सपा में होगी बड़ी टूट, ओपी राजभर का दावा, राम गोपाल यादव ने अमित शाह को सौंपी चिट्ठी

उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी में बड़ी टूट का दावा करते हुए सियासी हलचल तेज कर दी है। राजभर के अनुसार, राम गोपाल यादव ने गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात कर एक गोपनीय पत्र सौंपा है।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बड़े उलटफेर के संकेत मिल रहे हैं। यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने एक बेहद चौंकाने वाला दावा किया है। राजभर का कहना है कि उत्तर प्रदेश की मुख्य विपक्षी पार्टी, समाजवादी पार्टी (सपा) में बहुत जल्द एक बड़ी टूट होने वाली है। उन्होंने दावा किया कि सपा के कई नेता और सांसद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने के लिए पूरी तरह तैयार बैठे हैं।

अमित शाह और राम गोपाल यादव की मुलाकात का दावा

ओम प्रकाश राजभर ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि समाजवादी पार्टी में बड़ी टूट होगी। उन्होंने इस दावे को पुख्ता करने के लिए एक बड़ी जानकारी साझा की कि सपा के वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की है और उन्हें एक चिट्ठी सौंपी है। राजभर ने एक वीडियो बयान में यह भी कहा कि राम गोपाल यादव पत्र देने के बाद मुस्कुराते हुए वहां से चले गए। राजभर का अनुमान है कि इस गोपनीय पत्र में उन सांसदों के नाम शामिल हो सकते हैं जो पार्टी छोड़ने की तैयारी में हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि सपा के बड़ी संख्या में सांसद टूटने जा रहे हैं और वे भाजपा का दामन थाम सकते हैं।

घोटालों और विपक्षी दलों की स्थिति पर प्रहार

राजभर ने समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता भली-भांति जानती है कि खनन घोटाला और गोमती रिवर फ्रंट घोटाला का मास्टरमाइंड कौन है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे इन मामलों में जांच का शिकंजा कस रहा है, वैसे-वैसे समाजवादी पार्टी के अंदर बेचैनी बढ़ती जा रही है। राजभर ने पश्चिम बंगाल में टीएमसी और महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना में हुई टूट का उदाहरण देते हुए कहा कि अब यूपी में सपा का भी वही हश्र होने वाला है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि लोग महाराष्ट्र और बंगाल की बात छोड़ दें, क्योंकि अब पूरी की पूरी समाजवादी पार्टी ही भाजपा में शामिल होने के लिए कतार में खड़ी है।

ब्राह्मण सम्मेलन पर तीखा तंज

अखिलेश यादव द्वारा आयोजित किए जा रहे ब्राह्मण सम्मेलन पर भी ओम प्रकाश राजभर ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जाति व्यवस्था में ब्राह्मण को सबसे विद्वान माना जाता है, लेकिन अब अखिलेश यादव उन्हें समझाने का काम कर रहे हैं। राजभर ने इटावा के एक पुराने कथावाचक विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि अखिलेश यादव ने तब कहा था कि यादव भी कथा कह सकता है। उन्होंने दावा किया कि सपा की ब्राह्मण सभा में केवल यादव ही नजर आएंगे और राजभर ने इसकी तुलना बसपा की पुरानी कार्यशैली से की, जहां उनके अनुसार कैडर के नेता जनेऊ पहनकर बैठते थे। उन्होंने कहा कि सपा भी अब उसी राह पर है और अपने यादव कार्यकर्ताओं को ही ब्राह्मण सम्मेलन में बैठा रही है।

महाराष्ट्र और बंगाल के राजनीतिक घटनाक्रम का संदर्भ

राजभर के इन दावों के बीच देश के अन्य राज्यों की राजनीतिक स्थिति का भी जिक्र किया गया है और बंगाल चुनाव के बाद ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी में बड़ी टूट देखी गई थी। वहीं, महाराष्ट्र में भी सियासी घमासान जारी है, जहां उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) के 6 सांसदों के बगावत करने की खबरें सामने आई हैं। सूत्रों के अनुसार, इन बागी सांसदों ने लोकसभा स्पीकर से मुलाकात कर एक हस्ताक्षरयुक्त पत्र भी सौंपा है, हालांकि इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। राजभर ने इन्हीं परिस्थितियों को आधार बनाकर सपा में भी वैसी ही टूट की भविष्यवाणी की है। फिलहाल, राजभर के इन बयानों पर समाजवादी पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।