भारतीय सर्राफा बाजार में 24 फरवरी को बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में एक बार फिर जोरदार तेजी देखी गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,283 बढ़कर ₹1,59,503 के स्तर पर पहुंच गया है। इससे पिछले कारोबारी सत्र में सोने की कीमत ₹1,58,220 प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई थी। केवल दो कारोबारी दिनों के भीतर सोने की कीमतों में ₹5,000 की कुल वृद्धि दर्ज की गई है।
चांदी की कीमतों में भी इसी तरह का उछाल देखा गया है। एक किलोग्राम चांदी की कीमत ₹2,460 बढ़कर ₹2,66,535 पर पहुंच गई है। पिछले कारोबारी दिन चांदी का भाव ₹2,64,075 प्रति किलोग्राम था। गौरतलब है कि पिछले सत्र में भी चांदी की कीमतों में ₹13,000 की भारी वृद्धि हुई थी, जिसका अर्थ है कि पिछले दो दिनों में चांदी ₹16,000 से अधिक महंगी हो चुकी है। बाजार में यह तेजी वैश्विक और घरेलू कारकों के संयोजन का परिणाम मानी जा रही है।
दो दिनों में कीमतों में आया बड़ा बदलाव
सोने और चांदी की कीमतों में पिछले 48 घंटों के दौरान जो उतार-चढ़ाव आया है, उसने बाजार के पिछले कई रिकॉर्ड्स को प्रभावित किया है। 59 लाख के स्तर को पार कर गया। चांदी के मामले में यह वृद्धि और भी अधिक व्यापक रही है और दो दिनों के भीतर ₹16,000 की कुल बढ़त ने औद्योगिक और खुदरा दोनों स्तरों पर चांदी की मांग और आपूर्ति के समीकरणों को चर्चा में ला दिया है। अधिकारियों के अनुसार, यह वृद्धि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों के समायोजन और मुद्रा विनिमय दरों में बदलाव के कारण देखी जा रही है।
वर्ष 2026 में अब तक का प्रदर्शन
वर्ष 2026 की शुरुआत से ही सोने और चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। इस साल अब तक सोने की कीमतों में ₹26,000 की कुल वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि चांदी ₹36,000 महंगी हो चुकी है। 86 लाख प्रति किलोग्राम का अपना अब तक का उच्चतम स्तर (All-Time High) बनाया था। वर्तमान कीमतें हालांकि उन उच्चतम स्तरों से कुछ नीचे हैं, लेकिन पिछले दो दिनों की तेजी ने फिर से कीमतों को ऊपरी स्तरों की ओर धकेल दिया है।
2025 के दौरान कीमतों में ऐतिहासिक वृद्धि
यदि पिछले वर्ष के आंकड़ों पर गौर करें, तो 2025 सोने और चांदी के लिए अत्यधिक लाभ वाला वर्ष रहा था। 33 लाख हो गया। इस प्रकार एक वर्ष में सोने की कीमतों में ₹57,000 यानी लगभग 75% की वृद्धि दर्ज की गई। चांदी के मामले में यह वृद्धि और भी अधिक चौंकाने वाली थी। 30 लाख प्रति किलो तक पहुंच गई, जो लगभग 167% की वार्षिक वृद्धि को दर्शाता है।
वैश्विक मांग और केंद्रीय बैंकों की भूमिका
इन्वेस्टमेंट बैंकिंग कंपनी यूबीएस (UBS) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक स्तर पर सोने की मांग में निरंतर मजबूती बनी हुई है। आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों ने कुल 863 टन सोने की खरीद की थी। यूबीएस का अनुमान है कि 2026 में यह खरीदारी और बढ़कर 950 टन तक पहुंच सकती है। इसके अतिरिक्त, गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETF) में भी निवेश बढ़ने की संभावना जताई गई है, जिसके 825 टन तक पहुंचने की उम्मीद है। 80 लाख प्रति 10 ग्राम तक ले जाने की क्षमता रखता है।
उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा मानक
कीमतों में इस भारी उतार-चढ़ाव के बीच विशेषज्ञों और अधिकारियों ने उपभोक्ताओं को खरीदारी के समय सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। सबसे महत्वपूर्ण मानक ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क है और उपभोक्ताओं को केवल हॉलमार्क वाले आभूषण ही खरीदने चाहिए, जिसमें एक अल्फान्यूमेरिक कोड (जैसे AZ4524) होता है। यह कोड सोने की शुद्धता और कैरेट की जानकारी सुनिश्चित करता है। इसके अलावा, खरीदारी के दिन इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन जैसी आधिकारिक वेबसाइटों से कीमतों का मिलान करना आवश्यक है, क्योंकि 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने की कीमतें अलग-अलग होती हैं।
