चेन्नई सुपर किंग्स के पूर्व कप्तान और दिग्गज खिलाड़ी महेंद्र सिंह धोनी आईपीएल 2026 में अपनी बहुप्रतीक्षित वापसी के लिए पूरी तरह तैयार हैं। मीडिया रिपोर्ट्स और टीम सूत्रों के अनुसार, धोनी 14 अप्रैल 2026 को कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ होने वाले मुकाबले में मैदान पर उतरेंगे। सीजन की शुरुआत में पिंडली (कैल्फ) की चोट के कारण धोनी शुरुआती मैचों का हिस्सा नहीं बन पाए थे, जिससे टीम के संतुलन पर गहरा असर पड़ा है। वर्तमान में धोनी चेन्नई में ही रहकर अपनी रिकवरी पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं और उन्होंने नेट्स में अभ्यास भी शुरू कर दिया है।
पिंडली की चोट और रिहैबिलिटेशन का विस्तृत विवरण
आईपीएल 2026 के आधिकारिक आगाज से ठीक पहले अभ्यास सत्र के दौरान महेंद्र सिंह धोनी को पिंडली में खिंचाव की समस्या हुई थी। फ्रैंचाइजी के मेडिकल स्टाफ ने इसे ग्रेड-1 टियर बताया था, जिसके बाद उन्हें कम से कम दो सप्ताह के विश्राम और रिहैबिलिटेशन की सलाह दी गई थी। धोनी पिछले 10 दिनों से चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में विशेष प्रशिक्षण सत्रों में भाग ले रहे हैं। टीम के फिजियोथेरेपिस्ट की देखरेख में वे अपनी मांसपेशियों की मजबूती पर काम कर रहे हैं। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, धोनी ने दौड़ने और विकेटों के बीच दौड़ के अभ्यास में 90% फिटनेस हासिल कर ली है, जो टीम प्रबंधन के लिए राहत की खबर है।
14 अप्रैल को कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ वापसी
धोनी की वापसी के लिए 14 अप्रैल की तारीख को अंतिम रूप दिया गया है। हालांकि प्रशंसक उम्मीद कर रहे थे कि वे 11 अप्रैल को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ घरेलू मैच में खेलेंगे, लेकिन मेडिकल टीम ने किसी भी तरह की जल्दबाजी न करने का निर्णय लिया है। 14 अप्रैल को कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ होने वाला मैच चेन्नई के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है। धोनी इस मैच के माध्यम से न केवल विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में वापसी करेंगे, बल्कि मैदान पर कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ को रणनीतिक सलाह देने के लिए भी उपलब्ध रहेंगे। टीम प्रबंधन का मानना है कि केकेआर जैसी मजबूत टीम के खिलाफ धोनी की उपस्थिति मानसिक रूप से टीम को मजबूती प्रदान करेगी।
धोनी की अनुपस्थिति में चेन्नई सुपर किंग्स का प्रदर्शन
आईपीएल 2026 के शुरुआती चरण में चेन्नई सुपर किंग्स का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। टीम ने अपने पहले 3 मुकाबले गंवा दिए हैं और अंक तालिका में निचले पायदान पर संघर्ष कर रही है। धोनी की अनुपस्थिति में टीम का मध्यक्रम और फिनिशिंग विभाग कमजोर नजर आया है। विशेष रूप से दबाव की स्थितियों में टीम के पास अनुभव की कमी खली है। पिछले मैचों में देखा गया कि अंतिम ओवरों में तेजी से रन बनाने की क्षमता में गिरावट आई है, जिसे धोनी अपनी बल्लेबाजी से पूरा करते रहे हैं। प्रशंसकों और क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि धोनी की मैदान पर वापसी से टीम के मनोबल में सकारात्मक बदलाव आएगा।
डेवाल्ड ब्रेविस की फिटनेस और टीम संयोजन पर अपडेट
धोनी के साथ-साथ चेन्नई सुपर किंग्स के लिए एक और सकारात्मक खबर युवा दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज डेवाल्ड ब्रेविस को लेकर आई है और ब्रेविस साइड स्ट्रेन की समस्या के कारण शुरुआती तीन मैचों से बाहर रहे थे। उनकी रिकवरी की गति काफी तेज रही है और उन्होंने स्वयं पुष्टि की है कि वे 11 अप्रैल को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ चयन के लिए उपलब्ध रहेंगे। ब्रेविस की वापसी से सीएसके के शीर्ष क्रम को मजबूती मिलेगी। टीम प्रबंधन अब धोनी और ब्रेविस दोनों को प्लेइंग इलेवन में शामिल करने के लिए नए संयोजन पर विचार कर रहा है, ताकि बल्लेबाजी की गहराई को बढ़ाया जा सके।
चेपॉक में अभ्यास सत्र और आगामी मैचों की तैयारी
चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में धोनी के अभ्यास सत्रों को देखने के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक पहुंच रहे हैं। धोनी ने हाल ही में नेट्स में स्पिनरों और तेज गेंदबाजों के खिलाफ लंबी बल्लेबाजी की है। उन्होंने विशेष रूप से डेथ ओवरों में बड़े शॉट खेलने का अभ्यास किया है। टीम के मुख्य कोच स्टीफन फ्लेमिंग धोनी की प्रगति पर निरंतर नजर बनाए हुए हैं। आगामी मैचों के लिए टीम की रणनीति अब धोनी की उपलब्धता के इर्द-गिर्द बुनी जा रही है। 14 अप्रैल के मैच के बाद चेन्नई को लगातार कई महत्वपूर्ण मुकाबले खेलने हैं, जिनमें धोनी की भूमिका निर्णायक होने की उम्मीद है।
