Owaisi on PM Modi / ओवैसी का PM मोदी पर बड़ा हमला: 'जब ट्रंप कर सकता है तो आपको भी करना पड़ेगा'

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने महाराष्ट्र में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी को चुनौती दी। उन्होंने वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि अगर ट्रंप वहां के राष्ट्रपति को अगवा कर सकते हैं, तो पीएम मोदी को भी मुंबई धमाकों के साजिशकर्ताओं को पाकिस्तान से लाना चाहिए।

महाराष्ट्र में आगामी निकाय चुनावों के बीच, राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं और इसी कड़ी में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी भी जोर-शोर से चुनाव प्रचार में जुटे हुए हैं। 15 जनवरी को होने वाले मतदान से पहले, ओवैसी ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर एक बड़ा और सीधा हमला बोला है। उन्होंने अपने भाषण में वेनेजुएला में हुई कथित अमेरिकी कार्रवाई का जिक्र करते हुए। पीएम मोदी को मुंबई धमाकों के साजिशकर्ताओं को पाकिस्तान से भारत लाने की चुनौती दी।

ओवैसी का तीखा संबोधन

मुंबई में एक चुनावी सभा के दौरान, असदुद्दीन ओवैसी ने अपने चिर-परिचित आक्रामक अंदाज में भाषण दिया। उन्होंने अपने संबोधन में अंतरराष्ट्रीय घटनाओं का हवाला देते हुए भारतीय राजनीति पर टिप्पणी की। ओवैसी ने कहा कि उन्होंने देखा कि कैसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला में अपनी सेना भेजकर वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनके ही देश से उठा लिया और उन्हें अमेरिका ले गए और इस घटना का जिक्र करते हुए ओवैसी ने सीधे तौर पर प्रधानमंत्री मोदी को चुनौती दी और कहा कि अगर अमेरिका ऐसा कर सकता है, तो भारत क्यों नहीं? उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अगर ट्रंप कर सकते हैं, तो मोदी को भी ऐसा करना पड़ेगा।

वेनेजुएला का उदाहरण और पीएम मोदी को चुनौती

एआईएमआईएम प्रमुख ने अपने भाषण में वेनेजुएला की घटना को एक उदाहरण के तौर पर पेश किया। उन्होंने कहा, “आज हमने देखा कि वेनेजुएला में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी फौज को भेजकर एक मुल्क से उसी के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उठाकर उनके देश से लेकर चले गए। ” इस बयान के तुरंत बाद, ओवैसी ने प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को संबोधित करते हुए कहा कि, “मोदी जी, अमित शाह, फडणवीस जी जब ट्रंप अपनी फौज को भेज कर वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनके देश से अगवा कर सकते हैं, जब सउदी अरब यमन में पोर्ट पर बमबारी कर सकता है तो मोदी जी हम आपको कह रहे हैं, आप भी पाकिस्तान जाकर, जो मुंबई की सड़कों पर साजिश करने वाले लोग हैं, चाहे वह मसूद अजहर हो या फिर लश्कर-ए-तैयबा का जालिम शैतान हो, मोदी जी 56 इंच का सीना है तो उन्हें वापस लाओ। ” यह बयान सीधे तौर पर पीएम मोदी की ‘56 इंच के सीने’ वाली छवि को चुनौती देता है।

'जब ट्रंप कर सकता है तो आपको भी करना पड़ेगा'

ओवैसी ने अपने संबोधन में बार-बार इस बात पर जोर दिया कि अगर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वेनेजुएला के राष्ट्रपति को अगवा कर सकते हैं, तो भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी मुंबई धमाकों के साजिशकर्ताओं को पाकिस्तान से वापस लाना चाहिए। उन्होंने कहा, “अगर ट्रंप कर सकता है तो क्या आप कम हैं और जब ट्रंप कर सकता है तो आपको भी करना पड़ेगा, क्योंकि मोदी ने कहा था अबकी बार ट्रंप सरकार। ” यह टिप्पणी पीएम मोदी के अमेरिका दौरे के दौरान दिए गए ‘अबकी बार ट्रंप सरकार’ के। नारे का संदर्भ देती है, जिसका उपयोग ओवैसी ने पीएम मोदी पर पलटवार करने के लिए किया। उन्होंने इस नारे को याद दिलाते हुए कहा कि अगर पीएम मोदी ने ट्रंप। का समर्थन किया था, तो उन्हें ट्रंप जैसी कार्रवाई करने में भी सक्षम होना चाहिए।

