राजस्थान में इन दिनों सूरज की तपिश और भीषण गर्मी का दौर लगातार जारी है। प्रदेश का तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, लेकिन इसके बावजूद बाबा खाटूश्याम के भक्तों के कदम रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। रविवार यानी वीकेंड के दिन अलसुबह से ही देशभर से आए श्याम भक्तों का खाटू धाम में भारी रेला उमड़ पड़ा। इस भीषण गर्मी और तेज तपती धूप में भी श्रद्धालुओं की अटूट आस्था देखते ही बन रही थी। कड़े पहरे और तपती सड़कों पर लोग नंगे पांव पदयात्रा करते हुए बाबा के दरबार पहुंच रहे थे। पसीने से लथपथ होने के बाद भी भक्तों के चेहरों पर थकान के बजाय सिर्फ अपने आराध्य की एक झलक पाने की आतुरता और खुशी दिखाई दी।
भीषण गर्मी में उमड़ा भक्तों का सैलाब
बाबा खाटूश्याम के दरबार में पहुंची भीड़ का दबाव इतना अधिक था कि पुलिस प्रशासन और श्री श्याम मंदिर कमेटी को व्यवस्थाएं सुचारू बनाए रखने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। हालांकि, मंदिर कमेटी ने श्रद्धालुओं को गर्मी से राहत देने के लिए कतारों में कूलर और पंखों के पुख्ता इंतजाम किए हैं, लेकिन अपार जनसमूह के आगे यह व्यवस्थाएं ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रही थीं। भक्तों का उत्साह ऐसा था कि वे घंटों तक कतारों में खड़े रहकर बाबा के दर्शनों का इंतजार करते रहे।
विशेष पूजा के लिए बंद रहेंगे मंदिर के पट
इसी बीच, खाटू धाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक बेहद जरूरी और महत्वपूर्ण सूचना भी सामने आई है। श्री श्याम मंदिर कमेटी के अनुसार, बाबा श्याम की विशेष सेवा-पूजा और तिलक प्रक्रिया के चलते मंदिर के पट अस्थाई रूप से बंद किए जा रहे हैं। यह एक नियमित प्रक्रिया है जिसके तहत बाबा का विशेष श्रृंगार और पूजन किया जाता है। इस दौरान मंदिर परिसर में आम दर्शनार्थियों का प्रवेश वर्जित रहता है ताकि पूजा की प्रक्रिया को बिना किसी बाधा के संपन्न किया जा सके।
दर्शन के लिए समय और तारीख का विवरण
श्री श्याम मंदिर कमेटी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, बाबा श्याम के पट 19 मई (मंगलवार) की रात्रि 10:00 बजे से लेकर 20 मई (बुधवार) की शाम 5:00 बजे तक आम दर्शनार्थियों के लिए पूरी तरह बंद रहेंगे। कुल मिलाकर 19 घंटे तक श्रद्धालु बाबा के दर्शन नहीं कर सकेंगे। मंदिर कमेटी ने भक्तों से अपील की है कि वे इस समय सारणी को ध्यान में रखकर ही अपनी यात्रा का कार्यक्रम बनाएं ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। 20 मई की शाम 5:00 बजे के बाद मंदिर के पट पुनः खोल दिए जाएंगे और भक्त फिर से अपने आराध्य के दर्शन कर सकेंगे।
