ईशान किशन ने एक बार फिर क्रिकेट के मैदान पर अपना जलवा बिखेरते हुए दलीप ट्रॉफी के फाइनल में एक धमाकेदार दोहरा शतक जड़ दिया है। ईस्ट जोन की कप्तानी करते हुए ईशान किशन ने साउथ जोन के खिलाफ जबरदस्त बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया और अपनी टीम को एक बेहद मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया है। यह दलीप ट्रॉफी के इतिहास में ईशान किशन का पहला दोहरा शतक है। हालांकि, वह इससे पहले अंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय क्रिकेट में भी दोहरा शतक लगाने का कारनामा कर चुके हैं, लेकिन प्रथम श्रेणी क्रिकेट में इस तरह की पारी उनके करियर के लिए बेहद खास है। उनकी इस पारी ने न केवल टीम को मजबूती दी है, बल्कि घरेलू क्रिकेट में उनके कद को और भी ऊंचा कर दिया है।
दलीप ट्रॉफी फाइनल में ईस्ट जोन का दबदबा
दलीप ट्रॉफी का फाइनल मुकाबला इस समय ईस्ट जोन और साउथ जोन की टीमों के बीच खेला जा रहा है और इस महत्वपूर्ण मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए ईस्ट जोन ने अपनी स्थिति काफी मजबूत कर ली है और टीम का स्कोर 550 के पार पहुंच गया है। इस विशाल स्कोर की नींव कप्तान ईशान किशन के शानदार दोहरे शतक ने रखी। ईशान ने अपनी पारी की शुरुआत संभलकर की और पहले अपना शतक पूरा किया। इसके बाद उन्होंने अपनी बल्लेबाजी की गति बढ़ाई और देखते ही देखते 150 रनों का आंकड़ा पार कर लिया। अंततः वह अपना दोहरा शतक पूरा करने में सफल रहे, जो उनके प्रथम श्रेणी क्रिकेट करियर की एक यादगार पारी बन गई है।
पारी का सांख्यिकीय विवरण
ईशान किशन की यह पारी न केवल लंबी थी, बल्कि काफी आक्रामक भी रही। उन्होंने केवल 270 गेंदों का सामना करते हुए अपना दोहरा शतक पूरा किया। अपनी इस मैराथन पारी के दौरान उन्होंने 26 चौके और 2 शानदार छक्के लगाए। विशेष बात यह रही कि उन्होंने चौका जड़कर ही अपनी डबल सेंचुरी पूरी की, जो उनके आत्मविश्वास को दर्शाता है। इस दोहरे शतक के साथ ही वह ईस्ट जोन के लिए दलीप ट्रॉफी में दोहरा शतक लगाने वाले तीसरे बल्लेबाज बन गए हैं। उनसे पहले ईस्ट जोन के लिए अरुण लाल ने दो बार और सबा करीब ने एक बार दोहरा शतक लगाने की उपलब्धि हासिल की थी और ईशान अब इन दिग्गजों की सूची में शामिल हो गए हैं।
अंशुमान गायकवाड का 39 साल पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त
ईशान किशन की इस पारी की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि उन्होंने एक कप्तान के तौर पर यह कारनामा किया है। दलीप ट्रॉफी के फाइनल में कप्तान के रूप में सबसे बड़ी पारी खेलने का रिकॉर्ड अब ईशान किशन के नाम हो गया है और उन्होंने करीब 39 साल पुराने अंशुमान गायकवाड के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। साल 1987 में अंशुमान गायकवाड ने दलीप ट्रॉफी के फाइनल में कप्तान के तौर पर 216 रनों की पारी खेली थी। अब ईशान किशन ने उस आंकड़े को पीछे छोड़ते हुए इतिहास रच दिया है। यह रिकॉर्ड टूटना भारतीय घरेलू क्रिकेट के लिए एक बड़ी घटना है और यह दर्शाता है कि ईशान दबाव में भी बेहतरीन प्रदर्शन करने की क्षमता रखते हैं।
दलीप ट्रॉफी में बड़े स्कोर का इतिहास
दलीप ट्रॉफी के इतिहास पर नजर डालें तो अब तक केवल दो ही बल्लेबाज ऐसे हुए हैं जिन्होंने 300 रनों का आंकड़ा पार किया है। रमन लांबा ने इस टूर्नामेंट में 320 रनों की विशाल पारी खेली थी, जबकि गगन खोड़ा ने पूरे 300 रन बनाए थे। इन दोनों दिग्गजों के अलावा और कोई भी बल्लेबाज अब तक दलीप ट्रॉफी में तिहरा शतक नहीं लगा पाया है और ईशान किशन का यह दोहरा शतक अब इस टूर्नामेंट की सबसे यादगार पारियों में गिना जाएगा, खासकर इसलिए क्योंकि यह फाइनल जैसे बड़े मंच पर और कप्तानी की जिम्मेदारी निभाते हुए आया है। उनकी इस उपलब्धि ने दलीप ट्रॉफी के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।
