Benjamin Netanyahu News / नेतन्याहू ने फिलिस्तीन को राज्य का दर्जा ठुकराया, US ने किया समर्थन

संयुक्त राष्ट्र महासभा में इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सख्त संदेश दिया कि फिलिस्तीन को स्वतंत्र राज्य का दर्जा नहीं मिलेगा। उन्होंने 7 अक्टूबर 2023 हमले की तुलना अमेरिका के 9/11 से की। अमेरिका ने जोरदार तालियों से उनका समर्थन किया। इस रुख से पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने की आशंका है।

Benjamin Netanyahu News: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपने हालिया भाषण में साफ कर दिया कि इजराइल फिलिस्तीन को स्वतंत्र राज्य का दर्जा देने के पक्ष में नहीं है। उनके इस बयान ने पश्चिम एशिया में पहले से चले आ रहे तनाव को और गहराने का काम किया है। नेतन्याहू ने 7 अक्टूबर 2023 को हमास द्वारा किए गए हमले की तुलना अमेरिका के 11 सितंबर 2001 के आतंकी हमले से की, जिसे उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने इजराइल की सुरक्षा चिंताओं को रेखांकित करने के लिए इस्तेमाल किया।

7 अक्टूबर और 11 सितंबर की तुलना

नेतन्याहू ने अपने भाषण में 7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले को 9/11 के आतंकी हमले के समकक्ष बताया। उन्होंने कहा, "7 अक्टूबर के बाद येरुशलम से केवल एक मील दूर फिलिस्तीन को राज्य का दर्जा देना वैसा ही होगा, जैसे 11 सितंबर के बाद न्यूयॉर्क से एक मील दूर अल-कायदा को राज्य देना।" यह तुलना इजराइल द्वारा बार-बार दोहराई जाती रही है ताकि हमास के हमले की गंभीरता को उजागर किया जा सके और फिलिस्तीन को राज्य का दर्जा देने के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाया जा सके। इस बयान को अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने जोरदार तालियों के साथ समर्थन दिया, जिससे एक बार फिर अमेरिका की इजराइल के प्रति अटूट प्रतिबद्धता स्पष्ट हुई।

"यह पागलपन है"

नेतन्याहू ने सख्त लहजे में कहा, "फिलिस्तीन को स्वतंत्र राज्य बनाने की मांग खतरनाक और अस्वीकार्य है। यह पागलपन है, और हम इसे कभी स्वीकार नहीं करेंगे।" इस बयान से साफ है कि इजराइल दो-राष्ट्र समाधान के लिए अभी तैयार नहीं है। अमेरिका के खुले समर्थन ने इस रुख को और मजबूती दी है, जिससे फिलिस्तीनी मांगों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर कड़े विरोध का सामना करना पड़ सकता है। इस स्थिति ने पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने की आशंका को और बल दिया है।

हॉल में विरोध और समर्थन

नेतन्याहू के भाषण के दौरान UNGA का हॉल लगभग खाली हो गया था, क्योंकि कई देशों के प्रतिनिधि उनके बोलने से पहले ही बाहर चले गए। यह इजराइल के रुख के प्रति वैश्विक असहमति का प्रतीक था। हालांकि, इजराइली प्रतिनिधिमंडल और अमेरिकी प्रतिनिधियों ने उनके भाषण की सराहना की। खास तौर पर, जब नेतन्याहू ने लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ इजराइल की कार्रवाई का जिक्र किया, जिसमें सैकड़ों पेजर उपकरणों को नष्ट किया गया, तब इजराइली प्रतिनिधिमंडल ने जोरदार तालियाँ बजाईं।

हमास पर निशाना

नेतन्याहू ने अपने भाषण में हमास को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि हालांकि हमास की ताकत कम हो गई है, लेकिन वह अब भी एक खतरा बना हुआ है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमास ने 7 अक्टूबर जैसी हिंसा को दोहराने की कसम खाई है, जिसके चलते इजराइल अपनी सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं करेगा।

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