मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि पत्रकारिता केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि सामाजिक दायित्व, जनजागरण और राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण साधना है। उन्होंने अपने पत्रकारिता के अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि वे पत्रकारों को होने वाली समस्याओं और कठिनाइयों को अच्छे से समझते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार पत्रकारों के सम्मान, संवेदनशीलता और कल्याण के प्रति पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है और मुख्यमंत्री ने शनिवार को कॉन्स्टिट्यूशनल क्लब ऑफ राजस्थान में राजस्थान आवासन मंडल की विशिष्ट पंजीकरण योजना-2026 के तहत पत्रकारों के लिए विशेष आवास योजना का शुभारंभ किया। इस बहुमंजिला आवासीय योजना के तहत फ्लैट्स में सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि पत्रकार साथियों को सुरक्षित और सुविधायुक्त आवासीय वातावरण मिल सके।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आवासीय योजना में विशेष छूट देने की बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि आवासीय योजना के फेज-1 में 3 बीएचके फ्लैट पर कुल लागत में 15 लाख रुपये और 2 बीएचके फ्लैट पर कुल लागत में 12 लाख रुपये की विशेष छूट दी जाएगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि चरणबद्ध तरीके से अन्य संभागों में भी इस तरह की आवासीय योजनाएं लाई जाएंगी। इसके साथ ही उन्होंने भरतपुर में पूंछरी का लौठा के पास विकसित हो रही सैटेलाइट सिटी में भी नई आवासीय योजना लाने की महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि बजट में अधिस्वीकृत पत्रकारों को आवास उपलब्ध करवाने की घोषणा की गई थी, जिसकी अनुपालना में जयपुर के इंदिरा गांधी नगर आवासीय योजना, सेक्टर-9, जगतपुरा में पत्रकारों के लिए फ्लैट्स का पंजीकरण शुरू किया गया है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में सकारात्मक पत्रकारिता पर जोर देते हुए कहा कि सकारात्मकता से जुड़ी पत्रकारिता ही अपनी सार्थकता सिद्ध करती है। राजस्थान की पत्रकारिता का इतिहास स्वाभिमान और गौरव का साक्षी रहा है। विजय सिंह पथिक और पंडित झाबरमल्ल शर्मा जैसे मनीषियों की परंपरा ने सामाजिक सुधार, जनजागरण और प्रदेश के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। राज्य सरकार पिछले पौने तीन वर्षों में पत्रकारों के कल्याण के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है। स्वतंत्र पत्रकारों के अधिस्वीकरण के लिए आयु सीमा और अनुभव में छूट देकर न्यूनतम पात्रता आयु 45 वर्ष तथा अनुभव 15 वर्ष निर्धारित किया गया है, जिससे 31 प्रेस प्रतिनिधि लाभान्वित हुए हैं। इसके अलावा अधिस्वीकृत पत्रकारों के बच्चों को प्री-मैट्रिक एवं पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत 43 छात्रवृत्तियां प्रदान की गई हैं।
पत्रकारों की सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में विस्तार से बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान पत्रकार स्वास्थ्य योजना यानी आरजेएचएस में 1 हजार 423 बीमित पत्रकारों के प्रीमियम के रूप में 2 करोड़ 15 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। वरिष्ठ अधिस्वीकृत पत्रकार सम्मान योजना के तहत 462 लाभार्थियों को सम्मानित किया गया है, जबकि पत्रकार एवं साहित्यकार कल्याण कोष से 24 अधिस्वीकृत पत्रकारों और उनके आश्रितों को वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। सरकार पत्रकारों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है और वरिष्ठ अधिस्वीकृत पत्रकार सम्मान योजना एवं आरजेएचएस जैसी सुविधाओं से पत्रकारों की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित हो रही है।
प्रदेश के समग्र विकास का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए राज्य सरकार सुशासन, आधारभूत ढांचे के विस्तार और जनकल्याण को प्राथमिकता देते हुए कार्य कर रही है। राज्य सरकार ने प्रदेश में जल उपलब्धता बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण अंतरराज्यीय जल समझौतों जैसे राम जल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, नर्मदा समझौता और किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजनाओं को धरातल पर उतारा है, जिससे प्रदेश के करोड़ों लोग लाभान्वित होंगे और राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के माध्यम से 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक के प्रोजेक्ट धरातल पर उतर चुके हैं। प्रदेश में 80 हजार करोड़ रुपये की लागत से विकसित हो रही ग्रीनफील्ड रिफाइनरी एवं पेट्रोकैमिकल परियोजना से राजस्थान की अर्थव्यवस्था को नया आयाम मिलेगा और छोटे-बड़े उद्योगों की स्थापना की व्यापक संभावनाएं पैदा होंगी।
सुशासन और रोजगार के मोर्चे पर अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने अब तक 410 से अधिक परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता के साथ बिना पेपरलीक के संपन्न करवाई हैं। राज्य में अब तक 1 लाख 93 हजार पदों पर सरकारी नियुक्तियां दी जा चुकी हैं। इसके साथ ही 1 लाख 18 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रियाधीन है और 70 हजार पदों पर नई भर्ती की दिशा में तेजी से कार्य चल रहा है। विद्युत क्षेत्र के बारे में उन्होंने कहा कि बिजली में आत्मनिर्भरता से आगे बढ़ते हुए अब राजस्थान विद्युत प्रदाता राज्य बन गया है। डबल इंजन की सरकार ने प्रदेश में किसान सम्मान निधि की राशि को बढ़ाकर 9 हजार रुपये किया है तथा 26 जिलों में किसानों को दिन में भी बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।
विरासत और विकास के समन्वय पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का विजन है कि विकास और विरासत साथ-साथ चलनी चाहिए और इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार शेखावाटी की ऐतिहासिक विरासत, हवेलियों और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सीकर, झुंझुनूं और चूरू में हेरिटेज टूरिज्म सर्किट को विकसित कर रही है। राष्ट्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन में राजस्थान ने देश भर में अग्रणी स्थान हासिल किया है और प्रदेश 12 राष्ट्रीय योजनाओं में प्रथम, 10 में द्वितीय और 8 योजनाओं में तृतीय स्थान पर रहा है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में सर्वाधिक पॉलिसी जारी करने, पीएम-कुसुम योजना के विभिन्न घटकों, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2025 तथा स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत स्वच्छता ही सेवा अभियान 2025 में प्रदेश ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। धरती आबा जनभागीदारी अभियान में राजस्थान को बेस्ट परफॉर्मिंग स्टेट का दर्जा मिला है।
कार्यक्रम के दौरान नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री स्वतंत्र प्रभार झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर बजट में अधिस्वीकृत पत्रकारों को जयपुर में आवासीय फ्लैट्स देने की घोषणा की गई थी, और आज उस कार्ययोजना के अंतर्गत इन फ्लैट्स के पंजीयन की प्रक्रिया का शुभारंभ हो गया है। उन्होंने इस योजना की शीघ्र क्रियान्विति के लिए राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया और इस अवसर पर सांसद मंजू शर्मा, जयपुर महापौर सुनील कोठारी, अतिरिक्त मुख्य सचिव आलोक गुप्ता सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारीगण और बड़ी संख्या में पत्रकार साथी उपस्थित रहे।
