पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमावर्ती तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। पाकिस्तानी सेना ने हाल ही में अफगानिस्तान के भीतर घुसकर कई हवाई हमले किए हैं। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी अफगानिस्तान के उन इलाकों में की गई है, जहां तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के सक्रिय होने का दावा किया गया है और पाकिस्तानी सूचना मंत्रालय ने पुष्टि की है कि यह हमले रविवार को किए गए, जिसका उद्देश्य पाकिस्तान में हाल ही में हुए आतंकवादी हमलों के लिए जिम्मेदार समूहों को निशाना बनाना था।
सैन्य अभियान का मुख्य कारण और पाकिस्तानी दावा
पाकिस्तान के संघीय सूचना और प्रसारण मंत्री अताउल्लाह तरार के अनुसार, सेना ने टीटीपी और उससे जुड़े सात विशिष्ट कैंपों के खिलाफ इंटेलिजेंस-बेस्ड ऑपरेशन चलाया है। पाकिस्तान सरकार का तर्क है कि यह हवाई हमले रमजान की शुरुआत के बाद से देश में हुए तीन बड़े आतंकवादी हमलों के जवाब में किए गए हैं और पाकिस्तान ने स्पष्ट किया है कि वह अपनी सुरक्षा सीमाओं की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी सीमा पार हमले का जवाब दिए बिना नहीं रहेगा।
प्रभावित क्षेत्र और हवाई हमलों का भौगोलिक विस्तार
अफगान मीडिया आउटलेट टोलो न्यूज (TOLO News) की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तानी वायुसेना ने पक्तिका प्रांत के बरमल और उरगुन जिलों को निशाना बनाया। इसके अतिरिक्त, नंगरहार प्रांत के खोगयानी, बेहसूद और गनी खेल जिलों में भी बमबारी की खबरें मिली हैं। हालांकि पाकिस्तान ने आधिकारिक तौर पर उन विशिष्ट स्थानों का खुलासा नहीं किया है जहां हमले किए गए, लेकिन अफगान अधिकारियों ने इन क्षेत्रों में भारी सैन्य गतिविधि की पुष्टि की है।
अफगान सरकार की प्रतिक्रिया और नागरिक हताहत
अफगान सरकार के प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है। मुजाहिद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि पाकिस्तानी विशेष सैन्य समूहों ने अफगान संप्रभुता का उल्लंघन किया है। उन्होंने दावा किया कि नंगरहार और पक्तिका प्रांतों में हुई बमबारी में महिलाओं और बच्चों सहित कई आम नागरिक हताहत हुए हैं। अफगान अधिकारियों ने इसे एक गंभीर अपराध बताते हुए कहा कि पाकिस्तान अपनी आंतरिक सुरक्षा विफलताओं को छिपाने के लिए निर्दोष नागरिकों को निशाना बना रहा है।
सीमा पार आतंकवाद और द्विपक्षीय संबंधों में तनाव
पाकिस्तान लंबे समय से अफगानिस्तान पर टीटीपी आतंकवादियों को पनाह देने का आरोप लगाता रहा है। इस्लामाबाद का दावा है कि आतंकवादी अफगान धरती का उपयोग पाकिस्तान में हमले करने के लिए कर रहे हैं। दूसरी ओर, अफगानिस्तान की अंतरिम सरकार ने इन आरोपों को बार-बार खारिज किया है। हालिया हवाई हमलों के बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंध और अधिक जटिल हो गए हैं और पाकिस्तान ने चेतावनी दी है कि वह अपनी धरती पर होने वाले किसी भी हमले के लिए पड़ोसी देश की जवाबदेही तय करेगा।
