जयपुर में शिक्षकों का धरना समाप्त: मदन दिलावर ने दिया ट्रांसफर नीति का आश्वासन

जयपुर के शहीद स्मारक पर तबादले की मांग को लेकर डटे थर्ड ग्रेड शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के आश्वासन के बाद अपना धरना खत्म कर दिया है।

राजस्थान की राजधानी जयपुर के शहीद स्मारक पर पिछले कुछ समय से चल रहा थर्ड ग्रेड शिक्षकों का धरना प्रदर्शन गुरुवार को आधिकारिक रूप से समाप्त हो गया है। यह निर्णय शिक्षा मंत्री मदन दिलावर द्वारा दिए गए उस आश्वासन के बाद लिया गया है, जिसमें उन्होंने राज्य में जल्द ही एक नई स्थानांतरण नीति लागू करने की बात कही है। तबादले की मांग को लेकर अडिग शिक्षक अब अपने कार्यस्थलों पर लौटने की तैयारी कर रहे हैं, क्योंकि सरकार ने उनकी प्रमुख मांग पर सकारात्मक रुख दिखाया है।

शिक्षा मंत्री और प्रतिनिधिमंडल की वार्ता

धरना खत्म करने का ऐलान उस समय हुआ जब शिक्षकों का एक प्रतिनिधिमंडल शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और शिक्षा सचिव से मुलाकात करने पहुंचा। इस मुलाकात के दौरान शिक्षकों ने अपनी समस्याओं और तबादला नीति की आवश्यकता को विस्तार से रखा और शिक्षा मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी मांगों के प्रति गंभीर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्थान सरकार एक व्यवस्थित ट्रांसफर नीति तैयार कर रही है। मंत्री ने यह भी बताया कि इस नीति को अंतिम रूप देने के लिए मुख्यमंत्री से चर्चा की जाएगी और कैबिनेट की मंजूरी के बाद इसे पूरे राज्य में प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा।

कैबिनेट की मंजूरी के बाद लागू होगी नीति

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने मीडिया से बातचीत में बताया कि शिक्षकों के साथ उनकी बातचीत बहुत ही सकारात्मक रही है और उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए ट्रांसफर नीति बना रही है। इस नीति को जल्द ही मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा और कैबिनेट की औपचारिक मंजूरी मिलते ही इसे लागू कर दिया जाएगा और गौरतलब है कि इससे पहले एनडीटीवी ने भी शिक्षा मंत्री से इस संबंध में सवाल पूछा था, जिस पर उन्होंने स्थानांतरण नीति लाने के संकेत दिए थे। अब मंत्री के इस ठोस आश्वासन के बाद शिक्षकों ने अपना आंदोलन वापस लेने का फैसला किया है।

प्रशासन पर लगे गंभीर आरोप

धरना समाप्त होने से पहले आंदोलन स्थल पर काफी गहमागहमी और तनाव का माहौल देखा गया। शिक्षकों ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि उनके लोकतांत्रिक धरने को जबरदस्ती खत्म करवाने के लिए अनुचित दबाव बनाया जा रहा है। शिक्षकों का कहना था कि धरना स्थल पर बिजली की आपूर्ति काट दी गई थी। इसके साथ ही वहां पानी की व्यवस्था भी रोक दी गई और शौचालयों पर ताले लगा दिए गए। इन परिस्थितियों के कारण वहां मौजूद महिला शिक्षिकाओं को अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। शिक्षकों ने इसे प्रशासन की दमनकारी नीति करार दिया था।

लाठीचार्ज और राष्ट्रगान का घटनाक्रम

बुधवार सुबह से शुरू हुआ यह धरना बुधवार देर शाम उस समय हिंसक मोड़ पर पहुंच गया जब पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ। शिक्षकों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन पर लाठियां चलाईं। जब पुलिस ने लाठीचार्ज किया, तो शिक्षकों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शनों की तर्ज पर जयपुर के शहीद स्मारक पर एक साथ राष्ट्रगान गाना शुरू कर दिया। इस घटनाक्रम के बाद माहौल काफी भावुक और तनावपूर्ण हो गया था। इसके बाद ही देर रात शिक्षकों का प्रतिनिधिमंडल शिक्षा मंत्री से मिलने पहुंचा था।

सरकार का सकारात्मक दृष्टिकोण

मुलाकात के बाद शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने स्पष्ट किया कि सरकार इस पूरे मुद्दे पर सकारात्मक सोच रखती है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं का समाधान करना सरकार की प्राथमिकता है। मंत्री के इस रुख और ट्रांसफर नीति के वादे ने शिक्षकों के बीच विश्वास पैदा किया, जिसके परिणामस्वरूप गुरुवार को धरना समाप्त करने की घोषणा की गई और अब सभी की नजरें आगामी कैबिनेट बैठक पर टिकी हैं, जहां इस नीति को अंतिम रूप दिया जा सकता है।