भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने यूक्रेन के स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर वहां की जनता और सरकार को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। राष्ट्रपति मुर्मू के इस संदेश का यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने गर्मजोशी से स्वागत किया और इसके लिए भारत का आभार व्यक्त किया। यह शुभकामना संदेश यूक्रेन की स्वतंत्रता की बहाली की 35वीं वर्षगांठ के महत्वपूर्ण अवसर पर भेजा गया था। जेलेंस्की ने इस संदेश को यूक्रेन के लोगों के लिए एक सकारात्मक संकेत बताया और शांति की कामना करने के लिए राष्ट्रपति मुर्मू का विशेष रूप से धन्यवाद किया।
शांति और सम्मानजनक अंत की पुकार
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि उन्हें भारत की राष्ट्रपति की ओर से बधाई प्राप्त कर अत्यंत प्रसन्नता हुई है और उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वर्तमान में जब यूक्रेन अपनी आजादी की 35वीं वर्षगांठ मना रहा है, तब रूस के साथ जारी युद्ध का एक सम्मानजनक अंत ही लाखों यूक्रेनियों का सबसे बड़ा और साझा सपना है। जेलेंस्की ने वैश्विक समुदाय से अपील की कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पूरी दुनिया को एकजुट होना चाहिए और शांति की दिशा में एक ठोस रास्ता तैयार करने में मदद करनी चाहिए।
भारत और यूक्रेन के बीच मजबूत होते संबंध
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने भारत के साथ यूक्रेन के संबंधों को लेकर भी काफी सकारात्मक दृष्टिकोण साझा किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूक्रेन भारत के साथ आपसी हितों पर आधारित और लाभकारी संवाद को और अधिक मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कूटनीतिक हलकों में जेलेंस्की के इस बयान को भारत और यूक्रेन के बीच द्विपक्षीय संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है और यह संवाद दोनों देशों के बीच भविष्य में सहयोग के नए द्वार खोल सकता है।
यूरोपीय नेताओं की उपस्थिति और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
यूक्रेन की आजादी की 35वीं सालगिरह के मौके पर आयोजित कार्यक्रमों में कई यूरोपीय नेता भी शामिल हुए। यह कार्यक्रम ऐसे समय में आयोजित किया गया जब फरवरी 2022 से रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध निरंतर जारी है। इस अवसर का उपयोग यूक्रेन के लॉन्ग-रेंज मिसाइल प्रोग्राम को बढ़ावा देने के लिए भी किया गया और ऐतिहासिक रूप से देखा जाए तो यूक्रेन सोवियत संघ से अलग होकर एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में उभरा था। यूक्रेन के सांसदों ने 24 अगस्त 1991 को देश की आजादी की घोषणा के पक्ष में मतदान किया था। इसके बाद उसी वर्ष आयोजित एक राष्ट्रव्यापी जनमत संग्रह में इसे भारी बहुमत से मंजूरी मिली थी, जिससे एक नए संप्रभु राष्ट्र का उदय हुआ।
देश के नाम संबोधन और रक्षा रणनीतियां
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशवासियों को संबोधित करते हुए जेलेंस्की ने रूस के खिलाफ जारी संघर्ष और शांति की उम्मीदों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद यूक्रेन की जनता, सेना और सहयोगी देश एकजुट होकर संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने रूस पर शांति की इच्छा न रखने का आरोप लगाया और स्पष्ट किया कि यूक्रेन अपनी जमीन और अपनी स्वतंत्रता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा। इसके अतिरिक्त, जेलेंस्की ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में उठाए जा रहे कदमों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि पिछले महीने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ हुई बैठक में उन्होंने पैट्रियट इंटरसेप्टर बनाने के लाइसेंस पर चर्चा की थी। जेलेंस्की के अनुसार, ट्रम्प के साथ पैट्रियट मिसाइलों के उत्पादन को लेकर हुई यह बातचीत यूक्रेन की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
