ओवैसी का पलटवार: 'मैं चुनाव लड़ता रहूंगा, मेरी सफलता से जलते हैं लोग'

असदुद्दीन ओवैसी ने बीजेपी के साथ 'मैच-फिक्सिंग' के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वे मुस्लिम अधिकारों के लिए चुनाव लड़ना जारी रखेंगे और विरोधियों की साजिशों का डटकर मुकाबला करेंगे।

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने हाल ही में अपने ऊपर लग रहे 'बीजेपी की बी-टीम' और 'मैच-फिक्सिंग' के आरोपों पर चुप्पी तोड़ी है और उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी बढ़ती सफलता से विरोधी दल डरे हुए हैं और इसीलिए उन पर बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं। ओवैसी ने साफ कर दिया कि वे किसी के दबाव में नहीं आएंगे और लोकतंत्र में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए चुनाव लड़ना जारी रखेंगे। उनके अनुसार, ये आरोप केवल उनकी छवि खराब करने की एक कोशिश है क्योंकि वे हाशिए पर खड़े समाज की आवाज बन रहे हैं।

सफलता से जलते हैं लोग

ओवैसी ने कहा कि जब भी उनकी पार्टी किसी राज्य में अच्छा प्रदर्शन करती है, तो तथाकथित धर्मनिरपेक्ष दल उन पर हमलावर हो जाते हैं। उन्होंने तर्क दिया कि उनकी सफलता ही उनके विरोधियों की परेशानी का सबसे बड़ा कारण है और ओवैसी के अनुसार, उनकी राजनीति का उद्देश्य मुस्लिम समुदाय को उनका राजनीतिक हक दिलाना है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि अगर मुस्लिमों के हक के लिए उन्हें मौजूदा राजनीतिक संतुलन बिगाड़ना पड़े, तो वे इससे पीछे नहीं हटेंगे। उनके लिए समुदाय का हित सर्वोपरि है, न कि किसी गठबंधन की जीत या हार।

विधायकों की खरीद-फरोख्त पर तीखा प्रहार

बिहार में आरजेडी द्वारा उनके विधायकों को तोड़े जाने पर ओवैसी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब दूसरे दल उनके विधायक तोड़ते हैं, तो उसे 'गांधीवादी' कार्य क्यों माना जाता है? उन्होंने महाराष्ट्र में शिवसेना और एनसीपी के विभाजन का उदाहरण देते हुए विपक्षी दलों के दोहरे रवैये और पाखंड को उजागर किया और ओवैसी ने कहा कि जब कांग्रेस या अन्य दलों के विधायक भागते हैं, तो वे शोर मचाते हैं, लेकिन जब वे एआईएमआईएम के साथ ऐसा करते हैं, तो उसे जायज ठहराते हैं। यह उनकी हिपोक्रेसी को दर्शाता है।

ओवैसी ने अपनी पार्टी की बढ़ती ताकत का जिक्र करते हुए बताया कि बिहार और महाराष्ट्र के निकाय चुनावों में एआईएमआईएम ने शानदार प्रदर्शन किया है। महाराष्ट्र निकाय चुनाव में पार्टी ने 125 वार्डों में जीत हासिल की है, जो पिछले चुनाव की 56 सीटों के मुकाबले एक बड़ी छलांग है और मराठवाड़ा और विदर्भ जैसे क्षेत्रों में पार्टी की पकड़ मजबूत हुई है, जो यह दर्शाता है कि जनता उनकी विचारधारा से जुड़ रही है। ओवैसी ने आत्मविश्वास के साथ कहा कि वे भविष्य में भी इसी तरह चुनाव लड़ते रहेंगे और अपनी ताकत बढ़ाएंगे।

राजनीतिक संतुलन और भविष्य की रणनीति

ओवैसी का मानना है कि देश की राजनीति में मुस्लिमों को केवल वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया गया है। वे इस धारणा को बदलना चाहते हैं। उनका कहना है कि वे किसी को जिताने या हराने के लिए नहीं, बल्कि खुद को स्थापित करने के लिए चुनाव लड़ते हैं। विरोधियों द्वारा लगाए गए 'वोट कटवा' के आरोपों पर उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर किसी को चुनाव लड़ने का अधिकार है। वे अपनी रणनीति पर अडिग हैं और आने वाले समय में अन्य राज्यों में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की योजना बना रहे हैं।