रूस ने 25 साल बाद बेचा सोना, बजट घाटे के बीच फैसला

रूस के केंद्रीय बैंक ने बढ़ते बजट घाटे और सैन्य खर्च के दबाव के कारण 25 वर्षों में पहली बार अपने स्वर्ण भंडार की बिक्री की है। जनवरी और फरवरी 2026 में हुई इस भारी बिक्री के कारण देश का गोल्ड रिज़र्व चार साल के निचले स्तर पर पहुंच गया है।

रूस ने बढ़ते बजट घाटे और लगातार बढ़ते सैन्य खर्च के दबाव के बीच अपने केंद्रीय बैंक के भंडार से सोना बेचना शुरू कर दिया है। पिछले 25 वर्षों में यह पहली बार है जब देश ने इस तरह का कदम उठाया है, जिसे रिज़र्व प्रबंधन में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, यह निर्णय सरकारी वित्त को संतुलित करने और आर्थिक स्थिरता बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है।

सैन्य खर्च और बजट घाटे का प्रभाव

लंबे समय से जारी सैन्य खर्च ने रूस के सरकारी वित्त पर भारी दबाव डाल दिया है। सरकारी रिपोर्टों के अनुसार, रक्षा बजट में निरंतर वृद्धि के कारण अन्य क्षेत्रों के लिए बजटीय आवंटन में चुनौतियां उत्पन्न हुई हैं। इसी के चलते सरकार को अपने सोने और विदेशी मुद्रा भंडार का सहारा लेना पड़ रहा है ताकि बढ़ते बजट घाटे को नियंत्रित किया जा सके और अधिकारियों का कहना है कि यह कदम तात्कालिक वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए आवश्यक हो गया था।

स्वर्ण भंडार में चार साल की सबसे बड़ी गिरावट

लगातार हो रही बिक्री के कारण रूस के गोल्ड रिज़र्व अब पिछले चार वर्षों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए हैं। यह गिरावट दर्शाती है कि आर्थिक दबाव गहराता जा रहा है और सरकार को अपने सबसे सुरक्षित माने जाने वाले भंडार का उपयोग करना पड़ रहा है। केंद्रीय बैंक के आंकड़ों के अनुसार, भंडार में यह कमी रणनीतिक रूप से की गई है ताकि बाजार में तरलता बनी रहे और राष्ट्रीय मुद्रा रूबल को समर्थन मिल सके।

बिक्री के वित्तीय आंकड़े और मुद्रा मूल्य

आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2022 से 2025 के बीच रूस ने सोना और विदेशी मुद्रा मिलाकर कुल 15 ट्रिलियन रूबल (लगभग $150 अरब) से अधिक की संपत्ति बेची है। 5 ट्रिलियन रूबल (लगभग $35 अरब) के भंडार बेचे जा चुके हैं। यह बिक्री प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संचालित की जा रही है ताकि अंतरराष्ट्रीय वित्तीय मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।

जनवरी और फरवरी 2026 की बिक्री का विवरण

सेंट्रल बैंक ऑफ रूस द्वारा जारी नवीनतम डेटा के मुताबिक, जनवरी 2026 में लगभग 300,000 औंस सोना बेचा गया। इसके बाद फरवरी 2026 में 200,000 औंस की अतिरिक्त बिक्री दर्ज की गई। बिक्री की यह तीव्र गति बताती है कि वित्तीय दबाव कम होने के बजाय स्थिर बना हुआ है। बैंक के अनुसार, इन बिक्री से प्राप्त राशि का उपयोग सीधे तौर पर बजटीय घाटे की भरपाई और आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं के वित्तपोषण के लिए किया जा रहा है।

केंद्रीय बैंक की नई वित्तीय रणनीति

रूस का यह कदम उसकी वित्तीय रणनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देता है। पिछले दो दशकों से रूस लगातार अपने स्वर्ण भंडार को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा था, लेकिन वर्तमान वैश्विक अनिश्चितताओं और घरेलू आर्थिक चुनौतियों ने उसे इस नीति पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर किया है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह रणनीति भविष्य में देश की आर्थिक संप्रभुता और विदेशी मुद्रा प्रबंधन के तरीकों को प्रभावित कर सकती है।