ईरान की दो टूक: युद्ध छिड़े या न छिड़े, नहीं बदलेंगी हमारी नीतियां, जानें मुख्य अपडेट

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि युद्ध छिड़े या न छिड़े, उनकी नीतियां नहीं बदलेंगी। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति बदलने का दावा किया है।

मिडिल ईस्ट में एक बार फिर युद्ध की आशंकाओं और गहराते तनाव के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा है कि चाहे कोई और युद्ध छिड़े या न छिड़े, ईरान की नीतियां वैसी ही बनी रहेंगी और उनमें कोई बदलाव नहीं आएगा। उन्होंने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि अमेरिका या कोई अन्य देश दोबारा ईरान पर सैन्य कार्रवाई करने की जरा भी कोशिश करता है, तो यह पूरी तरह से एक अविवेकपूर्ण कदम साबित होगा। ईरानी समाचार एजेंसी आईएसएनए के अनुसार, अराघची ने यह तीखा बयान देश की राजधानी तेहरान में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दिया है।

तेहरान में दिए गए अपने इस संबोधन के दौरान ईरानी विदेश मंत्री ने जोर देकर कहा कि 40 दिनों तक चले भीषण युद्ध के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति अब पहले जैसी बिल्कुल नहीं रहेगी। उन्होंने दावा किया कि इस बड़े संघर्ष ने क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था में बुनियादी और गहरे बदलाव ला दिए हैं और अब पश्चिम एशिया में एक पूरी तरह से नई वास्तविकता स्थापित हो चुकी है। अराघची ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य 40 दिनों के युद्ध से पहले जैसा नहीं रहेगा। उन्होंने इस संघर्ष को क्षेत्रीय इतिहास का एक बेहद निर्णायक मोड़ करार देते हुए कहा कि इस युद्ध ने इस पूरे क्षेत्र की पूरी सुरक्षा व्यवस्था को गहराई से प्रभावित किया है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इस युद्ध का अंत केवल किसी एक मोर्चे तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसका समाधान सभी मोर्चों पर होना चाहिए। उनके इस बयान से साफ संकेत मिलता है कि ईरान इस संघर्ष का समाधान किसी एक हिस्से में नहीं, बल्कि व्यापक स्तर पर चाहता है।

अपने इस आक्रामक रुख के बीच ईरानी विदेश मंत्री ने युद्ध के दौरान अमेरिकी सैन्य नुकसान को लेकर भी एक बहुत बड़ा दावा पेश किया। उनके मुताबिक, ईरानी सशस्त्र बलों ने इस संघर्ष के दौरान अस्सी से अधिक अमेरिकी विमानों और अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया। उन्होंने यह गंभीर आरोप भी लगाया कि इनमें से लगभग सभी विमानों को जमीन पर खड़े रहते हुए ही सटीक मिसाइलों से निशाना बनाया गया था। ईरानी विदेश मंत्री ने आगे दावा किया कि इस क्षेत्र में अमेरिका के लगभग सभी सैन्य ठिका पूरी तरह से तबाह हो चुके हैं और वहां मौजूद सैकड़ों इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा है।

दूसरी तरफ, अमेरिका की ओर से भी लगातार तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को स्पष्ट संकेत दिया कि ईरान के खिलाफ जल्द ही नई सैन्य कार्रवाई की संभावना से बिल्कुल इनकार नहीं किया जा सकता है और फ्लोरिडा में अपना मतदान करने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए जब उनसे यह सीधा सवाल पूछा गया कि क्या अमेरिका एक बार फिर ईरान पर हमला कर सकता है, तो इसके जवाब में ट्रंप ने कहा कि क्या आपको सच में ऐसा लगता है कि मैं आपको यह बात अभी बता दूंगा? शायद कल.. और इसकी पूरी संभावना है। उन्होंने यह भी कहा कि यह पूरी तरह संभव है कि हमारे बीच एक अच्छा, बड़ा और शानदार समझौता हो जाए।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान इस समय समझौता करने के लिए पूरी तरह उत्सुक है, लेकिन उनके सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या तेहरान उस समझौते का ईमानदारी से पालन भी करेगा या नहीं। इसके साथ ही उन्होंने पश्चिम एशिया में चल रहे अमेरिकी सैन्य अभियान का पुरजोर बचाव किया और अमेरिकी नौसेना तथा सेना की जमकर तारीफ की। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के दौरान ईरान के सभी लड़ाकू विमानों को पूरी तरह निष्क्रिय कर दिया गया है और उनके दो सौ उनसठ जहाज समुद्र में डूब चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने ईरान की जर्जर अर्थव्यवस्था का जिक्र करते हुए वहां वर्तमान में रिकॉर्ड तोड़ महंगाई होने की बात भी कही।

इस बीच, ईरान की ओर से उन तमाम खबरों को सिरे से खारिज कर दिया गया है जिनमें होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोले जाने के बदले अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को हटाने से जुड़े किसी कथित प्रस्ताव की बात कही जा रही थी। ईरान के शक्तिशाली रिवोल्यूशनरी गार्ड्स यानी आईआरजीसी से संबद्ध समाचार एजेंसी तस्नीम के अनुसार, ईरान ने पाकिस्तानी मध्यस्थों के सामने ऐसा कोई भी नया प्रस्ताव पेश नहीं किया है। इस रिपोर्ट में विश्वनीय सूत्रों के हवाले से यह बात कही गई कि सऊदी अरब के एक प्रमुख मीडिया संस्थान द्वारा प्रकाशित वह खबर पूरी तरह झूठ और मनगढ़ंत कहानी है, जिसमें यह दावा किया गया था कि तेहरान ने पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका को ऐसा कोई प्रस्ताव भेजा है।

इससे पहले मीडिया में ऐसी खबरें सामने आई थीं कि ईरान ने अमेरिका के सामने होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के बदले अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को हटाने का एक बड़ा प्रस्ताव रखा है और ईरानी समाचार चैनल प्रेस टीवी के अनुसार, तस्नीम से बात करने वाले आधिकारिक सूत्रों ने इस रिपोर्ट को सिरे से खारिज करते हुए इसे गलत बताया है। मौजूदा समय में ईरान और अमेरिका के बीच एक तरफ जहां सैन्य कार्रवाई की चेतावनियों का दौर लगातार जारी है, वहीं दूसरी तरफ संभावित समझौतों को लेकर भी लगातार विरोधाभासी बयान सामने आ रहे हैं और ऐसे हालात में होर्मुज जलडमरूमध्य और पूरे पश्चिम एशिया की संवेदनशील सुरक्षा स्थिति आने वाले दिनों में क्षेत्रीय और वैश्विक तनाव का सबसे अहम केंद्र बनी रह सकती है।