दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में एक गेस्ट हाउस के बेसमेंट में भीषण आग लगने से 21 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। इस हादसे ने पूरी दिल्ली को झकझोर कर रख दिया है और शहरी इलाकों में सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आग लगने के बाद वहां मौजूद लोगों के बीच चीख-पुकार मच गई और जान बचाने की जद्दोजहद में कई लोग घायल भी हुए हैं। घटना की जानकारी मिलते ही दिल्ली फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाया, लेकिन इमारत की बनावट और सुरक्षा खामियों के कारण बचाव कार्य में काफी मुश्किलें आईं।
सुरक्षा नियमों की अनदेखी और अवैध निर्माण का खुलासा
मालवीय नगर हादसे की जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जिस रेस्टोरेंट में आग लगी, उसके पास फायर विभाग का एनओसी (NoC) तक नहीं था। इसके अलावा, रेस्टोरेंट के ऊपर बने गेस्ट हाउस के संचालन में भी भारी अनियमितताएं पाई गई हैं। प्रशासन से केवल 6 कमरों की अनुमति ली गई थी, लेकिन मालिक ने नियमों को ताक पर रखकर वहां 25 कमरे बना दिए थे। हादसे के वक्त इमारत में कुल 47 लोग मौजूद थे, जिनमें कई विदेशी छात्र भी शामिल थे। इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होना इस बड़े हादसे का मुख्य कारण बना।
प्रत्यक्षदर्शियों का बयान और इलेक्ट्रॉनिक लॉक की समस्या
चश्मदीदों ने इस घटना के खौफनाक मंजर को बयां करते हुए बताया कि जब सुबह के वक्त आग लगी तो लोग जान बचाने के लिए "हेल्प हेल्प" चिल्ला रहे थे। स्थानीय लोगों ने अपनी तरफ से मदद करने की पूरी कोशिश की और जमीन पर गद्दे बिछा दिए ताकि लोग ऊपर से कूद सकें। हालांकि, होटल में लगे शीशे और खिड़कियां पूरी तरह से ब्लॉक थे और वे खुल नहीं पाए, जिससे धुआं अंदर ही भर गया। इस होटल में एंट्री का केवल एक ही दरवाजा था जिस पर इलेक्ट्रॉनिक लॉक लगा हुआ था। जैसे ही आग के कारण बिजली कटी, वह दरवाजा पूरी तरह से लॉक हो गया और फिर नहीं खुला, जिससे लोग अंदर ही फंस गए। जान बचाने के लिए कई लोग बिल्डिंग से नीचे कूद गए।
सिलेंडर फटने की आशंका और मैक्स अस्पताल से कनेक्शन
मैक्स हेल्थकेयर द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, इस घटना के पीछे सिलेंडर विस्फोट होने की आशंका जताई गई है। बताया जा रहा है कि पास में ही मैक्स हॉस्पिटल होने के कारण, जो लोग वहां इलाज कराने आते थे, वे अक्सर इसी गेस्ट हाउस में रुकते थे। दिल्ली पुलिस ने बताया कि फायर ब्रिगेड ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और लोगों को बाहर निकाला। हालांकि, आग लगने के सटीक और आधिकारिक कारणों का पता लगाने के लिए जांच अभी भी जारी है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या बेसमेंट में सुरक्षा के नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
कौन है होटल का मालिक और क्या है कार्रवाई
जिस होटल में यह भीषण हादसा हुआ, उसके मालिक की पहचान लोकेश बजाज के रूप में हुई है और सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस होटल के संचालन में कुल तीन पार्टनर शामिल हैं। यह भी सामने आया है कि इन पार्टनर्स के दिल्ली के अन्य इलाकों में भी कई होटल और गेस्ट हाउस चल रहे हैं। पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां अब होटल के मालिक, उसके संचालन के तरीकों और सुरक्षा मानकों की अनदेखी से जुड़े हर पहलू की गहराई से जांच कर रही हैं। 21 लोगों की मौत के इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
