नीट यूजी परीक्षा कल: 22 लाख छात्रों के लिए एनटीए के हाईटेक सुरक्षा इंतजाम

नीट-यूजी की दोबारा परीक्षा कल आयोजित की जाएगी जिसमें करीब 22 लाख छात्र शामिल होंगे। एनटीए ने पेपर लीक रोकने के लिए 1 लाख 38 हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरों, एआई तकनीक और 51 हजार से अधिक जैमर्स के साथ सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं।

नीट-यूजी की दोबारा परीक्षा कल यानी रविवार को आयोजित होने जा रही है, जो नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के लिए एक बड़ी प्रशासनिक और सुरक्षा चुनौती है। इस परीक्षा में देश भर के लगभग 22 लाख परीक्षार्थी हिस्सा लेंगे। परीक्षा के सफल और सुरक्षित आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए शनिवार, 20 जून को देश भर में एक व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान पुलिस, जिला प्रशासन और परीक्षा केंद्रों की विभिन्न टीमों ने केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि रविवार को पेपर लीक या नकल की कोई भी घटना न हो और परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के बेहद कड़े और पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

परीक्षा का विशाल पैमाना और बुनियादी ढांचा

पिछली घटनाओं के बाद बिना किसी गड़बड़ी के परीक्षा संपन्न कराना एनटीए के लिए साख का सवाल बन गया है। देश भर के करीब 22 लाख छात्रों के लिए भारत के 551 शहरों और विदेशों के 14 शहरों में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इस बार कुल 5,440 परीक्षा केंद्र तैयार किए गए हैं, जिनमें 95,000 से अधिक परीक्षा कक्ष शामिल हैं। यह परीक्षा अंग्रेजी के साथ-साथ 12 अन्य भारतीय भाषाओं में आयोजित की जाएगी, जिससे क्षेत्रीय भाषाओं के छात्रों को सुविधा मिल सके। हर परीक्षा कक्ष में सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की गई है ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके।

हाईटेक निगरानी और सुरक्षा तकनीक

नकल और पेपर लीक को रोकने के लिए एनटीए ने तकनीक का सहारा लिया है। पूरे देश में कुल 1,38,560 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी लाइव मॉनिटरिंग राष्ट्रीय, राज्य और मंत्रालय स्तर पर बने सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल रूम से की जाएगी। सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण करने के लिए एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीक का भी उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा, परीक्षा केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के माध्यम से होने वाली नकल को रोकने के लिए 51,311 जैमर तैनात किए गए हैं। परीक्षा पत्रों को केंद्रों तक ले जाने के दौरान उनकी जीपीएस ट्रैकिंग की जाएगी और इस दौरान पुलिस एस्कॉर्ट भी उपलब्ध कराया जाएगा।

भारी संख्या में कर्मियों की तैनाती

इस विशाल परीक्षा को संपन्न कराने के लिए 2 लाख से अधिक कर्मचारियों की फौज मैदान में है। इसमें 674 सिटी कोऑर्डिनेटर और 6,669 ऑब्जर्वर शामिल हैं। इसके अलावा, लगभग 100 वर्चुअल ऑब्जर्वर भी तैनात किए गए हैं। हर परीक्षा केंद्र पर एक सेंटर सिस्टम ऑफिसर (सीएसओ) की नियुक्ति की गई है और परीक्षार्थियों की गहन जांच के लिए 38,795 फ्रिस्किंग स्टाफ और 48,448 बायोमेट्रिक सत्यापन कर्मियों को लगाया गया है। किसी भी तरह की धोखाधड़ी रोकने के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक व्यवस्था के साथ-साथ फेस ऑथेंटिकेशन की भी व्यवस्था की गई है। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर औसतन 40-50 सुरक्षा कर्मी तैनात रहेंगे, जिनमें पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान शामिल हैं।

लॉजिस्टिक्स और परीक्षार्थियों की सुविधाएं

परीक्षा सामग्री की गोपनीयता बनाए रखने के लिए लगभग 1,500 बैंक शाखाओं में अधिकारियों की तैनाती की गई है, जहां प्रश्नपत्र सुरक्षित रखे गए हैं। परीक्षा के बाद ओएमआर शीट के संग्रह के लिए देशभर में लगभग 700 कलेक्शन सेंटर बनाए गए हैं। सुरक्षा के साथ-साथ छात्रों की सुविधा का भी ध्यान रखा गया है। केंद्रों पर पीने का पानी, ओआरएस और एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सुविधाएं मौजूद रहेंगी। अभिभावकों के बैठने के लिए छायादार वेटिंग एरिया बनाए गए हैं। परीक्षा कक्षों में दीवार घड़ियां लगाई गई हैं और छात्रों को रफ वर्क के लिए अतिरिक्त पेज दिए जाएंगे। प्रवेश प्रक्रिया में लगने वाले समय को देखते हुए परीक्षा की अवधि में भी आवश्यक समायोजन किया गया है।

अफवाहों पर लगाम और एनटीए की चेतावनी

एनटीए सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और फर्जी पेपर लीक के दावों पर कड़ी नजर रख रहा है और सुरक्षा व्यवस्था में भारतीय वायु सेना और डाक विभाग का भी सहयोग लिया जा रहा है। एनटीए ने स्पष्ट किया है कि मेटल डिटेक्टर, सीसीटीवी और बायोमेट्रिक जैसी व्यवस्थाएं केंद्रों के भीतर नकल रोकने में प्रभावी होंगी, लेकिन उनका मुख्य ध्यान परीक्षा से पहले होने वाले पेपर लीक को रोकने पर है। अभ्यर्थियों और उनके माता-पिता को सलाह दी गई है कि वे केवल एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट और सूचनाओं पर ही भरोसा करें और किसी भी भ्रामक खबर का शिकार न हों।