ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपनी परमाणु नीति और संसाधनों को लेकर किसी भी बाहरी दबाव या मध्यस्थता के आगे झुकने वाला नहीं है। ईरान के चीफ सिक्योरिटी चीफ मोहसिन रेजाई ने पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर को कड़ा संदेश देते हुए दो टूक शब्दों में सुना दिया है कि ईरान से एक ग्राम भी यूरेनियम देश के बाहर नहीं जाएगा। यह घटनाक्रम तब सामने आया है जब पाकिस्तान के सेना प्रमुख अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता बहाल कराने की कोशिशों के तहत तेहरान पहुंचे थे और अमेरिका की पैरवी कर रहे थे। ईरान के इस सख्त रुख ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में एक नया मोड़ ला दिया है, जहां तेहरान ने अपनी शर्तों पर अडिग रहने का संदेश दिया है।
पाकिस्तान की मध्यस्थता की कोशिश और ईरान का कड़ा रुख
पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसीम मुनीर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को कम करने तथा शांति वार्ता बहाल करने की कोशिश के तहत तेहरान पहुंचे थे। पाकिस्तान की इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य अमेरिका के हितों और उसकी मध्यस्थता के प्रस्तावों को ईरान के समक्ष रखना था। हालांकि, ईरान ने अमेरिकी पैरवी करने आए पाकिस्तान को बेहद स्पष्ट और दो टूक शब्दों में अपनी स्थिति से अवगत करा दिया। ईरान के सिक्योरिटी चीफ मोहसिन रेजाई ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख के साथ हुई बातचीत में साफ कर दिया कि तेहरान अमेरिका की किसी भी बात को तब तक तवज्जो नहीं देगा जब तक अमेरिका उसकी सभी मांगे पूरी नहीं करता है। रेजाई ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि जब तक यह शर्तें पूरी नहीं होती हैं, तब तक ईरान अमेरिका के साथ किसी भी प्रकार की बातचीत में शामिल नहीं होगा।
एक ग्राम यूरेनियम भी देश से बाहर नहीं भेजने का संकल्प
ईरान के सरकारी टीवी के अनुसार, मोहसिन रेजाई ने मंगलवार को पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर के साथ हुई उच्चस्तरीय बातचीत के दौरान यह बात कही और रेजाई ने कड़े शब्दों में कहा कि ईरान अपना एक ग्राम यूरेनियम भी देश के बाहर नहीं भेजेगा। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, देश की परमाणु सामग्री और यूरेनियम ईरानी लोगों के लिए एक बहुत बड़ी संपत्ति और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संपदा है। ईरान का यह स्पष्ट मानना है कि इस अमूल्य राष्ट्रीय संपदा का इस्तेमाल देश के भीतर ही किया जाना चाहिए, न कि किसी विदेशी दबाव या समझौते के तहत इसे देश की सीमाओं से बाहर भेजा जाए। ईरान की इस दो टूक घोषणा ने अमेरिका और उसके सहयोगियों की रणनीतिक उम्मीदों को करारा झटका दिया है।
सोशल मीडिया पर भी दोहराया गया ईरान का कड़ा संदेश
ईरान के सिक्योरिटी चीफ मोहसिन रेजाई ने अपनी इस आधिकारिक स्थिति को केवल बंद कमरों की बैठकों तक ही सीमित नहीं रखा, बल्कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए भी इस बात को पूरी दृढ़ता के साथ दोहराया। रेजाई के इस बयान ने यह साबित कर दिया है कि ईरान अपनी संप्रभुता और परमाणु संपत्तियों के मामले में पूरी तरह से स्वतंत्र निर्णय ले रहा है और वह किसी भी विदेशी मध्यस्थता या अमेरिकी दबाव के आगे झुकने वाला नहीं है और पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर की यह कूटनीतिक पहल ईरान के इस अडिग और कड़े रुख के सामने पूरी तरह से निष्प्रभावी साबित हुई है, जिससे क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
