देश / महंत नरेंद्र गिरि की मौत के मामले में शिष्य आनंद को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया

Zoom News : Sep 22, 2021, 06:00 PM
प्रयागराज: अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की आत्महत्या मामले में आनंद गिरी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इससे पहले नरेंद्र गिरि की आत्महत्या मामले में आरोपी आनंद गिरी को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां से बाद में उन्हें अदालत में पेश किया गया। जिला अदालत ने आनंद गिरी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

आपको बता दें कि सोमवार शाम को महंत नरेंद्र गिरि का शव उनके आश्रम कमरे में मिला था। साथ ही एक सुसाइड नोट भी मिला था। जिसमें उन्होंने अपने शिष्य आनंद गिरी का जिक्र किया था। महंत की संदिगध हालत में हुई मौत की खबर से पूरे उत्तर प्रदेश में खलबली मच गई थी। प्रयागराज पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर आनंदगिरि के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने उत्तराखंड के पुलिस अफसरों से बात की। जिसके बाद हरिद्वार पुलिस ने आनंद गिरी को श्यामपुर कांगड़ी स्थित उनके आश्रम में नजरबंद कर दिया था। अगले दिन पुलिस आनंद गिरि को लेकर प्रयागराज पहुंची थी। इसके बाद पुलिस ने तुरंत आनंद गिरि से पूछताछ शुरू कर दी थी। बुधवार को पुलिस ने आनंद गिरि को जिला अदालत में पेश किया था, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

पुलिस ने आनंद गिरि से पूछा था-किसने बनाई महंत की अश्लील वीडियो

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि की मौत के लिए जिम्मेदार बताये जा रहे उनके शिष्य आनंद गिरि को यूपी पुलिस ने सोमवार रात ही हिरासत में ले लिया था। मंगलवार दोपहर साढ़े बारह बजे उनको पुलिस लाइन में लाकर पूछताछ की गई थी। पुलिस अफसरों ने आपत्तिजनक वीडियो और विवाद के बारे में पूछताछ की थी। इस दौरान आनंद गिरि के वकील को भी उनसे मिलने की इजाजत नहीं दी थी। पुलिस अफसरों का कहना था कि जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। 

एके-47 की सुरक्षा में ले लाया गया था आनंद गिरि

हाई-प्रोफाइल मामले में वांछित आनंद गिरि की सुरक्षित प्रयागराज पहुंचाना पुलिस के लिए एक चुनौती थी। इसलिए सुरक्षा मद्देनजर एक-47 से लैस जवानों के साथ प्रयागराज लाया गया था। इसके साथ ही रास्ते भर भी संबंधित थाना क्षेत्रों की पुलिस भी चौकन्नी रही।

बदलते रहे गाड़ी में स्थान

भारी सुरक्षा के साथ ही अभियुक्त आनंद गिरि को हरिद्वार से इनोवा गाड़ी में पीछे बैठाकर चली। लेकिन देवबंद में आकर उसके बैठने के स्थान को बदल दिया। इस तरह रास्ते भर पुलिस गाड़ियों में स्थान बदलती रही। इस तरह पुलिस उसे लेकर देवबंद से मुजफ्फरनगर, मेरठ होते हुए प्रयागराज पहुंची। इस दौरान ले जाने के रूट आदि को खासा गोपनीय रखा गया था।

SUBSCRIBE TO OUR NEWSLETTER