ईरान युद्ध के 100 दिन: इन 10 शेयरों में भारी गिरावट, आधी रह गई कीमत

ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच जारी युद्ध के 100 दिनों में भारतीय शेयर बाजार को बड़ा झटका लगा है। टाटा मोटर्स, आईडीबीआई बैंक और राजेश एक्सपोर्ट्स जैसे प्रमुख शेयरों में 30 से 50 प्रतिशत तक की गिरावट आई है, जबकि निफ्टी 50 में 7 प्रतिशत से अधिक की कमी दर्ज की गई है।

मध्य पूर्व में ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच छिड़े संघर्ष को 100 दिन पूरे हो चुके हैं। इस युद्ध का वैश्विक अर्थव्यवस्था और वित्तीय बाजारों पर गहरा प्रभाव पड़ा है, जिससे भारतीय शेयर बाजार भी अछूता नहीं रहा है। पिछले 100 दिनों के दौरान निवेशकों को भारी उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा है और निफ्टी 50 इंडेक्स में 7 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। युद्ध के कारण पैदा हुई अनिश्चितता ने कई प्रमुख कंपनियों के शेयरों को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिससे निवेशकों की बड़ी मात्रा में पूंजी डूब गई है। हालांकि बीच-बीच में शांति समझौतों की खबरों से बाजार को कुछ सहारा मिला, लेकिन कुल मिलाकर बिकवाली का दबाव हावी रहा है।

प्रमुख कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट

टाटा मोटर्स के शेयरों में, विशेष रूप से इसके कमर्शियल व्हीकल बिजनेस से जुड़े सेगमेंट में मार्च की शुरुआत से लगभग 30 प्रतिशत की गिरावट आई है। इस गिरावट के कारण कंपनी के मार्केट कैप में 50,129 करोड़ रुपये से अधिक की कमी आई है। मई के महीने में ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने इस शेयर की रेटिंग को 'बाय' से घटाकर 'न्यूट्रल' कर दिया था और इसके टारगेट प्राइस को भी लगभग 27 प्रतिशत कम करके 402 रुपये प्रति शेयर कर दिया था। ब्रोकरेज का मानना है कि पश्चिम एशिया के संकट, ईंधन की बढ़ती कीमतों और कच्चे माल की महंगी लागत के कारण कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव बढ़ सकता है।

मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों का हाल

एक्विलॉन नेक्सस के शेयरों में युद्ध शुरू होने के बाद से लगभग 50 प्रतिशत की भारी गिरावट देखी गई है। इससे कंपनी के मार्केट कैप में 1,523 करोड़ रुपये से अधिक की कमी आई है। यह कंपनी न्यूक्लियर क्लीन एनर्जी पर आधारित हाई-परफॉर्मेंस टेक्नोलॉजी सिस्टम बनाने का काम करती है। इसके न्यूक्लियर-पावर्ड डेटा सेंटर लगातार और लो-कार्बन कंप्यूटिंग सुविधा देते हैं। वर्ष 2026 में अब तक इस शेयर में करीब 64 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है। इसी तरह, हाल ही में लिस्ट हुई वेकफिट इनोवेशन के शेयर भी मार्च की शुरुआत से लगभग 38 प्रतिशत टूट चुके हैं, जिससे कंपनी के मार्केट कैप से 2,260 करोड़ रुपये कम हो गए हैं। पिछले एक हफ्ते में ही इस शेयर में 6 प्रतिशत की गिरावट आई है।

बैंकिंग और इलेक्ट्रिकल सेक्टर पर दबाव

आईडीबीआई बैंक के शेयरों में मार्च की शुरुआत से 37 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे बैंक के मार्केट कैप में 46,160 करोड़ रुपये की कमी आई है। यह गिरावट मुख्य रूप से उन खबरों के बाद आई जिनमें कहा गया था कि सरकार बैंक की विनिवेश प्रक्रिया को रोकने और पहले मिली बोलियों को रद्द करने पर विचार कर रही है। हालांकि बाद में निजीकरण की प्रक्रिया को फिर से शुरू करने की खबरें भी आईं, लेकिन शेयर पर दबाव बना रहा। वंडर इलेक्ट्रिकल्स के शेयरों में भी मार्च की शुरुआत से 33 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है, जिससे कंपनी का मार्केट कैप करीब 625 करोड़ रुपये घट गया। हालांकि लंबी अवधि में इस शेयर ने तीन साल में करीब 292 प्रतिशत का रिटर्न दिया है।

शिक्षा और निर्यात क्षेत्र में बिकवाली

एनआईआईटी लर्निंग सिस्टम्स के शेयरों में युद्ध शुरू होने के बाद से 32 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है, जिससे कंपनी के मार्केट कैप में लगभग 1,497 करोड़ रुपये की कमी आई। यह शेयर पिछले एक महीने में करीब 30 प्रतिशत, 2026 में अब तक 44 प्रतिशत और एक साल में 37 प्रतिशत गिर चुका है। राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयरों में भी मार्च की शुरुआत से 31 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई है। बाजार नियामक सेबी द्वारा कंपनी और उसके प्रमोटरों के खिलाफ कथित बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ियों को लेकर अंतरिम आदेश जारी करने के बाद बिकवाली और तेज हो गई। सेबी के आदेश के बाद महज तीन ट्रेडिंग सेशन में शेयर 14 प्रतिशत से ज्यादा टूट गया। पिछले तीन वर्षों में इस स्टॉक में 84 प्रतिशत की गिरावट आई है।

ऑटोमोबाइल और रियल्टी सेक्टर की चुनौतियां

अशोक लेलैंड के शेयरों में युद्ध शुरू होने के बाद से 31 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है, जिससे कंपनी के मार्केट कैप में करीब 38,656 करोड़ रुपये की कमी आई है। नोमुरा के मुताबिक ईंधन की ऊंची कीमतें, बढ़ती महंगाई और ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी जैसी चुनौतियां भारत की जीडीपी ग्रोथ को प्रभावित कर सकती हैं। इसका सबसे ज्यादा असर मीडियम और हेवी कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट पर पड़ सकता है। फिनो पेमेंट्स बैंक के शेयरों में भी मार्च की शुरुआत से करीब 31 प्रतिशत की गिरावट आई है, और 2026 में अब तक यह शेयर करीब 50 प्रतिशत नीचे है। सनटेक रियल्टी के शेयरों में भी लगभग 30 प्रतिशत की गिरावट आई है, जिससे कंपनी के मार्केट कैप में लगभग 1,745 करोड़ रुपये की कमी आई है।