झारखंड की राजधानी रांची में एक हृदयविदारक हादसा सामने आया है, जहां एक जर्जर पानी की टंकी के गिरने से दो मजदूरों की मलबे में दबकर मौत हो गई। यह घटना कोतवाली पुलिस स्टेशन के ठीक पीछे स्थित इलाके में हुई। बताया जा रहा है कि वहां एक पुरानी और बेहद जर्जर हो चुकी पानी की टंकी को ध्वस्त करने का कार्य किया जा रहा था, तभी वह अचानक भरभराकर गिर गई। इस हादसे के वक्त वहां काम कर रहे मजदूर मलबे के नीचे पूरी तरह दब गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और नगर निगम की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद एक मजदूर के शव को मलबे से बाहर निकाला गया और इसके बाद स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एनडीआरएफ की टीम को बुलाया गया, जिसने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर दूसरे शव को भी बाहर निकाला।
ध्वस्तीकरण के दौरान हुआ हादसा
यह दुखद हादसा बुधवार की शाम करीब 5 बजकर 30 मिनट पर हुआ। जानकारी के अनुसार, इस पुरानी और जर्जर हो चुकी पानी की टंकी को तोड़ने का काम पिछले एक महीने से लगातार चल रहा था। हादसे के समय मजदूर टंकी के पिलर के भीतर मौजूद लोहे की छड़ों को कटर की सहायता से काट रहे थे। इसी प्रक्रिया के दौरान टंकी का ढांचा अचानक कमजोर होकर गिर गया और जिस समय यह हादसा हुआ, वहां कुल 5 मजदूर काम कर रहे थे। इनमें से 2 मजदूरों की मलबे में दबने के कारण घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि 3 अन्य मजदूरों को सुरक्षित बचा लिया गया है।
एनडीआरएफ का रेस्क्यू ऑपरेशन और आधिकारिक बयान
एनडीआरएफ की 9वीं बटालियन के कमांडेंट मो. सलीम रहीम ने इस घटना और बचाव कार्य के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और मलबे से दूसरा शव बरामद किया। उन्होंने आगे जानकारी दी कि वहां कुल 5 लोग मौजूद थे, जिनमें से 3 को सुरक्षित बचा लिया गया है। एक शव को पहले ही सिविल प्रशासन द्वारा निकाल लिया गया था, जबकि दूसरे शव को एनडीआरएफ की टीम ने कड़ी मेहनत के बाद बरामद किया। बरामद किए गए शवों को आगे की कार्रवाई के लिए पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
दिल्ली में एमसीडी की बड़ी कार्रवाई का संदर्भ
रांची की इस घटना के बीच, दिल्ली में भी खतरनाक और अवैध इमारतों के खिलाफ प्रशासन का सख्त रुख देखने को मिल रहा है। सत्य निकेतन में हुए हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) ने एक बड़ा अभियान छेड़ रखा है। बीते बुधवार को राजधानी दिल्ली के सभी 12 जोन में एमसीडी की टीमों ने व्यापक स्तर पर कार्रवाई की। इस अभियान के दौरान 34 भवनों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई और 17 संपत्तियों को पूरी तरह से सील कर दिया गया।
पीजी माफियाओं में हड़कंप और कानूनी कार्रवाई
एमसीडी ने इस कार्रवाई के साथ ही 22 कारण बताओ नोटिस भी जारी किए हैं और 4 अन्य ध्वस्तीकरण के आदेश अलग से दिए गए हैं। प्रशासन के इस कड़े रुख से पीजी माफियाओं और अवैध निर्माण करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है। दिल्ली के विभिन्न इलाकों में रह रहे छात्रों के सामने अब रहने का संकट खड़ा हो गया है, क्योंकि पीजी मालिक कार्रवाई के डर से छात्रों से कमरे खाली करवा रहे हैं। इस बीच, डेज हॉस्टल हादसे के मामले में पुलिस ने अब तक 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान इन आरोपियों ने स्वीकार किया है कि उन्हें इमारत के जर्जर होने की पूरी जानकारी थी, फिर भी उन्होंने इसे नजरअंदाज किया।
