अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने ईरान के साथ हुए संघर्ष को लेकर एक अत्यंत महत्वपूर्ण और बड़ा बयान दिया है। हेगसेथ ने अमेरिका और ईरान के बीच हुई इस जंग को दुनिया के लिए एक 'तोहफा' बताया है। शुक्रवार को पेंटागन में पत्रकारों को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि ईरानी जहाजों की नाकेबंदी तब तक जारी रखी जाएगी जब तक इसकी आवश्यकता महसूस होगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि वैश्विक सुरक्षा के लिए ईरान की ओर से उत्पन्न होने वाले खतरों को पूरी तरह खत्म करने के लिए ऐसा करना अनिवार्य है।
'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के निर्णायक परिणाम
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पीट हेगसेथ ने 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' की सफलता का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस सैन्य अभियान ने महज कुछ ही हफ्तों के भीतर निर्णायक सैन्य नतीजे हासिल कर लिए हैं और हेगसेथ ने कड़े शब्दों में कहा कि अब ईरान के पास कोई परमाणु हथियार नहीं होगा। उन्होंने जानकारी दी कि अमेरिका द्वारा की गई नाकेबंदी समय के साथ और अधिक मजबूत होती जा रही है। अमेरिकी मानकों और मानदंडों को पूरा नहीं करने वाले हर जहाज को वापस भेज दिया गया है।
यूरोप पर निर्भरता और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज
अमेरिकी रक्षा मंत्री ने रणनीतिक स्वायत्तता पर बात करते हुए कहा कि अमेरिका अपनी सुरक्षा या निर्णयों के लिए यूरोप पर निर्भर नहीं है। उन्होंने तर्क दिया कि यूरोप को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की जरूरत अमेरिका की तुलना में कहीं अधिक है। हेगसेथ के अनुसार, यह लड़ाई अमेरिका की तुलना में यूरोपीय देशों की अधिक है। उन्होंने ईरान को संदेश देते हुए कहा कि उसके पास अभी भी बातचीत की मेज पर समझदारी से फैसला लेने का एक सुनहरा और ऐतिहासिक मौका खुला है। इसके लिए ईरान को अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम को सार्थक और जांचे जा सकने वाले तरीकों से छोड़ना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब गेंद ईरान के पाले में है।
सीजफायर और ईरानी सेना की स्थिति
इससे पहले, अमेरिका और ईरान के बीच हुए सीजफायर समझौते के बाद भी पीट हेगसेथ ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। उस दौरान उन्होंने दावा किया था कि ईरान ने सीजफायर के लिए 'भीख' मांगी थी। उन्होंने कहा कि ईरान की सेना को पूरी तरह से तबाह कर दिया गया है। रक्षा मंत्री के अनुसार, ईरानी सैन्य शक्ति को इस स्तर तक नुकसान पहुँचाया गया है कि वह आने वाले कई सालों तक युद्ध करने की स्थिति में नहीं रहेगी।
