इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के आगामी सत्र की शुरुआत से पहले दिल्ली कैपिटल्स (DC) के खेमे में चिंता की स्थिति बनी हुई है। टीम के प्रमुख विदेशी तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क की उपलब्धता को लेकर संशय के बादल मंडरा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) ने अभी तक स्टार्क को टूर्नामेंट में खेलने के लिए आवश्यक नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) प्रदान नहीं किया है। दिल्ली कैपिटल्स को अपना पहला मुकाबला 1 अप्रैल को लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ खेलना है, लेकिन उससे पहले स्टार्क की फिटनेस और वर्कलोड मैनेजमेंट एक बड़ा मुद्दा बन गया है।
75 crore की भारी-भरकम राशि में रिटेन किया था। पिछले सीजन में उन्होंने टीम के लिए शानदार प्रदर्शन करते हुए 11 मैचों में 14 विकेट चटकाए थे। वह टीम के गेंदबाजी आक्रमण की मुख्य धुरी माने जाते हैं और हालांकि, ऑस्ट्रेलिया के व्यस्त अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर और खिलाड़ियों की फिटनेस को प्राथमिकता देने की नीति के कारण क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया उनके कार्यभार पर बारीकी से नजर रख रहा है।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की एनओसी और वर्कलोड मैनेजमेंट
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की नीति के अनुसार, केंद्रीय अनुबंधित खिलाड़ियों को विदेशी लीगों में खेलने के लिए बोर्ड से एनओसी लेना अनिवार्य होता है। बोर्ड विशेष रूप से तेज गेंदबाजों के मामले में अधिक सतर्कता बरतता है ताकि आगामी अंतरराष्ट्रीय श्रृंखलाओं और आईसीसी टूर्नामेंटों के लिए वे पूरी तरह फिट रहें। मिचेल स्टार्क के मामले में भी बोर्ड उनके कार्यभार का आकलन कर रहा है। दिल्ली कैपिटल्स के हेड कोच हेमंग बदानी ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि टीम अभी भी बोर्ड के औपचारिक पत्र का इंतजार कर रही है और जब तक एनओसी प्राप्त नहीं होती, तब तक स्टार्क के शुरुआती मैचों में खेलने पर कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।
टीम प्रबंधन और कोच हेमंग बदानी का आधिकारिक रुख
दिल्ली कैपिटल्स के मुख्य कोच हेमंग बदानी ने टीम की तैयारियों के बीच स्टार्क की स्थिति पर अपडेट साझा किया है। उन्होंने कहा कि टीम प्रबंधन लगातार क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के संपर्क में है। बदानी के अनुसार, स्टार्क जैसे अनुभवी खिलाड़ी की अनुपस्थिति टीम के संतुलन को प्रभावित कर सकती है, लेकिन वे नियमों और बोर्ड की प्रक्रियाओं का सम्मान करते हैं। वहीं, टीम के डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट वेणुगोपाल राव ने भी स्वीकार किया कि स्टार्क की फिटनेस वर्तमान में चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि हालांकि स्टार्क के आने की उम्मीद है, लेकिन एनओसी के बिना उनकी भागीदारी सुनिश्चित नहीं की जा सकती।
कप्तान अक्षर पटेल की रणनीति और वैकल्पिक योजनाएं
टीम के नवनियुक्त कप्तान अक्षर पटेल ने इस स्थिति पर सकारात्मक रुख अपनाने की कोशिश की है और अक्षर पटेल ने उम्मीद जताई है कि 1 अप्रैल को होने वाले पहले मैच से पहले स्टार्क को आवश्यक मंजूरी मिल जाएगी। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि यदि स्टार्क उपलब्ध नहीं होते हैं, तो उनके जैसा विकल्प ढूंढना चुनौतीपूर्ण होगा। अक्षर ने विशेष रूप से टी नटराजन जैसे भारतीय गेंदबाजों की भूमिका पर जोर दिया, लेकिन विदेशी पेस बैटरी में स्टार्क का अनुभव टीम के लिए अनिवार्य माना जा रहा है। टीम प्रबंधन अब वैकल्पिक योजनाओं पर भी विचार कर रहा है ताकि किसी भी आपात स्थिति में गेंदबाजी आक्रमण कमजोर न पड़े।
अन्य ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों की उपलब्धता पर व्यापक संकट
आईपीएल 2026 में केवल दिल्ली कैपिटल्स ही नहीं, बल्कि कई अन्य टीमें भी ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों की उपलब्धता को लेकर संघर्ष कर रही हैं। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के जोश हेजलवुड और सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के पैट कमिंस के भी शुरुआती मैचों से बाहर रहने की खबरें हैं और पैट कमिंस की अनुपस्थिति में सनराइजर्स हैदराबाद ने ईशान किशन को कप्तानी की जिम्मेदारी सौंपने का निर्णय लिया है। इसके अतिरिक्त, जैक एडवर्ड्स और नाथन एलिस जैसे खिलाड़ी चोट के कारण पूरे सीजन से बाहर हो चुके हैं। यह स्थिति दर्शाती है कि विदेशी खिलाड़ियों की उपलब्धता इस बार आईपीएल टीमों के लिए एक बड़ी रणनीतिक चुनौती बनने वाली है।
दिल्ली कैपिटल्स का आगामी कार्यक्रम और तैयारी
दिल्ली कैपिटल्स अपने अभियान की शुरुआत लखनऊ के इकाना क्रिकेट स्टेडियम में करेगी। टीम के लिए शुरुआती मैच काफी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि वे पिछले कुछ सीजन के प्रदर्शन में सुधार करना चाहते हैं। स्टार्क की अनुपस्थिति में टीम के अन्य विदेशी खिलाड़ियों और भारतीय युवा गेंदबाजों पर दबाव बढ़ सकता है। कोच और सहयोगी स्टाफ वर्तमान में उपलब्ध खिलाड़ियों के साथ अभ्यास सत्रों में जुटे हैं। 1 अप्रैल की समय सीमा नजदीक आने के साथ ही दिल्ली के प्रशंसकों और प्रबंधन की नजरें क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के अंतिम फैसले पर टिकी हुई हैं।
