पीएम मोदी पर विवादित टिप्पणी: फतेह खान के खिलाफ बाड़मेर में FIR दर्ज

बाड़मेर के पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष फतेह खान के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विवादित टिप्पणी करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। जैसलमेर में दर्ज जीरो एफआईआर को बाड़मेर स्थानांतरित किया गया है। उन पर राष्ट्रीय अखंडता और संप्रभुता के खिलाफ बयानबाजी करने का आरोप है।

राजस्थान के बाड़मेर जिले में कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष फतेह खान के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विवादित टिप्पणी करने के मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। यह मामला 13 मार्च को बाड़मेर जिला मुख्यालय पर आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के दौरान दिए गए भाषण से संबंधित है। पुलिस के अनुसार, फतेह खान पर देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के खिलाफ भ्रामक सूचनाएं फैलाने का आरोप लगाया गया है।

जैसलमेर से बाड़मेर स्थानांतरित हुआ मामला

इस प्रकरण की शुरुआत जैसलमेर में हुई, जहां अधिवक्ता लालूसिंह सोढ़ा ने फतेह खान के भाषण के खिलाफ जैसलमेर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी। चूंकि कथित घटना बाड़मेर कोतवाली थाना क्षेत्र की थी, इसलिए जैसलमेर पुलिस ने 'जीरो नंबर FIR' दर्ज कर इसे जांच के लिए बाड़मेर पुलिस को भेज दिया। बाड़मेर पुलिस ने अब इस मामले को औपचारिक रूप से दर्ज कर कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी है।

बीएनएस की धारा 197 के तहत आरोप

बाड़मेर के कार्यवाहक पुलिस अधीक्षक नितेश आर्य के अनुसार, फतेह खान के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 197(1)(d) के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह धारा मुख्य रूप से राष्ट्रीय एकता और अखंडता के खिलाफ हानिकारक आरोप लगाने या हेट स्पीच से संबंधित है। पुलिस अब उस दिन के वीडियो फुटेज और भाषण के तकनीकी साक्ष्यों की बारीकी से जांच कर रही है ताकि आरोपों की पुष्टि की जा सके।

विवादित भाषण का पूरा घटनाक्रम

सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो के अनुसार, 13 मार्च को गैस की बढ़ती कीमतों के खिलाफ कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान फतेह खान ने मंच से संबोधन दिया था। आरोप है कि उन्होंने अपने भाषण में प्रधानमंत्री और अमेरिका के संबंधों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उन्होंने विदेशी नेताओं का उदाहरण देते हुए प्रधानमंत्री की सुरक्षा और भारत की संप्रभुता पर सवाल उठाए थे। उनके बयान में भारत की तेल खरीद नीति और विदेशी हस्तक्षेप का भी जिक्र किया गया था।

पुलिस की आगामी कार्रवाई और साक्ष्य

बाड़मेर पुलिस अब इस मामले में गवाहों के बयान दर्ज करने और डिजिटल साक्ष्यों को एकत्रित करने की प्रक्रिया में है। अधिकारियों के अनुसार, भाषण की प्रामाणिकता की जांच के लिए वीडियो को फॉरेंसिक लैब भेजा जा सकता है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस भाषण का उद्देश्य सार्वजनिक शांति भंग करना या किसी विशेष समूह को उकसाना था। फिलहाल पुलिस ने मामले में जांच तेज कर दी है।