एलपीजी कीमतों में बढ़ोतरी: घरेलू सिलेंडर ₹60 और कमर्शियल ₹114.50 महंगे हुए

तेल विपणन कंपनियों ने घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भारी वृद्धि की है। घरेलू सिलेंडर ₹60 महंगा हुआ है, जबकि कमर्शियल सिलेंडर की कीमतें ₹114.50 बढ़ गई हैं। यह बढ़ोतरी वैश्विक ऊर्जा संकट और मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच हुई है।

देश में रसोई गैस की कीमतों में एक बार फिर बड़ा उछाल देखने को मिला है। तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने शनिवार से घरेलू और कमर्शियल दोनों प्रकार के एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में वृद्धि लागू कर दी है। 2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में ₹60 की बढ़ोतरी की गई है। यह पिछले छह वर्षों में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में देखी गई सबसे बड़ी एकमुश्त वृद्धि है। 50 का इजाफा किया गया है, जिसके बाद चेन्नई जैसे शहरों में इसकी कीमत ₹2000 के पार पहुंच गई है।

घरेलू एलपीजी की कीमतों में ऐतिहासिक वृद्धि और महानगरों के आंकड़े

घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में करीब 11 महीने के अंतराल के बाद यह बदलाव देखा गया है। आंकड़ों के अनुसार, आखिरी बार घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में 8 अप्रैल 2025 को वृद्धि हुई थी, जब कीमतों में ₹50 का इजाफा किया गया था। यह लगातार दूसरी बार है जब घरेलू सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए हैं। इस वृद्धि के बाद देश के चारों प्रमुख महानगरों में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतें ₹900 के पार चली गई हैं। यह स्थिति लगभग 30 महीनों के बाद बनी है, क्योंकि इससे पहले 30 अगस्त 2023 को कीमतें इस स्तर के ऊपर थीं।

महानगरों में नई दरों की बात करें तो दिल्ली में अब घरेलू सिलेंडर ₹913 में मिलेगा, जहां ₹60 की वृद्धि हुई है। कोलकाता में इसकी कीमत ₹939 हो गई है। 50 निर्धारित की गई है। 5 की रिकॉर्ड वृद्धि हुई थी, जिसके बाद अब ₹60 की यह बढ़ोतरी सबसे बड़ी मानी जा रही है।

कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में लगातार पांचवीं बार इजाफा

कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के मोर्चे पर भी उपभोक्ताओं को भारी बोझ उठाना पड़ेगा। 50 की बढ़ोतरी की गई है। 50 हो गई है। मई 2023 के बाद यह पहली बार है जब कमर्शियल सिलेंडर की कीमतें ₹2000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गई हैं। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) के आंकड़ों के अनुसार, पिछले चार महीनों में कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में यह पांचवीं बढ़ोतरी है।

5 की संचयी वृद्धि दर्ज की गई है। नई दरों के अनुसार, दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर अब ₹1883 में उपलब्ध होगा। कोलकाता में इसकी कीमत ₹1990 और मुंबई में ₹1835 तय की गई है। कमर्शियल गैस की कीमतों में लगातार हो रही इस वृद्धि का सीधा असर होटल, रेस्तरां और छोटे खाद्य व्यवसायों की परिचालन लागत पर पड़ने की संभावना है।

वैश्विक ऊर्जा संकट और आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान

उद्योग जगत के अधिकारियों और विशेषज्ञों के अनुसार, एलपीजी की कीमतों में इस भारी वृद्धि का मुख्य कारण पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में बढ़ता सैन्य तनाव है। इस संघर्ष की वजह से वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता पैदा हुई है और कच्चे तेल के साथ-साथ गैस की कीमतों में भी उछाल आया है। विशेष रूप से होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) के माध्यम से होने वाली आपूर्ति में रुकावट को इस संकट का प्रमुख कारण माना जा रहा है। होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल और गैस व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है, और इसके प्रभावित होने से वैश्विक स्तर पर आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह बाधित हुई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव कम नहीं होता है, तो आने वाले समय में ऊर्जा की कीमतों में और भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। आपूर्ति में आ रही इन बाधाओं ने तेल विपणन कंपनियों को अपनी इनपुट लागत को कवर करने के लिए कीमतों में संशोधन करने पर मजबूर किया है और हालांकि, घरेलू स्तर पर सरकार स्थिति की निगरानी कर रही है ताकि उपभोक्ताओं पर पड़ने वाले प्रभाव को प्रबंधित किया जा सके।

सरकार का रुख और भविष्य के लिए आश्वासन

कीमतों में इस वृद्धि के बीच केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने देश में ऊर्जा सुरक्षा को लेकर आश्वासन दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के माध्यम से कहा कि सरकार की प्राथमिकता नागरिकों के लिए सस्ती और टिकाऊ ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत में ऊर्जा की कोई कमी नहीं है और उपभोक्ताओं को आपूर्ति में किसी भी प्रकार की रुकावट के बारे में चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।

मंत्री के अनुसार, वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त संसाधन और रणनीतिक भंडार बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि सरकार अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थितियों पर पैनी नजर रख रही है और नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतों में हो रही वृद्धि का असर स्थानीय कीमतों पर पड़ना अनिवार्य हो गया था, जिसके परिणामस्वरूप यह नवीनतम मूल्य संशोधन किया गया है।