भारतीयों के बीच गहनों का क्रेज समय के साथ और भी गहरा होता जा रहा है और भले ही सोने की कीमतों ने हाल के दिनों में नई ऊंचाइयों को छू लिया हो, लेकिन पीली धातु के प्रति लोगों का प्रेम कम नहीं हुआ है। इस मांग का सीधा और सकारात्मक असर शेयर बाजार में सूचीबद्ध प्रमुख ज्वेलरी कंपनियों पर दिखाई दे रहा है। पीएनजी ज्वेलर्स, कल्याण ज्वेलर्स, टाइटन और सेनको गोल्ड जैसी चार बड़ी कंपनियों की बिक्री और मुनाफे में शानदार उछाल दर्ज किया गया है और ये कंपनियां न केवल बड़े शहरों में अपनी पकड़ मजबूत कर रही हैं, बल्कि छोटे शहरों से लेकर विदेशों तक नए स्टोर खोल रही हैं, जिससे इनके निवेशकों की भी जबरदस्त कमाई हो रही है।
ज्वेलरी सेक्टर में मांग की चमक
आमतौर पर किसी भी वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही, जो अप्रैल से जून तक होती है, उसे गहनों की खरीदारी के लिहाज से एक सुस्त अवधि माना जाता है। इसके बावजूद, इन दिग्गज कंपनियों के ताजा वित्तीय आंकड़े एक बिल्कुल नई और उत्साहजनक कहानी बयां कर रहे हैं। भारी उपभोक्ता मांग के चलते ज्वेलरी कंपनियों के कारोबार में जबर्दस्त तेजी बनी हुई है। यह तेजी सिर्फ एक संयोग नहीं है, बल्कि इसके पीछे इन कंपनियों की मजबूत विस्तार योजनाएं और शानदार बिजनेस मॉडल हैं। इक्विटीमास्टर की एक रिपोर्ट के अनुसार, ये चार ज्वेलरी स्टॉक्स ऐसे हैं जिनका ग्रोथ प्लान भविष्य के लिए बेहद शानदार नजर आ रहा है। आइए विस्तार से समझते हैं कि इन कंपनियों ने बाजार में अपनी स्थिति कैसे मजबूत की है।
पीएनजी ज्वेलर्स: महाराष्ट्र से राष्ट्रीय स्तर तक का सफर
साल 1832 में अपनी यात्रा शुरू करने वाला पीएनजी ज्वेलर्स आज भारत के सबसे पुराने और भरोसेमंद रिटेल ब्रांड्स में से एक है। पुणे से अपनी शुरुआत करने के बाद इस ब्रांड ने महाराष्ट्र के बाजार में अपनी गहरी पैठ बनाई और अब यह तेजी से पूरे देश में अपने पंख फैला रहा है। पिछले तीन वर्षों के दौरान, कंपनी की बिक्री में 44 दशमलव 4 प्रतिशत और शुद्ध मुनाफे में 46 दशमलव 4 प्रतिशत की वार्षिक दर से बढ़ोतरी हुई है। वित्तीय वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में कंपनी ने 35,443 मिलियन रुपये का भारी राजस्व कमाया, जो पिछले साल की इसी तिमाही में केवल 15,882 मिलियन रुपये था। इसी अवधि के दौरान, कंपनी का शुद्ध मुनाफा भी 620 मिलियन रुपये से बढ़कर 903 मिलियन रुपये पर पहुंच गया। पूरे साल में 25 नए स्टोर खोलने के साथ, मार्च 2026 तक कंपनी के कुल स्टोरों की संख्या 78 हो गई है। कंपनी के प्रबंधन का अनुमान है कि वे वित्तीय वर्ष 2027 में 135 अरब रुपये का राजस्व हासिल करने में सफल रहेंगे।
कल्याण ज्वेलर्स: कर्ज में कमी और वैश्विक विस्तार
