इंडिया / प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती करने को बताया ऐतिहासिक

AMAR UJALA : Sep 20, 2019, 03:42 PM

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती करने के फैसले को ऐतिहासिक बताया है। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा, 'कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती करने का कदम ऐतिहासिक है। इससे मेक इन इंडिया को प्रोत्साहन मिलेगा, दुनिया भर से निजी निवेश को आकर्षित करेगा, हमारे निजी क्षेत्र की प्रतिस्पर्धा में सुधार करेगा, अधिक नौकरियां पैदा करेगा और इससे 130 करोड़ भारतीयों की जीत होगी।'

उन्होंने आगे कहा, 'पिछले कुछ हफ्तों में की गई घोषणाओं से स्पष्ट है कि हमारी सरकार भारत को व्यापार करने के लिए एक बेहतर स्थान बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। सरकार समाज के हर वर्ग के लिए अवसरों को बेहतर बना रही है और देश को पांच ट्रिलियन अर्थव्यस्था बनाने के लिए समृद्ध कर रही है।'

गृह मंत्री अमित शाह ने भी वित्त मंत्री के बयान का समर्थन किया है। उन्होंने कहा, 'कॉर्पोरेट टैक्स करने की मांग काफी समय से उठ रही है और अब यह हकीकत बन चुका है। यह कदम हमारे कॉरपोरेट्स को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगा और हमारे बाजार संभावित निवेशकों के लिए बहुत अधिक रोमांचक होंगे।'

उन्होंने आगे कहा, 'मोदी सरकार भारत को एक बड़ा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और एफडीआई में ढील देने की पिछली घोषणाओं के साथ यह निर्णय इस उद्देश्य को पूरा करने में एक लंबा रास्ता तय करेगा। मैं इस साहसिक कदम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और निर्मला सीतारमण को धन्यवाद कहना चाहता हूं।'

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि कॉर्पोरेट कर में करीब 10 प्रतिशत की कटौती से अर्थव्यवस्था को आवश्यक तेजी मिलेगी। गोयल ने कहा कि कॉर्पोरेट कर की दरें कम करने की वित्तमंत्री की घोषणाओं से अर्थव्यवस्था को वह आवश्यक तेजी मिलेगी, जिसकी उम्मीद हम सभी कर रहे हैं। हमने श्रृंखलाबद्ध तरीके से कई कदम उठाए हैं और आज का कदम इन सब में सबसे बड़ा है।

रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कॉर्पोरेट कर की दरें कम करने की सरकार की घोषणा का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह एक बड़ा कदम है और इससे सभी क्षेत्रों को लाभ होगा। उन्होंने भरोसा जताया कि दूसरी तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर के आंकड़े बेहतर होंगे। दास ने कहा कि सरकार ने फिर से खर्च करना शुरू कर दिया है। इससे पहली तिमाही की तुलना में दूसरी तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर के आंकड़े बेहतर होंगे।