30 सेकेंड, 30 से ज्यादा नेता, 30 टन के 30 बम… कैसे खत्म हुआ खामनेई का कुनबा?

ईरान पर अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमले में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई और उनके परिवार के कई सदस्यों की मौत हो गई है। रिपोर्टों के अनुसार, शुरुआती 30 सेकंड के हमले में 30 प्रमुख नेताओं को निशाना बनाया गया। इस सैन्य कार्रवाई में खामेनेई के उत्तराधिकारी मोजतबा खामेनेई भी मारे गए हैं।

ईरान पर शनिवार को इजराइल और अमेरिका द्वारा किए गए एक बड़े संयुक्त सैन्य हमले में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई और उनके परिवार के कई सदस्यों की मौत हो गई है। आधिकारिक रिपोर्टों और अंतरराष्ट्रीय मीडिया के अनुसार, यह हमला अत्यंत सुनियोजित था, जिसमें ईरान के तीन प्रमुख शहरों को निशाना बनाया गया। इस सैन्य कार्रवाई में न केवल सर्वोच्च नेता, बल्कि शासन के 30 अन्य प्रमुख नेता और सैन्य कमांडर भी मारे गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले के प्राथमिक लक्ष्यों की पुष्टि की है।

इस हमले की तीव्रता और गति को लेकर कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि शुरुआती हमले महज 30 सेकंड के भीतर किए गए थे, जिसमें ईरान के रणनीतिक ठिकानों को ध्वस्त कर दिया गया। सैन्य सूत्रों के अनुसार, इस ऑपरेशन में 30 अलग-अलग स्थानों को लक्षित किया गया था और हमले में उपयोग किए गए बमों का कुल वजन लगभग 30 टन बताया जा रहा है।

30 सेकंड में 30 रणनीतिक ठिकानों पर प्रहार

सैन्य अधिकारियों के अनुसार, इजराइल और अमेरिका ने इस हमले को 'सर्जिकल प्रिसिजन' के साथ अंजाम दिया और हमले के पहले 30 सेकंड के भीतर ही ईरान के रक्षा तंत्र को पंगु बना दिया गया। इन हमलों में तेहरान सहित तीन बड़े शहरों के सैन्य मुख्यालयों और संचार केंद्रों को निशाना बनाया गया। रिपोर्टों के मुताबिक, इस दौरान ईरान के 30 सबसे प्रभावशाली राजनीतिक और सैन्य चेहरों को एक साथ खत्म करने की रणनीति अपनाई गई थी।

खामेनेई के कंपाउंड पर 30 टन बमबारी

सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई जिस कंपाउंड में ठहरे हुए थे, उसे पूरी तरह मलबे में तब्दील कर दिया गया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस विशेष परिसर पर लगभग 30 बम गिराए गए। इजराइली मीडिया चैनल 12 की रिपोर्ट के मुताबिक, खामेनेई हमले के समय एक भूमिगत बंकर में मौजूद थे, लेकिन वह उन विशेष गहरे बंकरों में नहीं थे जो अमेरिकी बंकर-बस्टर बमों का सामना करने में सक्षम होते हैं। इस भारी बमबारी में खामेनेई के साथ उनकी बेटी, पोता, दामाद और बहू की भी मौत हो गई है।

उत्तराधिकारी मोजतबा खामेनेई की मौत और नेतृत्व संकट

द टाइम्स ऑफ इजराइल की रिपोर्ट के अनुसार, इस हमले में अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई भी मारे गए हैं। मोजतबा को लंबे समय से ईरान के अगले सुप्रीम लीडर के रूप में देखा जा रहा था और माना जा रहा था कि वह अपने पिता के उत्तराधिकारी बनेंगे। उनकी मृत्यु के बाद ईरान के शीर्ष नेतृत्व में एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है। ईरानी अधिकारियों ने रविवार सुबह आधिकारिक तौर पर इन मौतों की पुष्टि की, जिससे देश में शोक और अनिश्चितता का माहौल है।

हमले से ठीक पहले की गतिविधियां और सुरक्षा चूक

खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, हमले शुरू होने से कुछ समय पहले तक सुप्रीम लीडर अपने नियमित कार्यों में व्यस्त थे। उन्होंने एक सुरक्षित स्थान पर अपने करीबी सहयोगी अली शमखानी और सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारीजानी के साथ बैठक की थी। हालांकि, इस बैठक के तुरंत बाद ही हवाई हमले शुरू हो गए। विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला ईरान के सुरक्षा घेरे में एक बड़ी सेंध को दर्शाता है, क्योंकि हमलावरों को खामेनेई की सटीक लोकेशन की जानकारी थी।

ईरान के सैन्य ढांचे पर हमले का प्रभाव

इस हमले में केवल राजनीतिक नेतृत्व ही नहीं, बल्कि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के कई वरिष्ठ कमांडर भी मारे गए हैं और 30 प्रमुख नेताओं की एक साथ मौत ने ईरान की सैन्य कमान और नियंत्रण प्रणाली को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। मलबे के नीचे दबे शवों को निकालने का कार्य जारी है और पूरे देश में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस घटनाक्रम को मध्य पूर्व में एक बड़े बदलाव के रूप में देख रहा है।