पीएम मोदी की इजरायल यात्रा: हेक्सागॉन एलायंस में शामिल हुआ भारत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज इजरायल की दो दिवसीय यात्रा पर रवाना हो रहे हैं। इस यात्रा के दौरान इजरायल ने भारत को 'हेक्सागॉन' एलायंस में शामिल करने की घोषणा की है, जिसे क्षेत्रीय सुरक्षा और आर्थिक गलियारे के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सुबह करीब 9:00 बजे दिल्ली के पालम एयरफोर्स स्टेशन से इजरायल की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा के लिए रवाना होंगे। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह प्रधानमंत्री मोदी की इजरायल की दूसरी यात्रा है, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते रणनीतिक संबंधों को और मजबूती प्रदान करेगी। प्रधानमंत्री के पहुंचने से पहले इजरायल की संसद 'नेसेट' को भारतीय तिरंगे के रंगों से रोशन किया गया है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू स्वयं तेल अवीव के बेन गुरिऑन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करेंगे।

यात्रा का विस्तृत कार्यक्रम और नेसेट में संबोधन

प्रधानमंत्री मोदी का विमान भारतीय समयानुसार दोपहर 12:45 बजे तेल अवीव पहुंचेगा। आधिकारिक प्रोटोकॉल के अनुसार, हवाई अड्डे पर औपचारिक स्वागत के बाद प्रधानमंत्री शाम 4:30 बजे येरुशलम पहुंचेंगे। वहां इजरायली संसद 'नेसेट' में उनका भव्य स्वागत किया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी नेसेट को संबोधित करेंगे, जो किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा किया जाने वाला पहला संबोधन होगा। इसके बाद शाम को वह नवाचार और एआई पर केंद्रित एक विशेष कार्यक्रम में भाग लेंगे। दिन का समापन प्रधानमंत्री नेतन्याहू द्वारा आयोजित आधिकारिक रात्रिभोज के साथ होगा।

हेक्सागॉन एलायंस: संरचना और रणनीतिक उद्देश्य

प्रधानमंत्री मोदी के आगमन से ठीक पहले इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 'हेक्सागॉन' (षट्भुज) एलायंस के गठन की घोषणा की है। इस गठबंधन में भारत और इजरायल के साथ अरब राष्ट्र, अफ्रीकी देश, ग्रीस, साइप्रस और कुछ अन्य एशियाई देश शामिल हैं। नेतन्याहू के अनुसार, यह गठबंधन उग्रवाद और आतंकवाद के खिलाफ एक साझा तंत्र के रूप में कार्य करेगा। यह एलायंस भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) की दृष्टि के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है।

रक्षा और तकनीकी सहयोग पर केंद्रित द्विपक्षीय वार्ता

इस यात्रा का मुख्य एजेंडा रक्षा, सुरक्षा, हाई-टेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्वांटम कंप्यूटिंग में सहयोग बढ़ाना है। अधिकारियों के अनुसार, दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण रक्षा समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। भारत और इजरायल पहले से ही रक्षा उत्पादन और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण में गहरे साझेदार हैं। इस यात्रा के दौरान व्यापारिक संबंधों को नई ऊंचाई देने के लिए उच्च स्तरीय व्यापार प्रतिनिधिमंडलों के बीच भी बैठकें निर्धारित हैं।

क्षेत्रीय भू-राजनीति और पाकिस्तान-तुर्की पर प्रभाव

विशेषज्ञों के अनुसार, भारत का हेक्सागॉन एलायंस में शामिल होना मध्य पूर्व और दक्षिण एशिया की भू-राजनीति में एक बड़ा बदलाव है। इस गठबंधन को पाकिस्तान और तुर्की जैसे देशों के लिए एक कूटनीतिक झटके के रूप में देखा जा रहा है, जो अक्सर क्षेत्रीय मुद्दों पर अलग रुख अपनाते हैं। नेतन्याहू ने भारत को एक 'वैश्विक शक्ति' और प्रधानमंत्री मोदी को एक 'करीबी मित्र' बताया है और यह गठबंधन उन राष्ट्रों का एक समूह है जो सुरक्षा चुनौतियों और भविष्य के लक्ष्यों पर एक समान दृष्टिकोण रखते हैं।

याद वशेम मेमोरियल और द्विपक्षीय समझौते

यात्रा के दूसरे दिन प्रधानमंत्री मोदी 'याद वशेम' होलोकॉस्ट मेमोरियल का दौरा करेंगे, जहां वह द्वितीय विश्व युद्ध के पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच विस्तृत द्विपक्षीय वार्ता होगी। वार्ता के समापन पर विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के लिए समझौतों का आदान-प्रदान किया जाएगा और एक संयुक्त प्रेस वक्तव्य जारी किया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी गुरुवार दोपहर 2:00 बजे (स्थानीय समय) नई दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे।