राजस्थान के निकाय चुनाव परिणामों की घोषणा के बाद भारतीय जनता पार्टी के खेमे में जश्न का माहौल देखा गया। सोमवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जयपुर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, संगठन महामंत्री अजेय कुमार, निकाय चुनाव प्रभारी हरीश द्विवेदी और प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी सहित पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री की अगवानी की। भाजपा कार्यालय में जीत की खुशी में जमकर आतिशबाजी की गई और कार्यकर्ताओं के बीच मिठाइयां बांटी गईं। मुख्यमंत्री ने इस जीत को कार्यकर्ताओं की मेहनत और सरकार की नीतियों की सफलता बताया।
सरकार के कार्यों पर जनता की मुहर
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने निकाय चुनाव के इन परिणामों को भाजपा सरकार के पिछले ढाई साल के कार्यकाल और संगठन की सक्रियता पर जनता की मुहर करार दिया। उन्होंने कहा कि राजस्थान की जनता ने ‘विकसित भारत-विकसित राजस्थान’ के संकल्प को पूरी तरह से स्वीकार कर लिया है और मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि प्रदेश के युवाओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर गहरा भरोसा जताया है। उनके अनुसार, राज्य की जनता ने भाजपा की विकासपरक नीतियों का समर्थन किया है, जो इस चुनावी जीत के रूप में सामने आया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने जताया आभार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी राजस्थान निकाय चुनाव में भाजपा को मिली इस शानदार जीत पर प्रदेश की जनता का आभार व्यक्त किया है और प्रधानमंत्री ने इस परिणाम को झूठ के खिलाफ सत्य की जीत का एक बड़ा प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि राजस्थान के इस जनादेश ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि जनता 'डबल इंजन सरकार' के सुशासन और विकास के एजेंडे के साथ मजबूती से खड़ी है। पीएम मोदी ने विश्वास जताया कि इस जनसमर्थन से राज्य को प्रगति की नई ऊंचाइयों पर ले जाने और नागरिकों के जीवन में खुशहाली लाने का संकल्प और भी दृढ़ होगा और इसके साथ ही उन्होंने सभी विजयी उम्मीदवारों और पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं को इस बड़ी सफलता के लिए बधाई दी।
संकल्पों को पूरा करने की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार ने पिछले ढाई साल के दौरान ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में विकास योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का निरंतर प्रयास किया है। उन्होंने बताया कि भाजपा के जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने जनता के सुख-दुख में शामिल होकर जनसंपर्क के जिस मॉडल को अपनाया, उसका सीधा लाभ इस चुनाव में देखने को मिला है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि विधानसभा चुनाव के दौरान जनता से किए गए संकल्पों में से 78 प्रतिशत संकल्पों को सरकार ने सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि निकाय चुनाव से पहले जारी किए गए 'नगरीय विकास संकल्प पत्र' को भी सरकार प्राथमिकता के साथ पूरा करेगी और भाजपा ने इस संकल्प पत्र को प्रदेश के 309 नगरीय निकायों के सर्वांगीण विकास का एक विस्तृत रोडमैप बताया था।
वन स्टेट-वन इलेक्शन को मिला समर्थन
मुख्यमंत्री ने इन चुनाव परिणामों को 'वन स्टेट-वन इलेक्शन' के राजनीतिक मॉडल की सफलता से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि जनता ने इस बात को स्वीकार किया है कि बार-बार चुनाव होने से न केवल सरकारी खजाने पर बोझ पड़ता है, बल्कि समय की भी बर्बादी होती है। इसके अलावा, बार-बार आचार संहिता लागू होने से विकास कार्य भी बाधित होते हैं। भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्षी दल इस व्यवस्था के खिलाफ था, लेकिन भाजपा ने प्रदेश के विकास और संसाधनों की बचत को ध्यान में रखते हुए इसे लागू करने का साहसिक निर्णय लिया। अब चुनाव प्रक्रिया संपन्न होने के बाद सरकार का पूरा ध्यान केवल और केवल विकास कार्यों पर केंद्रित रहेगा।
पंचायत चुनावों के लिए बढ़ा उत्साह
निकाय चुनाव के नतीजों से उत्साहित मुख्यमंत्री ने आगामी पंचायत चुनावों को लेकर भी बड़ी उम्मीदें जताई हैं। उन्होंने दावा किया कि जिस विकास मॉडल को लेकर भाजपा जनता के बीच गई है, उसी के आधार पर आने वाले समय में पंचायतों में भी पार्टी को पहले से कहीं अधिक बहुमत प्राप्त होगा। उन्होंने अंत में कहा कि प्रदेश की जनता केवल विकास चाहती है और निकाय चुनाव के बाद अब पंचायत चुनाव में भी जनता का जनादेश भाजपा के ही पक्ष में रहेगा।
