प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज गुजरात के महत्वपूर्ण दौरे पर हैं, जहाँ वे सांस्कृतिक विरासत और आर्थिक विकास दोनों को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रमों में भाग लेंगे और उनका यह दौरा सोमनाथ में 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' में भागीदारी के साथ शुरू होगा, जिसके बाद वे राजकोट में 'वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन' का उद्घाटन करेंगे। यह दोहरी यात्रा देश की सांस्कृतिक जड़ों को सम्मान देने और भविष्य के लिए आर्थिक अवसरों को बढ़ावा देने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व: शौर्य और बलिदान को श्रद्धांजलि
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व, जो 8 जनवरी को शुरू हुआ था और 11 जनवरी 2026 तक चलेगा, भारत के उन अनगिनत नागरिकों की स्मृति में मनाया जा रहा है जिन्होंने सोमनाथ मंदिर की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी और यह पर्व आने वाली पीढ़ियों की सांस्कृतिक चेतना को प्रेरित करने और उन्हें अपने इतिहास से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। यह उत्सव 1026 ईस्वी में महमूद गजनी द्वारा सोमनाथ मंदिर पर किए गए आक्रमण की 1,000वीं वर्षगांठ की। याद में आयोजित किया गया है, जो मंदिर के लचीलेपन और भारतीय सभ्यता की अटूट भावना का प्रतीक है।
शौर्य यात्रा और मंदिर में पूजा-अर्चना
आज सुबह करीब 9:45 बजे, प्रधानमंत्री मोदी सोमनाथ में 'शौर्य यात्रा' में भाग लेंगे। यह एक औपचारिक शोभा यात्रा है, जिसे सोमनाथ मंदिर की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अनगिनत योद्धाओं को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए आयोजित किया गया है। शौर्य यात्रा में 108 घोड़ों का एक प्रतीकात्मक जुलूस निकलेगा, जो वीरता और बलिदान का प्रतीक होगा। यह यात्रा उन गुमनाम नायकों को याद करती है जिन्होंने अपनी मातृभूमि और आस्था के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। इसके बाद, लगभग 10:15 बजे, प्रधानमंत्री मोदी सोमनाथ मंदिर में दर्शन और पूजा अर्चना करेंगे,। जहाँ वे पारंपरिक अनुष्ठानों में भाग लेंगे और मंदिर के पवित्र वातावरण में समय बिताएंगे।
सोमनाथ में जनसभा को संबोधन
मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद, प्रधानमंत्री मोदी सोमनाथ में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में भाग लेंगे और एक जनसभा को संबोधित करेंगे और इस जनसभा के माध्यम से वे सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के महत्व, देश की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और राष्ट्र निर्माण में प्रत्येक नागरिक की भूमिका पर अपने विचार साझा कर सकते हैं। ऐसी जनसभाएं अक्सर प्रधानमंत्री को सीधे जनता से जुड़ने और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संदेश देने का अवसर प्रदान करती हैं।
राजकोट में वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन का उद्घाटन
सोमनाथ से प्रधानमंत्री मोदी राजकोट जाएंगे, जहाँ वे सौराष्ट्र-कच्छ क्षेत्र के। लिए दो दिवसीय 'वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन' (वीजीआरसी) का उद्घाटन करेंगे। यह सम्मेलन नवप्रवर्तकों, उद्यमियों, निवेशकों, स्टार्टअप, वैश्विक साझेदारों और सरकार सहित अन्य हितधारकों को एक मंच पर लाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। इसका मुख्य लक्ष्य इस क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करना, नवाचार को बढ़ावा देना और आर्थिक विकास को गति देना है। यह क्षेत्रीय सम्मेलन गुजरात के समग्र विकास एजेंडे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उच्च-स्तरीय भागीदारी और अपेक्षित परिणाम
वीजीआरसी के उद्घाटन समारोह में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी मौजूद रहेंगे, जो राज्य सरकार की इस पहल के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है और अधिकारियों ने बताया कि इस कार्यक्रम में 110 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के भाग लेने के साथ 1,500 से अधिक समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त, 1,800 से अधिक कारोबारी बैठकें भी तय की गई हैं,। जो व्यापार और निवेश के लिए एक सक्रिय माहौल का संकेत देती हैं। ये एमओयू और बैठकें क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण निवेश और रोजगार के अवसर पैदा कर सकती हैं।
विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व और प्रमुख कंपनियों की भागीदारी
इस सम्मेलन में टोरेंट पावर लिमिटेड, कोसोल, अदाणी ग्रीन, एस्सार समूह,। नायरा एनर्जी, ज्योति सीएनसी और कई अन्य प्रमुख कॉरपोरेट कंपनियां भाग लेंगी। ये कंपनियां ऊर्जा, बुनियादी ढांचा और विनिर्माण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करती हैं। इसके अलावा, 400 से अधिक प्रदर्शक कृषि और खाद्य प्रसंस्करण, मत्स्य पालन, रक्षा, ऊर्जा, पेट्रोकेमिकल, इंजीनियरिंग, तथा बंदरगाह और लॉजिस्टिक्स सहित विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करेंगे और यह व्यापक भागीदारी सौराष्ट्र-कच्छ क्षेत्र की विविध आर्थिक क्षमता को उजागर करती है।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस बैठक में इंजीनियरिंग, कृषि और कपड़ा जैसे विविध क्षेत्रों में अमेरिका, यूरोपीय देशों और ऑस्ट्रेलिया सहित 16 से अधिक देशों का प्रतिनिधित्व करने वाले 110 अंतरराष्ट्रीय खरीदार हिस्सा लेंगे। यह अंतर्राष्ट्रीय भागीदारी वैश्विक व्यापार संबंधों को मजबूत करने और विदेशी निवेश को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और इसके अलावा, 20 राष्ट्रीय खरीदार भी इस बैठक का हिस्सा होंगे, जो घरेलू सहयोग और विकास के अवसरों को और मजबूत करेंगे। यह सम्मेलन गुजरात के आर्थिक परिदृश्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का एक महत्वपूर्ण कदम है।