दिल्ली सर्राफा बाजार में बुधवार को कीमती धातुओं की कीमतों में अभूतपूर्व तेजी देखी गई। वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच स्थानीय बाजार में चांदी की कीमत में ₹11,000 का भारी उछाल आया, जबकि सोने की कीमतों में भी ₹3,200 की वृद्धि दर्ज की गई। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के संघर्ष विराम (सीजफायर) पर बनी सहमति ने बाजार की धारणा को पूरी तरह बदल दिया है।
दिल्ली सर्राफा बाजार में कीमतों का नया स्तर
दिल्ली बुलियन मार्केट में बुधवार को चांदी की कीमतों ने पिछले सभी रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए। चांदी ₹11,000 (लगभग 5%) की बढ़त के साथ ₹2,51,000 प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई। इससे पहले मंगलवार को चांदी की कीमतों में ₹2,000 की गिरावट देखी गई थी और यह ₹2,40,000 पर बंद हुई थी। 09%) बढ़कर ₹1,56,400 प्रति 10 ग्राम हो गई है। मंगलवार को सोना ₹1,53,200 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था।
अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष विराम का प्रभाव
कीमतों में इस अचानक आए उछाल का सीधा संबंध पश्चिम एशिया में तनाव कम होने से है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दी गई समय सीमा से पहले अमेरिका और ईरान के बीच 14 दिनों के संघर्ष विराम पर सहमति बन गई है। इस समझौते के तहत ईरान ने 'होर्मुज स्ट्रेट' को व्यापारिक जहाजों की आवाजाही के लिए सुरक्षित रखने का संकेत दिया है। इस खबर के बाद वैश्विक वित्तीय बाजारों में हलचल तेज हो गई और निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश के रूप में सोने और चांदी की ओर बढ़ा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं की स्थिति
वैश्विक बाजारों में भी कीमती धातुओं की कीमतों में जोरदार तेजी देखी जा रही है। 33 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। 33 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही है। डॉलर इंडेक्स में आई स्थिरता और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने भी बुलियन मार्केट को सहारा दिया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य और वैश्विक व्यापारिक सुरक्षा
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ कमोडिटी विश्लेषक सौमिल गांधी के अनुसार, ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की सहमति देना वैश्विक व्यापार के लिए एक बड़ा सकारात्मक संकेत है। यह समुद्री मार्ग दुनिया के तेल और गैस व्यापार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। सैन्य कार्रवाई रुकने की संभावनाओं ने बाजार में अनिश्चितता को कम किया है, जिससे कमोडिटी बाजार में भारी लिवाली देखी गई और स्थानीय बाजार में शादियों के सीजन की मांग ने भी कीमतों को ऊपरी स्तर पर बनाए रखने में मदद की है।
