वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में राजकुमार रोत को दिया आश्वासन, विकास का दावा

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में बांसवाड़ा-डूंगरपुर सांसद राजकुमार रोत की शिकायतों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने क्षेत्र में जल जीवन मिशन और पीएम आवास योजना के तहत हुए कार्यों का विवरण देते हुए आश्वासन दिया कि सांसद की मांगों को गंभीरता से सुना जाएगा।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को लोकसभा में बांसवाड़ा-डूंगरपुर से सांसद राजकुमार रोत की चिंताओं पर आधिकारिक प्रतिक्रिया दी। सदन की कार्यवाही के दौरान वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के सांसद द्वारा उठाए गए मुद्दों को केंद्र सरकार पूरी गंभीरता से लेगी। उन्होंने कहा कि सांसद ने पिछले सत्र में अपने क्षेत्र की उपेक्षा का मुद्दा भावुक होकर उठाया था, जिस पर सरकार ने संज्ञान लिया है। वित्त मंत्री के अनुसार, सरकार आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और सांसद द्वारा बताए गए कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।

संसद में वित्त मंत्री का आधिकारिक वक्तव्य

लोकसभा में बोलते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कल सांसद राजकुमार रोत दुखी मन से कह रहे थे कि उनके संसदीय क्षेत्र बांसवाड़ा को केंद्र सरकार द्वारा नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि राजकुमार रोत की हर बात को गंभीरता से सुना जाएगा और उनके क्षेत्र के जो भी लंबित कार्य हैं, उन्हें पूरा किया जाएगा। वित्त मंत्री ने इस दौरान विभिन्न केंद्रीय योजनाओं के तहत बांसवाड़ा और डूंगरपुर जिलों में हुई प्रगति का विस्तृत ब्यौरा भी पेश किया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक विकास पहुंचाना है।

जल जीवन मिशन के तहत विकास के आंकड़े

वित्त मंत्री ने क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर देते हुए बताया कि जल जीवन मिशन के तहत जिले में उल्लेखनीय कार्य हुआ है। 47 lakh ग्रामीण घरों तक नल कनेक्शन पहुंचाए गए हैं। वित्त मंत्री ने तुलनात्मक विवरण देते हुए कहा कि यह संख्या वर्ष 2019 की तुलना में दस गुना अधिक है। उन्होंने बताया कि सरकार का लक्ष्य हर घर को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है और इसके लिए बजटीय आवंटन में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।

प्रधानमंत्री आवास और स्वच्छता अभियान की प्रगति

19 lakh घरों को आवास उपलब्ध कराए गए हैं। 4% कवरेज हासिल कर ली गई है। इसके अतिरिक्त, स्वच्छता अभियान के तहत तीन लाख से अधिक घरों में व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण किया गया है और सार्वजनिक उपयोग के लिए 847 सैनिटरी कॉम्प्लेक्स बनाए गए हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि ये आंकड़े दर्शाते हैं कि केंद्र सरकार आदिवासी बहुल क्षेत्रों के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

सांसद राजकुमार रोत की आपत्तियां और जमीनी हकीकत

इससे पूर्व, सांसद राजकुमार रोत ने संसद में चर्चा के दौरान अपने क्षेत्र की समस्याओं और मूलभूत सुविधाओं की कमी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था और उन्होंने सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर पर सवाल खड़े किए थे। रोत का तर्क है कि कागजी दावों के विपरीत कई गांवों में स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि सैकड़ों गांवों में नल कनेक्शन तो लगा दिए गए हैं, लेकिन उनमें पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हुई है। कई स्थानों पर केवल पाइपलाइन डालकर छोड़ दी गई है, जिससे ग्रामीणों को अभी भी 1 से 2 किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ रहा है।

प्रशासनिक जवाबदेही और भविष्य की रूपरेखा

सांसद राजकुमार रोत ने सदन में यह भी कहा कि जल जीवन मिशन के नाम पर अधिकारी केवल पुरस्कार प्राप्त कर रहे हैं, जबकि धरातल पर काम अधूरा है और उन्होंने मांग की थी कि केवल बुनियादी ढांचा खड़ा करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित की जानी चाहिए। वित्त मंत्री ने इन चिंताओं को सुनने के बाद आश्वासन दिया कि इन विसंगतियों की जांच की जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचे। सरकार ने संकेत दिया है कि आदिवासी क्षेत्रों के लिए विशेष निगरानी तंत्र को और मजबूत किया जाएगा।