कल्याण ज्वेलर्स आज के समय में भारत की सबसे बड़ी संगठित ज्वेलरी चेन्स में से एक बन चुकी है। कंपनी ने भारत से लेकर मध्य पूर्व के देशों तक अपना एक व्यापक नेटवर्क तैयार कर लिया है। इनका डिजिटल प्लेटफॉर्म कैंडेरे भी ऑनलाइन बाजार में तेजी से अपनी जगह बना रहा है। पिछले तीन सालों में कंपनी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी बिक्री में 32 दशमलव 3 प्रतिशत और मुनाफे में 47 दशमलव 2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। वित्तीय वर्ष 2026 में कंपनी का कुल राजस्व 357 अरब रुपये के आंकड़े को पार कर गया। इस वित्तीय प्रदर्शन की सबसे खास बात यह रही कि कंपनी ने भारत में अपना कर्ज 3,600 मिलियन रुपये तक कम किया है, जो किसी भी व्यवसाय के लिए एक बहुत ही सकारात्मक संकेत है। ब्रिटेन में अपना पहला स्टोर खोलने के साथ ही कंपनी ने कुल 129 नए शोरूम खोले हैं। आने वाले वित्तीय वर्ष 2027 में कंपनी की योजना 150 नए शोरूम खोलने और मौजूदा स्टोरों की बिक्री बढ़ाने पर है।
टाइटन: टाटा का भरोसा और अंतरराष्ट्रीय बाजार में धाक
टाटा ग्रुप की टाइटन कंपनी आज ज्वेलरी बाजार की निर्विवाद लीडर बनी हुई है। तनिष्क, मिया और जोया जैसे अपने मजबूत और विविध ब्रांड्स के दम पर टाइटन बाजार पर राज कर रही है। पिछले तीन वर्षों में कंपनी की बिक्री 29 दशमलव 2 प्रतिशत और मुनाफा 15 दशमलव 7 प्रतिशत की दर से बढ़ा है। वित्तीय वर्ष 2026 में कंपनी ने 761 अरब रुपये की विशाल आय दर्ज की, जबकि शुद्ध मुनाफा 51 अरब रुपये रहा। यह पिछले वित्तीय वर्ष 2025 के 33 अरब 30 करोड़ रुपये के मुनाफे के मुकाबले एक बड़ी छलांग है। कंपनी अब केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी आक्रामक विस्तार कर रही है। डमास के नेटवर्क का उपयोग करते हुए कंपनी संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और कतर जैसे देशों में तनिष्क के चुनिंदा स्टोर खोल रही है। प्रबंधन को पूरी उम्मीद है कि वित्तीय वर्ष 2027 में ज्वेलरी की बिक्री में 15 से 20 प्रतिशत की शानदार वृद्धि देखने को मिलेगी।
सेनको गोल्ड: छोटे शहरों पर केंद्रित विकास रणनीति
बाजार में अपनी मजबूत दावेदारी पेश करने वाली एक और प्रमुख कंपनी सेनको गोल्ड है। पिछले तीन वर्षों के दौरान कंपनी ने अपनी बिक्री में 21 दशमलव 4 प्रतिशत और मुनाफे में 7 दशमलव 3 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की है। वित्तीय वर्ष 2026 की चौथी तिमाही कंपनी के लिए विशेष रूप से सफल रही, जिसमें राजस्व 19 अरब 97 करोड़ रुपये और मुनाफा 1,570 मिलियन रुपये रहा। अपनी विस्तार रणनीति के तहत, सेनको गोल्ड अब महानगरों के बजाय टियर-2, टियर-3 और टियर-4 शहरों पर अपना ध्यान केंद्रित कर रही है। राजस्थान, मध्य महाराष्ट्र और पश्चिमी उत्तर प्रदेश जैसे नए भौगोलिक क्षेत्रों में कंपनी तेजी से अपने स्टोर खोल रही है, जिससे आने वाले समय में कंपनी की विकास दर और भी तेज होने की संभावना है।
