अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेहद करीबी सहयोगी नताली हार्प इन दिनों चर्चा के केंद्र में हैं। 35 साल की नताली हार्प को लेकर व्हाइट हाउस के भीतर सुरक्षा संबंधी गंभीर चिंताओं का मामला सामने आया है। यह विवाद मुख्य रूप से उनकी सिक्योरिटी क्लीयरेंस में हुई लंबी देरी और राष्ट्रपति ट्रंप तक उनकी असाधारण पहुंच को लेकर है। खबरों के मुताबिक, नताली हार्प ने एक साल से भी अधिक समय तक उस नियमित सुरक्षा जांच प्रक्रिया को पूरा नहीं किया था, जो वेस्ट विंग में काम करने वाले हर कर्मचारी के लिए अनिवार्य होती है। हालांकि, हाल ही में उन्होंने औपचारिक फेडरल बैकग्राउंड जांच के लिए आवश्यक दस्तावेज जमा किए और क्लीयरेंस प्राप्त कर लिया है, लेकिन इस देरी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
ट्रंप और मेलानिया के बीच अनबन की खबरें
व्हाइट हाउस के गलियारों में यह चर्चा भी जोरों पर है कि नताली हार्प की राष्ट्रपति ट्रंप तक चौबीसों घंटे पहुंच के कारण ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप के बीच अनबन की स्थिति पैदा हो गई है। नताली हार्प न केवल ट्रंप के पेशेवर कार्यों में शामिल रहती हैं, बल्कि वह उनके निजी और सार्वजनिक जीवन के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी बन गई हैं। उनकी इस सक्रियता और राष्ट्रपति के साथ उनकी निरंतर मौजूदगी ने न केवल परिवार के भीतर बल्कि व्हाइट हाउस के वरिष्ठ कर्मचारियों के बीच भी नाराजगी पैदा की है।
सिक्योरिटी क्लीयरेंस को लेकर विवाद
मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के अनुसार, हार्प की ट्रंप तक बेहद करीबी और लगभग चौबीसों घंटे पहुंच को लेकर वेस्ट विंग के सीनियर कर्मचारियों में गहरी नाराजगी और चिंता रही है। सिक्योरिटी क्लीयरेंस प्रक्रिया से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, हार्प को जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी करने के लिए कई बार समय दिया गया था। इस प्रक्रिया में SF-86 नाम का एक विस्तृत फॉर्म भरना होता है। इस फॉर्म में व्यक्ति को अपने पिछले पते, वित्तीय इतिहास और विदेशी संपर्कों जैसी बेहद निजी और महत्वपूर्ण जानकारियां देनी होती हैं। इसी डेटा के आधार पर फेडरल बैकग्राउंड जांच शुरू की जाती है। हार्प द्वारा इस प्रक्रिया को पूरा न करने पर व्हाइट हाउस के कानूनी सलाहकारों और सुरक्षा अधिकारियों की चिंताएं बढ़ गई थीं। अंततः, राष्ट्रपति ट्रंप ने खुद इस मामले में हस्तक्षेप किया, जिसके बाद हार्प ने यह प्रक्रिया पूरी की। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हार्प ने शुरुआत में क्लीयरेंस प्रक्रिया पूरी करने से इनकार क्यों किया था।
सीक्रेट सर्विस की सुरक्षा संबंधी चिंताएं
तीन अलग-अलग सूत्रों के मुताबिक, ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के शुरुआती दौर में ही सीक्रेट सर्विस ने हार्प को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताएं जाहिर की थीं और इनमें से कुछ चिंताएं उनकी राष्ट्रपति तक बेरोकटोक पहुंच से जुड़ी थीं, जबकि कुछ उनकी अधूरी सिक्योरिटी क्लीयरेंस से संबंधित थीं। एक राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारी ने इस बात पर चिंता जताई कि राष्ट्रपति के आवास और वेस्ट विंग में ट्रंप के साथ लगातार मौजूद रहने की वजह से हार्प को ऐसी संवेदनशील सूचनाओं तक पहुंच मिल जाती है, जो कई अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के पास भी नहीं होती।
कैसे बनीं नताली हार्प ट्रंप की गेटकीपर
2024 के राष्ट्रपति चुनाव अभियान से पहले ट्रंप की टीम में शामिल होने के बाद हार्प धीरे-धीरे राष्ट्रपति ट्रंप की सबसे महत्वपूर्ण गेटकीपर बन गईं। वह ट्रंप तक प्रिंटेड न्यूज रिपोर्ट, पोलिंग डेटा और उनके समर्थकों या करीबियों के संदेश पहुंचाने का काम करती थीं। ट्रंप के करीबी सहयोगियों ने उन्हें ह्यूमन प्रिंटर का नाम दिया था। मामले से जुड़े लोगों के अनुसार, व्हाइट हाउस के कुछ वरिष्ठ कर्मचारियों ने ट्रंप तक हार्प की चौबीसों घंटे पहुंच को सीमित करने की कोशिश भी की थी, लेकिन वे इसमें सफल नहीं हो सके।
नताली हार्प का ट्रंप से जुड़ाव और करियर
हार्प पहली बार ट्रंप के करीबी दायरे में 2020 में आई थीं। उस साल रिपब्लिकन नेशनल कन्वेंशन में उन्होंने एक प्रभावशाली भाषण दिया था और अपनी जान बचाने का श्रेय ट्रंप को दिया था। उन्होंने दावा किया था कि ट्रंप द्वारा राइट टू ट्राई एक्ट पर हस्ताक्षर करने के कारण ही उन्हें बोन कैंसर के लिए एक प्रयोगात्मक इलाज मिल सका। हालांकि, मेडिकल विशेषज्ञों ने इस दावे और ट्रंप के हस्ताक्षर के बीच सीधे संबंध पर सवाल उठाए थे। इसके बाद हार्प ने टीवी नेटवर्क वन अमेरिका न्यूज में एक होस्ट के तौर पर काम किया। 2022 में वह ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के अभियान से जुड़ गईं। 20 जनवरी 2025 को ट्रंप के राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद हार्प आधिकारिक तौर पर व्हाइट हाउस स्टाफ का हिस्सा बन गईं। उनके पास वर्तमान में राष्ट्रपति की विशेष सहायक और राष्ट्रपति की कार्यकारी सहायक के पद हैं।
व्हाइट हाउस का आधिकारिक बयान
व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने हार्प की सुरक्षा स्थिति पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि उनके पास भी बाकी कर्मचारियों की तरह ही सिक्योरिटी क्लीयरेंस है। उन्होंने हार्प को राष्ट्रपति ट्रंप की एक वफादार और मेहनती टीम सदस्य बताया। हालांकि, हार्प की शुरुआती क्लीयरेंस प्रक्रिया में हुई देरी और राष्ट्रपति तक उनकी असाधारण पहुंच अभी भी कई चर्चाओं का विषय बनी हुई है।
