अयोध्या से इस वक्त एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है, जो राम मंदिर ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में बड़े बदलाव का संकेत दे रही है। चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा की वीआईपी दर्शन पास बनाने वाली आधिकारिक आईडी को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है और इस कार्रवाई के बाद अब इन तीनों व्यक्तियों की आईडी से किसी भी प्रकार के पास जारी नहीं किए जा सकेंगे। यह कदम मंदिर की दर्शन व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और कथित अनियमितताओं को रोकने के लिए उठाया गया है।
दर्शन पास की मौजूदा व्यवस्था
राम मंदिर में दर्शन के लिए वर्तमान में दो तरह के विशेष पास जारी किए जाते हैं, जिनमें सुगम दर्शन पास और विशिष्ट दर्शन पास शामिल हैं। इस व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए सिस्टम में सभी ट्रस्टियों के नाम से अलग-अलग आईडी जेनेरेट की गई थीं। इन आईडी का मुख्य उद्देश्य यह था कि ट्रस्टियों की सिफारिश पर आने वाले श्रद्धालुओं को बिना किसी असुविधा के दर्शन प्राप्त हो सकें।
आईडी बंद करने के पीछे के कारण
आईडी बंद करने का यह निर्णय पास वितरण प्रणाली में हुई गंभीर गड़बड़ियों के बाद लिया गया है। जांच में यह बात सामने आई है कि टिन्नू यादव नामक व्यक्ति ने इसी सिस्टम का गलत फायदा उठाकर सैकड़ों की संख्या में पास जारी करवाए थे। इसके अलावा, चंपत राय और अनिल मिश्रा के कुछ करीबियों पर भी पास जारी करवाने के नाम पर अवैध धंधा चलाने के आरोप लगे हैं। बताया जा रहा है कि इस गोरखधंधे के जरिए लाखों रुपये की अवैध कमाई की गई। इसी को देखते हुए प्रशासन ने उन 3 आईडी को बंद कर दिया है, जिनसे सबसे ज्यादा संख्या में पास जारी किए गए थे।
सिफारिशों पर पूर्ण प्रतिबंध
ट्रस्ट की इस कार्रवाई के बाद अब चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा की सिफारिश पर किसी भी श्रद्धालु को सुगम या वीआईपी दर्शन पास जारी नहीं किया जाएगा। हालांकि, गोपाल राव इस स्थिति को पूरी तरह स्वीकार करने को तैयार नहीं दिख रहे हैं। उन्हें विशेष आमंत्रित सदस्य की सूची से हटा दिया गया है, लेकिन उन्होंने अपने बयान में कहा है कि वे मंदिर जाते रहेंगे और व्यवस्था में अपना सहयोग देते रहेंगे और ट्रस्ट के लिखित बयान में स्पष्ट रूप से गोपाल राव को हटाए जाने का उल्लेख है, लेकिन राव ने आधिकारिक तौर पर इससे इनकार किया है।
ट्रस्ट में नेतृत्व का परिवर्तन
चंपत राय लंबे समय से राम मंदिर ट्रस्ट के साथ एक महत्वपूर्ण भूमिका में जुड़े हुए थे। उन्होंने हाल ही में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसे सोमवार को आयोजित ट्रस्ट की बैठक में औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया गया। चंपत राय के जाने के बाद उनके कामकाज और जिम्मेदारियों का कार्यभार अब कृष्ण मोहन को सौंप दिया गया है, जो भविष्य में इन कार्यों की देखरेख करेंगे।
चंपत राय के भविष्य के खुलासे
पद छोड़ने के बाद चंपत राय ने मंगलवार को सोशल मीडिया के माध्यम से एक पत्र साझा किया, जिसमें उन्होंने कई गंभीर बातें लिखी हैं। उन्होंने SIT की शुरुआती जांच रिपोर्ट के सार्वजनिक होने पर गहरी हैरानी जताई है। अपने पत्र में उन्होंने यह भी संकेत दिया है कि फिलहाल वे इस विषय पर कुछ नहीं कहेंगे, लेकिन वे भविष्य में चुप भी नहीं रहेंगे और उनके इस बयान से यह कयास लगाए जा रहे हैं कि आने वाले समय में वे ट्रस्ट और चोरी से जुड़े कई बड़े और चौंकाने वाले खुलासे कर सकते हैं।
