झारखंड: JPSC 14वीं पीटी और दो बैकलॉग परीक्षाएं रद्द, सीएम हेमंत सोरेन का बड़ा फैसला

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधानसभा में 14वीं JPSC पीटी और दो बैकलॉग परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा की है। इसके साथ ही TDPL एजेंसी द्वारा आयोजित परीक्षाओं की जांच के आदेश दिए गए हैं और परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए 'स्टूडेंट्स वॉइस विद स्टूडेंट्स' अभियान शुरू किया गया है।

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य की भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर एक बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं प्रारंभिक परीक्षा (PT) और दो बैकलॉग परीक्षाओं को रद्द करने का आधिकारिक ऐलान किया है। यह घोषणा झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन सदन की कार्यवाही के दौरान की गई। मुख्यमंत्री के इस फैसले को राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के हितों की रक्षा और परीक्षा प्रणाली में सुचिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है।

JPSC 14वीं पीटी और बैकलॉग परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय

सदन के भीतर अपनी बात रखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्पष्ट किया कि 14वीं JPSC पीटी परीक्षा को रद्द किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने दो अन्य बैकलॉग JPSC परीक्षाओं को भी निरस्त करने की बात कही। सरकार का यह निर्णय उन छात्रों के लिए एक बड़ी खबर है जो लंबे समय से परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर आवाज उठा रहे थे। मुख्यमंत्री ने सदन को आश्वस्त किया कि सरकार युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगी और परीक्षाओं के आयोजन में पूर्ण पारदर्शिता बरती जाएगी।

TDPL एजेंसी के माध्यम से हुई परीक्षाओं की होगी जांच

परीक्षाओं को रद्द करने के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने एक और महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि TDPL एजेंसी के माध्यम से जितनी भी परीक्षाएं आयोजित कराई गई हैं, उनकी गहन जांच कराई जाएगी और इस एजेंसी द्वारा कराई गई परीक्षाओं में गड़बड़ी की शिकायतों और आशंकाओं को देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है। इस जांच का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की चूक या भ्रष्टाचार का पता लगाना और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

'स्टूडेंट्स वॉइस विद स्टूडेंट्स' अभियान और युवाओं के सुझाव

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा करते हुए ‘स्टूडेंट्स वॉइस विद स्टूडेंट्स’ अभियान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस अभियान के माध्यम से अब तक झारखंड के 8500 से ज्यादा युवाओं ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें OMR शीट, परीक्षा कैलेंडर, स्कोरकार्ड, प्रश्न-पत्रों के प्रबंधन और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के संबंध में कई बहुमूल्य फीडबैक प्राप्त हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि छात्र तकनीक के बेहतर इस्तेमाल और JPSC एवं JSSC जैसे आयोगों में संवैधानिक दायरे के भीतर जरूरी सुधारों की मांग कर रहे हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपने सुझाव साझा करना जारी रखें, क्योंकि उनका एक सुझाव न केवल आज की प्रणाली को बेहतर बनाएगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को भी संवारने में मदद करेगा।

पारदर्शी और जवाबदेह परीक्षा प्रणाली का संकल्प

अपने पोस्ट में मुख्यमंत्री ने लिखा, "जैसा कि मैंने पहले भी कहा है, हमारा मकसद सिर्फ समस्याओं पर चर्चा करना नहीं है। " उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सुधार केवल राज्य सरकार की कोशिश नहीं होगी, बल्कि इसमें झारखंड के युवाओं की सक्रिय भागीदारी होगी।

छात्रों के आंदोलन और विरोध का संदर्भ

झारखंड में पिछले कई दिनों से छात्र झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित परीक्षाओं में पेपर लीक, भ्रष्टाचार और सिस्टम की खामियों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और छात्रों की मांग थी कि जेपीएससी परीक्षा को रद्द किया जाए, पूरे मामले की सीबीआई जांच हो और परीक्षा प्रणाली में व्यापक बदलाव किए जाएं। विधानसभा में चल रहे सियासी घमासान और छात्रों के बढ़ते दबाव के बीच सरकार ने यह महत्वपूर्ण घोषणा की है।