राजस्थान के कई हिस्सों में पिछले 24 घंटों के दौरान मौसम के मिजाज में बड़ा बदलाव देखा गया है। राज्य के विभिन्न जिलों में तेज आंधी के साथ हुई बारिश और ओलावृष्टि ने सामान्य जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा के दौरान आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिससे जान-माल का नुकसान हुआ है। विशेष रूप से कृषि क्षेत्रों में खड़ी फसलों को इस बेमौसम बारिश और ओलों से काफी क्षति पहुंची है।
सीकर और बीकानेर में फसलों को भारी नुकसान
सीकर जिले के नीमकाथाना इलाके में आंधी और बारिश ने किसानों और पशुपालकों की कमर तोड़ दी है। यहां आकाशीय बिजली गिरने से कैलाश गुर्जर नामक पशुपालक के मवेशी इसकी चपेट में आ गए, जिससे उन्हें भारी आर्थिक क्षति हुई है। खेतों में पककर तैयार खड़ी गेहूं और चने की फसलें ओलावृष्टि के कारण जमीन पर बिछ गई हैं। बीकानेर संभाग में भी स्थिति चिंताजनक है, जहां खेतों में पानी भरने और ओले गिरने से फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। स्थानीय ग्रामीणों और किसान संगठनों ने सरकार से इस संकट की घड़ी में उचित मुआवजे की मांग की है।
तापमान में गिरावट और ठंड का अहसास
बारिश और ओलावृष्टि के कारण राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है और दिन और रात के पारे में कमी आने से लोगों को एक बार फिर हल्की ठंड का अहसास हो रहा है। 9°C रिकॉर्ड किया गया है। 2°C दर्ज हुआ। 2°C रहा है। सुबह और शाम के समय ठंडी हवाओं के कारण ठिठुरन बढ़ गई है।
10 जिलों के लिए मौसम विभाग का येलो अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राजस्थान के 10 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में चूरू, झुंझुनू, सीकर, दौसा, जयपुर, अलवर, टोंक, सवाई माधोपुर, भरतपुर, करौली और धौलपुर शामिल हैं। विभाग के अनुसार, इन क्षेत्रों और इनके आसपास के इलाकों में मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की प्रबल संभावना है और इस दौरान 20-30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान लगाया गया है। प्रशासन ने नागरिकों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
आगामी दिनों के लिए मौसम का पूर्वानुमान
मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, राज्य में बारिश का दौर अब धीरे-धीरे कम होने की उम्मीद है। 8 अप्रैल से बारिश की गतिविधियों में कमी दर्ज की गई है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 9 अप्रैल से अगले 4-5 दिनों तक राज्य में मौसम मुख्यतः शुष्क रहेगा। इस दौरान आसमान साफ रहने की संभावना है, जिससे धूप की तपिश बढ़ेगी। आगामी 2-3 दिनों में अधिकतम तापमान में 3-4°C की बढ़ोतरी होने के आसार हैं, जिससे गर्मी का प्रभाव एक बार फिर बढ़ने लगेगा। किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम के इस बदलाव को ध्यान में रखते हुए अपनी कटी हुई फसलों के भंडारण का उचित प्रबंध करें।
