नितिन नबीन बने भाजपा के सबसे युवा अध्यक्ष: अमित शाह का रिकॉर्ड टूटा, आज होगा बड़ा ऐलान

भाजपा ने नितिन नबीन को अपना 12वां राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया है। 45 वर्षीय नबीन पार्टी के इतिहास में सबसे कम उम्र के अध्यक्ष बने हैं। निर्विरोध चुने जाने के बाद आज उनके नाम की आधिकारिक घोषणा होगी, जिससे पार्टी में एक नए युग की शुरुआत मानी जा रही है।

भारतीय जनता पार्टी के सांगठनिक ढांचे में एक नए युग की शुरुआत हो गई है और नितिन नबीन अब भाजपा के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में कमान संभालेंगे। सोमवार को दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में चुनाव प्रक्रिया संपन्न हुई, जिसमें नबीन को निर्विरोध चुना गया। 45 साल की उम्र में इस पद पर पहुंचने वाले वह पार्टी के इतिहास के सबसे युवा अध्यक्ष बन गए हैं। उन्होंने अमित शाह के 49 साल की उम्र में अध्यक्ष बनने के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। यह बदलाव भाजपा की उस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है जिसमें युवाओं को आगे लाने पर जोर दिया जा रहा है।

आधिकारिक घोषणा और धार्मिक यात्रा

मंगलवार को नितिन नबीन के भाजपा अध्यक्ष चुने जाने का आधिकारिक ऐलान किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को संभालने से पहले नबीन ने दिल्ली के प्रमुख धार्मिक स्थलों का दौरा किया। उन्होंने भगवान वाल्मीकि मंदिर, गुरुद्वारा बंगला साहिब और झंडेवालान मंदिर में मत्था टेका और आशीर्वाद लिया। सूत्रों के अनुसार, आधिकारिक घोषणा के बाद वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात कर सकते हैं। यह मुलाकात भविष्य की रणनीतियों और पार्टी के विस्तार की योजनाओं के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है।

पत्नी की प्रतिक्रिया: हीरे की परख जौहरी को

राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी डॉ. के. लक्ष्मण ने बताया कि इस पद के लिए केवल नितिन नबीन का ही नाम प्रस्तावित हुआ था। उनके समर्थन में कुल 37 सेट नामांकन पत्र दाखिल किए गए थे और इन सभी पत्रों की बारीकी से जांच की गई और सभी को वैध पाया गया। नामांकन प्रक्रिया के दौरान पार्टी की एकजुटता साफ दिखाई दी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, निवर्तमान अध्यक्ष जेपी नड्डा और नितिन गडकरी जैसे दिग्गज नेताओं ने नबीन के पक्ष में नामांकन पत्र जमा किए थे। इसके अलावा विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं ने भी उनके नाम पर मुहर लगाई।

नितिन नबीन की इस उपलब्धि पर उनके परिवार में खुशी का माहौल है। उनकी पत्नी दीपमाला श्रीवास्तव ने इस चयन पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्रीय नेतृत्व को सही पहचान है कि कौन व्यक्ति काम करने में सक्षम है। उन्होंने एक मुहावरे का जिक्र करते हुए कहा कि हीरे की परख जौहरी को ही होती है और पार्टी ने एक हीरा चुनकर निकाला है। उन्होंने बताया कि नितिन ने पार्टी के लिए दिन-रात मेहनत। की है और आज उन्हें उसी समर्पण का फल मिला है।

संगठनात्मक चुनाव का गणित

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया काफी विस्तृत होती है। डॉ. के. लक्ष्मण के अनुसार, 36 में से 30 राज्यों में प्रदेश अध्यक्षों के चुनाव पूरे होने के बाद ही यह प्रक्रिया शुरू की गई थी और नियम के मुताबिक, कम से कम 50 प्रतिशत राज्यों में चुनाव होना अनिवार्य है, जबकि यहां यह आंकड़ा कहीं अधिक रहा। कुल 37 नामांकन सेटों में से 36 सेट अलग-अलग राज्यों। से आए थे, जिनमें प्रत्येक पर 20 नेताओं के हस्ताक्षर थे। एक विशेष सेट भाजपा संसदीय बोर्ड की ओर से था, जिस पर प्रधानमंत्री सहित 37 सांसदों के हस्ताक्षर मौजूद थे।

भाजपा के अध्यक्षों का इतिहास

भाजपा के 46 साल के इतिहास में अब तक 11 नेता राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। लालकृष्ण आडवाणी ने सबसे अधिक तीन बार यह पद संभाला, जबकि राजनाथ सिंह दो बार अध्यक्ष रहे। अब नितिन नबीन 12वें अध्यक्ष के रूप में इस सूची में शामिल हो गए हैं और पिछले 6 महीनों में भाजपा ने कई राज्यों में निर्विरोध अध्यक्ष चुने हैं, जिनमें मध्य प्रदेश के हेमंत खंडेलवाल, उत्तर प्रदेश के पंकज चौधरी और झारखंड के आदित्य साहू शामिल हैं। यह दर्शाता है कि पार्टी सर्वसम्मति से नेतृत्व चुनने की परंपरा को मजबूत कर रही है।