PT Usha / पीटी उषा ने रचा नया इतिहास, IOA में पहली बार मिली ये बड़ी जिम्मेदारी

भारत की दिग्गज महिला रनर पीटी उषा को भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) का पहला महिला अध्यक्ष चुना गया, जिससे भारतीय खेल प्रशासन में नए युग की शुरुआत भी हुई. एशियाई खेलों में कई पदक जीतने वाली और 1984 के लॉस एंजलिस ओलंपिक खेलों में 400 मीटर की बाधा दौड़ में चौथे स्थान पर रही 58 वर्षीय उषा को चुनाव के बाद इस बड़े पद के लिए निर्विरोध चुना गया है.

PT Usha: भारत की दिग्गज महिला रनर पीटी उषा को भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) का पहला महिला अध्यक्ष चुना गया, जिससे भारतीय खेल प्रशासन में नए युग की शुरुआत भी हुई. एशियाई खेलों में कई पदक जीतने वाली और 1984 के लॉस एंजलिस ओलंपिक खेलों में 400 मीटर की बाधा दौड़ में चौथे स्थान पर रही 58 वर्षीय उषा को चुनाव के बाद इस बड़े पद के लिए निर्विरोध चुना गया है. 

पीटी उषा ने रचा नया इतिहास

पीटी उषा के अध्यक्ष चुने जाने से IOA में गुटीय राजनीति के कारण पैदा हुआ संकट भी समाप्त हो गया. अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) ने इस महीने चुनाव नहीं कराने की दशा में आईओए को निलंबित करने की चेतावनी दी थी. इन चुनावों को दिसंबर 2021 में होना था. उषा का इस बड़े पद पर चुना जाना पिछले महीने ही तय हो गया था, क्योंकि वह अध्यक्ष पद के लिए नामांकन करने वाली एकमात्र प्रत्याशी थी. किसी ने भी उषा का विरोध नहीं किया जिन्हें जुलाई में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने राज्यसभा के लिए नामित किया था.

IOA में पहली बार मिली ये बड़ी जिम्मेदारी

‘पय्योली एक्सप्रेस’ और ‘उड़न परी’ के नाम से मशहूर रही उषा को भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार के रूप में देखा जा रहा था. आईओए के 95 साल के इतिहास में वह अध्यक्ष बनने वाली पहली ओलंपियन और पहली अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता हैं. इससे उनकी उपलब्धियों में एक और उपलब्धि जुड़ गई है. 

एशियाई एथलेटिक्स में दो दशक तक अपना दबदबा बनाया

उषा ने 2000 में संन्यास लेने से पहले भारतीय और एशियाई एथलेटिक्स में दो दशक तक अपना दबदबा बनाया था. उषा देश का प्रतिनिधित्व करने वाले पहली खिलाड़ी हैं. इसके साथ ही वह महाराजा यादवेंद्र सिंह के बाद आईओए प्रमुख बनने वाली पहली खिलाड़ी भी हैं. यादवेंद्र सिंह ने 1934 में एक टेस्ट मैच खेला था. वह 1938 से 1960 तक आईओए के अध्यक्ष रहे थे.