ट्रंप का यूरेनियम समझौता दावा गलत, ईरान ने दी होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने की चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को ईरान ने सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने कहा था कि तेहरान अपना समृद्ध यूरेनियम भंडार सौंपने पर सहमत हो गया है। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने ट्रंप के बयानों को झूठा करार देते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने की चेतावनी दी है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि लगभग छह हफ्ते के संघर्ष के बाद अमेरिका और ईरान एक समझौते के करीब पहुंच गए हैं। व्हाइट हाउस में बोलते हुए उन्होंने दावा किया था कि तेहरान अपने समृद्ध यूरेनियम भंडार को सौंपने पर सहमत हो गया है। हालांकि, ईरान ने यूरेनियम को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है। ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि ट्रंप ने गलत बयान दिए हैं। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने एक घंटे में 7 दावे किए और वे सातों ही झूठे हैं। गालिबाफ ने यह भी स्पष्ट किया कि बातचीत के माध्यम से अमेरिका को कुछ भी हासिल नहीं होगा।

ईरानी स्पीकर का पलटवार और होर्मुज पर चेतावनी

ईरानी स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए ट्रंप के दावों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि अमेरिका के राष्ट्रपति ने एक घंटे में सात दावे किए और वे सभी असत्य हैं। गालिबाफ के अनुसार, इन झूठ के सहारे अमेरिका युद्ध नहीं जीत पाया और बातचीत में भी उन्हें निश्चित रूप से कोई सफलता नहीं मिलेगी। इसके साथ ही, ईरानी संसद के स्पीकर ने एक बड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ईरान की नाकाबंदी जारी रहती है, तो तेहरान होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद कर देगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि नाकाबंदी की स्थिति में होर्मुज खुला नहीं रहेगा और इस जलमार्ग से गुजरना पूरी तरह से ईरानी अनुमति पर निर्भर करेगा।

मुख्य बिंदु और महत्वपूर्ण तथ्य

ट्रंप के दावे और ईरानी सूत्रों का खंडन

व्हाइट हाउस में ट्रंप ने कहा था कि तेहरान ने अपने परमाणु मैटेरियल वापस देने पर सहमति जताई है। उनका इशारा समृद्ध यूरेनियम की ओर था, जिसका उपयोग परमाणु हथियार बनाने में किया जा सकता है। ट्रंप ने यह भी कहा कि समझौते के अंतिम रूप दिए जाने की बहुत अच्छी संभावना है और यदि इस्लामाबाद में समझौता होता है, तो वे वहां की यात्रा भी कर सकते हैं। हालांकि, ईरानी सूत्रों ने बताया कि अभी तक ऐसी कोई बातचीत नहीं हुई है। एक सूत्र ने कहा कि अमेरिका को किसी भी प्रकार की न्यूक्लियर सामग्री देने पर कोई चर्चा नहीं हुई है। एक अन्य ईरानी सूत्र ने ट्रंप के दावे को 'एक और झूठ' बताते हुए कहा कि चल रही बातचीत में कोई खास प्रगति नहीं हुई है और वार्ता का जारी रहना ईरान की सभी शर्तों के अनुपालन पर निर्भर करेगा।

परमाणु प्रतिबंधों पर अमेरिका का सख्त रुख

अमेरिकी राष्ट्रपति ने दोहराया कि किसी भी समझौते में यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि ईरान किसी भी परिस्थिति में परमाणु हथियार हासिल न कर सके। ट्रंप ने यूरेनियम संवर्धन पर केवल समयबद्ध रोक लगाने के विचार को खारिज कर दिया और जोर दिया कि ये प्रतिबंध स्थायी होने चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान को परमाणु हथियार बनाने से नहीं रोका गया, तो इसके गंभीर वैश्विक परिणाम होंगे और ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान ने इन शर्तों पर बहुत दृढ़ता से सहमति जताई है और हाल की वार्ताओं में तेहरान पहले की तुलना में अधिक लचीला दिखाई दिया है।

विदेश मंत्रालय का बयान और कूटनीतिक गतिरोध

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने ट्रंप की टिप्पणियों के विपरीत स्पष्ट किया कि ईरान अपना एनरिच्ड यूरेनियम विदेश नहीं भेजेगा। सरकारी मीडिया को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि अमेरिका को यूरेनियम भेजना ईरान के लिए कोई विकल्प नहीं है। ईरानी सूत्रों ने संकेत दिया कि वार्ता अभी भी अधूरी है और अंतिम समझौते से बहुत दूर है। उन्होंने कहा कि परमाणु सामग्री हस्तांतरण जैसे प्रमुख मुद्दों पर कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है और वाशिंगटन के बयान समय से पहले हो सकते हैं। सूत्रों ने जोर दिया कि ईरान का रुख सशर्त बना हुआ है और कोई भी प्रगति अमेरिका द्वारा तेहरान की शर्तों को पूरा करने पर निर्भर है, जिन्हें अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। ये विरोधाभासी बयान दोनों देशों के बीच कूटनीति की नाजुक स्थिति को दर्शाते हैं।