28 फरवरी 2025 को शुरू हुए संघर्ष के 15वें दिन ईरान ने अपनी सैन्य और कूटनीतिक रणनीतियों में बड़े बदलाव किए हैं। युद्ध के शुरुआती चरण में भारी बमबारी और शीर्ष नेतृत्व के नुकसान के बाद, तेहरान ने अब एक ऐसी रक्षात्मक और आक्रामक नीति अपनाई है जिसने अमेरिकी और इजराइली सैन्य योजनाओं के सामने नई चुनौतियां पेश कर दी हैं। आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, शुरुआती हमलों में ईरान का एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह ध्वस्त हो गया था और सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई सहित 40 शीर्ष कमांडर मारे गए थे। हालांकि, इसके बावजूद ईरान ने युद्ध के मैदान में अपनी पकड़ फिर से मजबूत करने का दावा किया है।
युद्ध की शुरुआत में अमेरिकी और इजराइली वायुसेना ने ईरान के कई महत्वपूर्ण सैन्य और राजनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया था। 28 फरवरी को हुए हमलों में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के प्रमुख मोहम्मद पाकपूर और सुरक्षा सलाहकार अली शमखानी की भी मृत्यु हो गई थी। इन बड़े झटकों के बाद यह माना जा रहा था कि ईरान का सैन्य ढांचा पूरी तरह चरमरा जाएगा, लेकिन 15 दिनों के भीतर ईरान ने अपनी रणनीति को विकेंद्रीकृत करके युद्ध की दिशा बदलने का प्रयास किया है। अब अमेरिकी प्रशासन इस स्थिति से निपटने के लिए अपने नाटो सहयोगियों और अन्य वैश्विक शक्तियों से सहयोग की अपेक्षा कर रहा है।
सैन्य शक्ति का विकेंद्रीकरण और मोजेक फॉर्मूला
ईरान ने युद्ध को लंबा खींचने के उद्देश्य से अपनी सेना के भीतर शक्ति का विभाजन किया है, जिसे 'मोजेक फॉर्मूला' का नाम दिया गया है और इस रणनीति के तहत सेना की प्रत्येक इकाई को स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने और ऑपरेशन चलाने के लिए अधिकृत किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य केंद्रीय कमान के नष्ट होने की स्थिति में भी प्रतिरोध को जारी रखना है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे के तबाह होने के बावजूद, ईरान की छोटी सैन्य इकाइयां अब भी सक्रिय हैं। ईरान ने छोटे और आत्मघाती ड्रोनों के माध्यम से क्षेत्रीय ठिकानों को निशाना बनाना शुरू किया है, जिससे युद्ध के और अधिक विस्तार होने की संभावना बढ़ गई है।
होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी और आर्थिक रणनीति
ईरान ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की घेराबंदी तेज कर दी है। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग में बारूदी सुरंगें बिछा दी हैं और थाईलैंड के एक मालवाहक जहाज को रडार पर लेकर इस मार्ग को लगभग अवरुद्ध कर दिया है और होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के तेल व्यापार के लिए सबसे महत्वपूर्ण मार्गों में से एक है। ईरान की इस कार्रवाई से वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित होने का खतरा पैदा हो गया है, जिससे अमेरिका और उसके सहयोगियों पर कूटनीतिक दबाव बढ़ रहा है।
सूचना युद्ध और अंतरराष्ट्रीय मीडिया का उपयोग
ईरान ने अमेरिकी मीडिया संस्थानों को तेहरान में प्रवेश की अनुमति देकर सूचना युद्ध (Information Warfare) के मोर्चे पर भी सक्रियता दिखाई है और अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में ईरान के मिनाब स्कूल जैसे नागरिक क्षेत्रों पर हुए हमलों को प्रमुखता से दिखाया गया है, जहां कथित तौर पर 160 से अधिक बच्चों की मृत्यु हुई है। इन रिपोर्टों के सार्वजनिक होने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिकी सैन्य अभियानों की आलोचना शुरू हो गई है। ईरान इस नैरेटिव को स्थापित करने की कोशिश कर रहा है कि यह युद्ध केवल सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें बड़े पैमाने पर नागरिक हताहत हो रहे हैं।
कूटनीतिक संदेश और क्षेत्रीय ध्रुवीकरण
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची अंतरराष्ट्रीय मीडिया को दिए जा रहे साक्षात्कारों के माध्यम से इस संघर्ष को 'ईरान बनाम इजराइल' के रूप में पेश कर रहे हैं। ईरान की कूटनीतिक रणनीति यह संदेश देने की है कि अमेरिका केवल इजराइल के हितों के लिए अपने सैनिकों और संसाधनों का उपयोग कर रहा है। अराघची ने अपने बयानों में स्पष्ट किया है कि ईरान केवल अपनी संप्रभुता की रक्षा कर रहा है। इस संदेश के जरिए ईरान मुस्लिम देशों और वैश्विक समुदाय के बीच अमेरिका की भूमिका पर सवाल उठा रहा है, जिससे वाशिंगटन के लिए क्षेत्रीय समर्थन जुटाना कठिन हो रहा है।
घरेलू स्थिरता और तख्तापलट के प्रयासों की विफलता
सुप्रीम लीडर की हत्या के बाद अमेरिका और इजराइल को यह अपेक्षा थी कि ईरान के भीतर व्यापक नागरिक विद्रोह होगा और तख्तापलट की स्थिति बनेगी। हालांकि, जमीनी रिपोर्टों के अनुसार, ईरान के भीतर ऐसा कोई बड़ा विद्रोह देखने को नहीं मिला है। अमेरिका ने ईरान को अस्थिर करने के लिए कुर्द समूहों से भी संपर्क साधने का प्रयास किया था, लेकिन ईरानी सुरक्षा बलों ने इन योजनाओं को विफल करने का दावा किया है। वर्तमान में स्थिति यह है कि अमेरिका को इस गतिरोध को तोड़ने के लिए चीन और नाटो जैसे बाहरी पक्षों की सहायता की आवश्यकता महसूस हो रही है।
