राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में जयपुर में आयोजित कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णयों को मंजूरी दी गई है। सरकार ने स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों में उम्मीदवारों के लिए दो बच्चों की अनिवार्य बाध्यता को समाप्त करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल के अनुसार, कैबिनेट ने राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 2026 और राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 2026 के प्रारूप को स्वीकृति दे दी है। इस बदलाव को लागू करने के लिए सरकार आगामी विधानसभा सत्र में संबंधित विधेयक पेश करेगी।
स्थानीय चुनाव नियमों में संशोधन और पात्रता
कैबिनेट के निर्णय के अनुसार, अब राज्य में पंचायत और नगर पालिका चुनाव लड़ने के लिए दो बच्चों की सीमा का नियम प्रभावी नहीं रहेगा और पूर्ववर्ती नियमों के तहत, दो से अधिक संतान वाले व्यक्तियों के चुनाव लड़ने पर रोक थी, जिसे अब हटाने का निर्णय लिया गया है। सरकार का मानना है कि इस कदम से लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में जनभागीदारी बढ़ेगी। इसके साथ ही, कैबिनेट ने अजमेर में एक नए आयुर्वेद और नेचुरोपैथी विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए भी विधायी प्रस्ताव को मंजूरी दी है, जिससे राज्य में पारंपरिक चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
आर्थिक अपराध नियंत्रण निदेशालय का गठन
राज्य में राजस्व की चोरी और आर्थिक धोखाधड़ी को रोकने के लिए कैबिनेट ने 'राजस्व अधिसूचना एवं आर्थिक निदेशालय' के गठन को मंजूरी दी है। इस निदेशालय का मुख्यालय जयपुर में स्थित होगा और यह मुख्य रूप से बैंकिंग धोखाधड़ी, ठगी, भूमि पर अवैध कब्जे, पंजीकरण में फर्जीवाड़ा और टैक्स चोरी जैसे गंभीर मामलों की निगरानी करेगा। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह निदेशालय वाणिज्य कर, आबकारी और मुद्रांक विभाग से प्राप्त सूचनाओं का विश्लेषण कर रेवेन्यू लीकेज को रोकने का कार्य करेगा। इस नए विभाग के संचालन के लिए सरकार ने 107 पदों पर भर्ती प्रक्रिया को भी हरी झंडी दे दी है।
खनन क्षेत्र में निवेश और रोजगार सृजन
उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कैबिनेट बैठक के बाद बताया कि उदयपुर स्थित आयरन अयस्क खान में ₹500 करोड़ के निवेश प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। 5 मिलियन मीट्रिक टन उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। इस निवेश से क्षेत्र के लगभग 550 युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने का अनुमान है। सरकार ने इस परियोजना के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया को भी स्पष्ट किया है, जिसके तहत कंपनी को डीएलसी दर से दोगुनी दर पर भूमि आवंटित की जाएगी।
राजस्थान मंडपम और औद्योगिक पार्क नीति 2026
कैबिनेट ने राजस्थान मंडपम परियोजना के वित्तीय मॉडल में महत्वपूर्ण संशोधन किया है और पूर्व में इस परियोजना की लागत ₹30055 करोड़ आंकी गई थी, जिसे अब घटाकर ₹5815 करोड़ कर दिया गया है। संशोधित मॉडल के तहत राजस्व सृजन ₹5825 करोड़ रहने का अनुमान है, जिससे राज्य सरकार पर पड़ने वाला वित्तीय भार कम होगा। इसके अतिरिक्त, 'राजस्थान इंडस्ट्रियल पार्क प्रमोशन पॉलिसी 2026' को मंजूरी दी गई है। इस नीति के तहत चार अलग-अलग मॉडल लागू किए जाएंगे, जिनमें रीको द्वारा भूमि उपलब्ध कराने से लेकर पीपीपी मोड पर विकास तक के विकल्प शामिल हैं।
औद्योगिक विकास के लिए विशेष प्रोत्साहन
निवेश को आकर्षित करने के लिए सरकार ने पहले दस इंडस्ट्रियल पार्कों के लिए विशेष सब्सिडी योजना की घोषणा की है। आधिकारिक विवरण के अनुसार, ₹100 करोड़ तक के निवेश पर 20%, ₹100 से ₹250 करोड़ तक के निवेश पर ₹30 करोड़ और ₹250 करोड़ से अधिक के निवेश पर ₹40 करोड़ तक की सब्सिडी प्रदान की जाएगी। इसके अलावा, कॉमन एफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना पर 50% राशि की प्रतिपूर्ति की जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि औद्योगिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों में विशेष इंसेंटिव दिए जाएंगे और औद्योगिक भूमि की उपलब्धता की जानकारी 'राज निवेश पोर्टल' पर सार्वजनिक की जाएगी।
