रणवीर सिंह की हिट फिल्म पर टेक दिग्गज का वार, ‘धुरंधर’ को रिजेक्ट करने की कही बात

हॉटमेल के सह-संस्थापक सबीर भाटिया ने रणवीर सिंह की फिल्म 'धुरंधर' की कड़ी आलोचना करते हुए इसे 'घटिया' बताया है। भाटिया के अनुसार, आदित्य धर द्वारा निर्देशित यह फिल्म नफरत और बदले की भावना को बढ़ावा देती है और इसमें रचनात्मकता का अभाव है।

हॉटमेल के सह-संस्थापक सबीर भाटिया ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर रणवीर सिंह की फिल्म 'धुरंधर' की कड़ी आलोचना की है। भाटिया ने फिल्म को 'घटिया' (disgusting) करार देते हुए कहा कि यह मनोरंजन के नाम पर नफरत और बदले की भावना का प्रसार कर रही है। उनके अनुसार, फिल्म की कहानी में तार्किक गहराई की कमी है और यह दर्शकों को केवल उत्तेजित करने का प्रयास करती है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब फिल्म बॉक्स ऑफिस और ओटीटी प्लेटफॉर्म पर सफल प्रदर्शन कर रही है।

फिल्म की पृष्ठभूमि और सफलता

आदित्य धर के निर्देशन में बनी फिल्म 'धुरंधर' 5 दिसंबर, 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। इस फिल्म में रणवीर सिंह मुख्य भूमिका में हैं और इसे एक बड़े बजट की एक्शन-थ्रिलर के रूप में पेश किया गया था। रिलीज के बाद से ही फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई की और दर्शकों के एक बड़े वर्ग ने इसकी कहानी और अभिनय की सराहना की। थिएटर के बाद ओटीटी पर रिलीज होने पर भी यह फिल्म लंबे समय तक टॉप रैंकिंग में बनी रही। हालांकि, सबीर भाटिया के हालिया बयान ने फिल्म की विषयवस्तु पर एक नई बहस छेड़ दी है।

नफरत और बदले के संदेश पर आपत्ति

सबीर भाटिया ने अपने वीडियो संदेश में स्पष्ट किया कि फिल्म की कहानी मुख्य रूप से बदले की भावना के इर्द-गिर्द घूमती है। उन्होंने कहा कि फिल्म में दिखाए गए दृश्य और संवाद नफरत का संदेश देते हैं, जो समाज के लिए हानिकारक हो सकते हैं। भाटिया के अनुसार, फिल्म केवल भावनात्मक प्रतिक्रिया पैदा करने के लिए बनाई गई है और इसमें सोचने-समझने वाली कोई विशेष बात नजर नहीं आती। उन्होंने आरोप लगाया कि फिल्म की पटकथा में रचनात्मकता का स्तर शून्य है और यह केवल हिंसा को महिमामंडित करती है।

युवा पीढ़ी और तार्किक सोच पर चिंता

भाटिया ने विशेष रूप से युवा पीढ़ी पर फिल्म के प्रभाव को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि हम नहीं चाहते कि हमारे बच्चे केवल भावनात्मक होकर प्रतिक्रिया दें। उनके अनुसार, नई पीढ़ी को तार्किक और रचनात्मक सोच विकसित करनी चाहिए, जबकि 'धुरंधर' जैसी फिल्में उन्हें उत्तेजित करने का काम करती हैं और उन्होंने दर्शकों से अपील की कि वे ऐसी फिल्मों को नकार दें जो केवल बदले की भावना पर आधारित हों और जिनमें कोई सकारात्मक संदेश न हो।

संस्थानों और देशों के चित्रण पर सवाल

फिल्म की आलोचना करते हुए भाटिया ने यह भी कहा कि 'धुरंधर' पूरे देशों और संस्थानों को एक ही नजरिए से देखती है। उन्होंने तर्क दिया कि व्यक्ति अच्छे या बुरे हो सकते हैं, लेकिन पूरे देश को एक ही श्रेणी में रखना गलत है। भाटिया के अनुसार, फिल्म मानवीय बारीकियों और जटिलताओं को समझने में विफल रही है। उन्होंने बेमतलब की हत्याओं और हिंसा को मनोरंजन का हिस्सा मानने से इनकार कर दिया और कहा कि यह एक खराब सोच को बढ़ावा देने वाला प्रयास है।

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया और चेतावनी

सबीर भाटिया ने अपने वीडियो के कैप्शन में लिखा कि आजकल फिल्में दर्शकों को भावनात्मक रूप से सशक्त बनाने के बजाय उन्हें उत्तेजित करने के लिए बनाई जा रही हैं। उन्होंने लोगों को ऐसी सामग्री के प्रति सावधान रहने की सलाह दी। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर फिल्म के समर्थकों और आलोचकों के बीच बहस शुरू हो गई है। जहां कुछ लोग भाटिया के विचारों से सहमत हैं, वहीं फिल्म के प्रशंसक इसे केवल एक काल्पनिक मनोरंजन के रूप में देखने की बात कह रहे हैं।