वेनेजुएला में कथित अमेरिकी कार्रवाई का विवरण

ओवैसी द्वारा दिए गए बयान के अनुसार, वेनेजुएला में शनिवार को विस्फोट की कई आवाजें सुनाई दी थीं, और कम ऊंचाई पर उड़ान भरते विमान राजधानी काराकस के ऊपर से गुजरे थे। इसके बाद, मादुरो की सरकार ने तत्काल ही अमेरिका पर नागरिक और सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमला करने का आरोप लगाया। वेनेजुएला की सरकार ने इस घटना को ‘‘साम्राज्यवादी हमला’’ करार। दिया और अपने नागरिकों से सड़कों पर उतरने का आह्वान किया। थोड़ी देर बाद, कथित तौर पर अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति। मादुरो को बंधक बना लिया और फिर उन्हें अमेरिका लेकर चले गए। इसके बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह घोषणा की कि अब वेनेजुएला में सुरक्षित सत्ता हस्तांतरण होने तक अमेरिका उस देश का प्रशासन संभालेगा और ओवैसी ने इसी घटनाक्रम का हवाला देते हुए पीएम मोदी से सवाल किया कि अगर अमेरिका इतनी बड़ी कार्रवाई कर सकता है, तो भारत अपने दुश्मनों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई क्यों नहीं कर सकता।

राजनीतिक निहितार्थ और चुनावी माहौल

महाराष्ट्र में निकाय चुनावों के बीच ओवैसी का यह बयान राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा सकता है। यह बयान न केवल पीएम मोदी की विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा पर सवाल उठाता है, बल्कि यह AIMIM के चुनावी अभियान को भी धार देता है और ओवैसी ने इस बयान के माध्यम से अपनी पार्टी को एक मजबूत और निर्णायक आवाज के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद के मुद्दे पर सरकार को सीधे चुनौती दे रही है। मुंबई धमाकों के साजिशकर्ताओं को वापस लाने की मांग भारत में एक संवेदनशील मुद्दा रहा है, और ओवैसी ने इसे उठाकर मतदाताओं के बीच अपनी पैठ बनाने की कोशिश की है। इस तरह के बयान चुनावी माहौल को और गरमा सकते हैं, क्योंकि पार्टियां। एक-दूसरे पर हमला करने और अपनी नीतियों को सही ठहराने में लगी हुई हैं।

आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई की मांग

ओवैसी ने अपने भाषण में विशेष रूप से मुंबई धमाकों के साजिशकर्ताओं, जैसे मसूद अजहर और लश्कर-ए-तैयबा के 'जालिम शैतान' का नाम लिया। उन्होंने पीएम मोदी से इन आतंकवादियों को पाकिस्तान से भारत लाने की मांग की,। ताकि उन्हें भारतीय कानून के तहत न्याय के कटघरे में खड़ा किया जा सके। यह मांग भारत की लंबे समय से चली आ रही आतंकवाद विरोधी नीति और पाकिस्तान से आतंकवादियों को प्रत्यर्पित करने के प्रयासों को दर्शाती है। ओवैसी ने इस मुद्दे को उठाकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश की है कि वह आतंकवाद के खिलाफ और अधिक निर्णायक कार्रवाई करे, खासकर जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अन्य देश कथित तौर पर ऐसी 'कठोर' कार्रवाई कर रहे हों। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बयान पर सत्तारूढ़ दल और अन्य विपक्षी दल क्या प्रतिक्रिया देते हैं।