राजस्थान मौसम: 25 जिलों में बारिश का अलर्ट, पश्चिमी विक्षोभ से तापमान गिरा

राजस्थान में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण 25 जिलों में बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, बाड़मेर और अलवर में सर्वाधिक वर्षा दर्ज की गई है। तापमान में 11 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट से ठंड बढ़ी है, जिससे फसलों को नुकसान की आशंका और किसानों की चिंता बढ़ गई है।

राजस्थान में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम के मिजाज में बड़ा बदलाव आया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के 25 जिलों के लिए बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। इस मौसमी बदलाव के कारण कई क्षेत्रों में तापमान में 11 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को एक बार फिर मार्च के महीने में ठंड का अहसास होने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार, यह स्थिति पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण उत्पन्न हुई है, जिसका असर अगले कुछ दिनों तक बने रहने की संभावना है।

वर्षा के आंकड़े और क्षेत्रीय प्रभाव

मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में पिछले 24 घंटों के दौरान मध्यम से तेज बारिश दर्ज की गई है। बाड़मेर जिले में सर्वाधिक 16 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है, जबकि अलवर में 13 मिमी से अधिक वर्षा हुई है। राजधानी जयपुर में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है, जहां सुबह 3 बजे से ही रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी है। जयपुर के कई इलाकों में आसमान में घने बादल छाए हुए हैं, जिससे पिछले कुछ दिनों से पड़ रही तेज गर्मी से आमजन को राहत मिली है।

ऑरेंज और येलो अलर्ट का विवरण

मौसम केंद्र जयपुर ने राज्य के विभिन्न जिलों को उनकी संवेदनशीलता के आधार पर दो श्रेणियों में विभाजित किया है। विभाग ने 9 जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है, जिनमें नागौर, अजमेर, जयपुर, सीकर, टोंक, झुंझुनू, अलवर, दौसा और उनके आसपास के क्षेत्र शामिल हैं। इन क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की संभावना जताई गई है और इसके अतिरिक्त, 16 अन्य जिलों जैसे सवाई माधोपुर, बूंदी, धौलपुर, भीलवाड़ा, बारां, कोटा, जोधपुर, पाली, चूरू, बीकानेर, उदयपुर, झालावाड़, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, डूंगरपुर और बांसवाड़ा के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है।

ओलावृष्टि और तापमान में भारी गिरावट

बारिश के साथ-साथ राज्य के कई हिस्सों में ओलावृष्टि की भी खबरें प्राप्त हुई हैं। सीकर और कोटपूतली सहित कई ग्रामीण और शहरी इलाकों में ओले गिरने से जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग के अधिकारियों के अनुसार, आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के संयुक्त प्रभाव के कारण राज्य के औसत तापमान में 11 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आई है। इस अचानक आई गिरावट ने मौसम को खुशनुमा तो बना दिया है, लेकिन स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता भी बढ़ा दी है।

कृषि क्षेत्र पर प्रभाव और किसानों की चिंता

जहां एक ओर शहरी आबादी इस बारिश से गर्मी से राहत महसूस कर रही है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के लिए यह स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। वर्तमान में रबी की फसलें कटाई के चरण में हैं या खेतों में तैयार खड़ी हैं। ओलावृष्टि और तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से गेहूं, सरसों और चने की फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय होने वाली बेमौसम बारिश फसलों की गुणवत्ता और पैदावार दोनों को प्रभावित कर सकती है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।