियों के शेयरों में सबसे अधिक बिकवाली देखी गई। 13% की भारी गिरावट दर्ज की गई, जो सेंसेक्स की कंपनियों में सबसे अधिक थी। 20% तक टूट गए। विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिकी बाजार के संकेतों और आईटी क्षेत्र में मूल्यांकन संबंधी चिंताओं के कारण इन शेयरों में दबाव देखा जा रहा है। 19% शामिल रहे।
बाजार का मिला-जुला रुख और प्रमुख बढ़त वाले शेयर
गिरावट के बावजूद, बाजार में कुछ क्षेत्रों में खरीदारी भी देखी गई। सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 18 कंपनियों के शेयर हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। 22% की तेजी देखी गई। 89% शामिल रहे। 38% की मामूली बढ़त दर्ज की गई, जिससे बाजार को निचले स्तरों पर कुछ सहारा मिला।
विश्लेषकों का दृष्टिकोण और बाजार की स्थिति
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, मंगलवार की रिकॉर्ड तेजी के बाद निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली करना अपेक्षित था। विश्लेषकों का कहना है कि डोनाल्ड ट्रंप के व्यापार समझौते की घोषणा के बाद बाजार ने बहुत तेजी से प्रतिक्रिया दी थी, और अब बाजार अपनी स्थिरता की जांच कर रहा है। आईटी शेयरों में आई गिरावट को वैश्विक तकनीकी क्षेत्र में चल रही हलचल और मुद्रा विनिमय दरों में बदलाव से जोड़कर देखा जा रहा है। वर्तमान में बाजार की नजरें वैश्विक संकेतों और घरेलू संस्थागत निवेशकों की गतिविधियों पर टिकी हैं।
बुधवार का कारोबारी सत्र आईटी क्षेत्र के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है, जबकि ऊर्जा और धातु जैसे क्षेत्रों में स्थिरता बनी हुई है। निफ्टी 50 की 50 कंपनियों में से 26 कंपनियां बढ़त के साथ और 24 कंपनियां गिरावट के साथ कारोबार कर रही हैं, जो बाजार में अनिश्चितता और सेक्टर-विशिष्ट गतिविधियों को दर्शाता है।
