IPhone In India / iPhone बनाने वाली कंपनी की छप्परफाड़ कमाई, साथ में 80 लोगों को दिया रोजागार

वित्त वर्ष 2024-25 में फॉक्सकॉन का भारत में राजस्व दोगुना बढ़कर 20 अरब डॉलर पहुंच गया। आईफोन उत्पादन में उछाल के चलते कर्मचारियों की संख्या भी 65% बढ़कर 80,000 हुई। बेंगलुरु में नया संयंत्र 40,000 रोजगार देगा, जिससे भारत वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनता दिख रहा है।

IPhone In India: ताइवान की दिग्गज इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माता कंपनी फॉक्सकॉन ने भारत में अपने व्यापारिक इतिहास का एक नया अध्याय लिखा है। वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी का राजस्व दोगुना से अधिक बढ़कर 20 अरब डॉलर (लगभग 1.7 लाख करोड़ रुपये) तक पहुंच गया है। इस प्रभावशाली वृद्धि के पीछे आईफोन के उत्पादन में तेजी और भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने की दिशा में हुए प्रयासों का बड़ा योगदान है।

सूत्रों के मुताबिक, फॉक्सकॉन ने न केवल राजस्व के मामले में, बल्कि मानव संसाधन के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति की है। कंपनी के भारत में कर्मचारियों की संख्या 65 प्रतिशत बढ़कर लगभग 80,000 हो गई है। हालांकि इस संबंध में फॉक्सकॉन ने किसी आधिकारिक प्रतिक्रिया से इनकार किया है, लेकिन उद्योग जगत के सूत्र इस विकास को भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत मानते हैं।

भारत में आईफोन उत्पादन का विस्तार

फॉक्सकॉन, जो कि एप्पल के प्रतिष्ठित आईफोन के निर्माण के लिए जानी जाती है, ने भारत में अपनी निर्माण क्षमताओं में उल्लेखनीय रूप से वृद्धि की है। एप्पल द्वारा भारत को विनिर्माण का एक अहम केंद्र बनाए जाने की रणनीति के तहत, आईफोन उत्पादन में तेजी लाई गई है। इसका परिणाम यह हुआ कि 2024-25 में भारत से स्मार्टफोन निर्यात का आंकड़ा दो लाख करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर को पार कर गया, जिसमें आईफोन का योगदान 1.5 लाख करोड़ रुपये रहा।

देवनहल्ली संयंत्र: 40 हजार नौकरियों की उम्मीद

फॉक्सकॉन भारत में अपने निवेश को और गहरा करने जा रही है। कंपनी 2.8 अरब डॉलर (लगभग 25,000 करोड़ रुपये) के निवेश के साथ कर्नाटक के देवनहल्ली में एक अत्याधुनिक विनिर्माण इकाई स्थापित कर रही है। यह इकाई चीन के बाहर फॉक्सकॉन की दूसरी सबसे बड़ी उत्पादन इकाई होगी और इससे 40,000 से अधिक रोजगार उत्पन्न होने की उम्मीद है।

इसके अलावा, फॉक्सकॉन उत्तर प्रदेश में एक नई इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण इकाई स्थापित करने के लिए राज्य सरकार से बातचीत कर रही है। यह कदम भारत के ‘मेक इन इंडिया’ और ‘डिजिटल इंडिया’ जैसे अभियानों को और सशक्त बना सकता है।

भारत का बदलता विनिर्माण परिदृश्य

फॉक्सकॉन की यह सफलता भारतीय विनिर्माण क्षेत्र में एक बड़ी छलांग का संकेत देती है। जहां पहले चीन को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण का केंद्र माना जाता था, वहीं अब भारत वैश्विक कंपनियों के लिए एक भरोसेमंद विकल्प बनकर उभर रहा है। भारत की नीतिगत स्थिरता, कुशल श्रमबल, और बुनियादी ढांचे में हो रहे सुधार ने इस बदलाव को संभव बनाया है।

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