इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी संभावित गिरफ्तारी और सुरक्षा को लेकर एक अत्यंत कड़ा और स्पष्ट बयान जारी किया है और एक हालिया साक्षात्कार में उन्होंने दुनिया को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि किसी भी विदेशी सरकार द्वारा उन्हें हिरासत में लेने का प्रयास किया जाता है, तो इजरायल की स्पेशल फोर्स इस स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार बैठी है। यह बयान उस समय आया है जब अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) द्वारा उनके खिलाफ जारी किए गए गिरफ्तारी वारंट को लेकर वैश्विक स्तर पर चर्चाएं तेज हैं।
आईसीसी वारंट और नेतन्याहू की प्रतिक्रिया
आपको बता दें कि यह पूरा विवाद तब और गहरा गया जब नवंबर 2024 में इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और इजरायल के पूर्व रक्षा मंत्री योआव गैलेंट के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी किया था। इन दोनों नेताओं पर युद्ध अपराधों और मानवता के खिलाफ अपराधों के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इस वारंट के बावजूद नेतन्याहू ने स्पष्ट किया है कि उन्हें उन देशों की यात्रा करने में कोई हिचकिचाहट नहीं है जो 2024 के आईसीसी आदेश का समर्थन करते हैं। वह अपनी अंतरराष्ट्रीय यात्राओं को लेकर अडिग नजर आ रहे हैं।
फॉक्स न्यूज इंटरव्यू के मुख्य अंश
वर्तमान में अमेरिका के दौरे पर मौजूद बेंजामिन नेतन्याहू ने फॉक्स न्यूज को एक विशेष इंटरव्यू दिया। इस दौरान उनसे विदेशों में गिरफ्तार किए जाने के जोखिमों के बारे में सवाल पूछे गए। विशेष रूप से मेडिकल इमरजेंसी जैसी अप्रत्याशित घटनाओं के बारे में पूछे जाने पर, जो उन्हें किसी विदेशी धरती पर असुरक्षित बना सकती हैं, नेतन्याहू ने अपनी सैन्य शक्ति का भरोसा जताया। उन्होंने कहा, "हाँ, मैं इसके बारे में सोचता हूँ। आप जानते हैं, हमारे पास स्पेशल फोर्स मौजूद हैं। " उनका यह बयान उनकी सुरक्षा टीम की क्षमता और उनकी अपनी सैन्य पृष्ठभूमि की ओर इशारा करता है।
मेयर जोहरान ममदानी पर तीखा हमला
अपने इंटरव्यू के दौरान नेतन्याहू ने न्यूयॉर्क शहर के मेयर जोहरान ममदानी पर भी जमकर निशाना साधा। दरअसल, ममदानी ने पहले एक बयान जारी किया था कि अगर नेतन्याहू सितंबर में न्यूयॉर्क में होने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में भाग लेने आते हैं, तो वे अधिकारियों से उनकी गिरफ्तारी को लेकर चर्चा करेंगे। नेतन्याहू ने ममदानी को "नफरत फैलाने वाला अधिकारी" करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि मेयर न्यूयॉर्क के लोगों के एक समूह को दूसरे समूह के खिलाफ भड़का रहे हैं और उन्हें न्यूयॉर्क के यहूदियों के खिलाफ कर रहे हैं।
विवाद की पृष्ठभूमि और ममदानी का यू-टर्न
इस विवाद की जड़ें जुलाई महीने की शुरुआत में हैं, जब मेयर जोहरान ममदानी ने कहा था कि वह विधि विभाग के साथ इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि क्या नेतन्याहू के न्यूयॉर्क आने पर उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। हालांकि, बाद में ममदानी अपने इस बयान से पलट गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके पास अरेस्ट वारंट को लागू करने का कोई स्वतंत्र कानूनी अधिकार नहीं है, क्योंकि यह अधिकार केवल फेडरल गवर्नमेंट के पास सुरक्षित है। हालांकि, उन्होंने फेडरल गवर्नमेंट से अरेस्ट वारंट को लागू करने का आग्रह जरूर किया।
डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन
इस पूरे विवाद के बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी अपनी स्थिति स्पष्ट की है और ट्रंप ने नेतन्याहू को संबोधित करते हुए एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अमेरिका में रहते हुए उन्हें किसी भी स्थिति में गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। ट्रंप का यह बयान नेतन्याहू के लिए एक बड़े राजनीतिक समर्थन के रूप में देखा जा रहा है, जो अमेरिका के भीतर इस मुद्दे पर मौजूद वैचारिक मतभेदों को भी दर्शाता है। नेतन्याहू ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी दबाव में अपनी न्यूयॉर्क यात्रा को नहीं रोकेंगे और सच बोलना जारी रखेंगे।
