देहरादून में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रस्तावित कार्यक्रम 'छात्रों की गूंज' को लेकर पिछले कई दिनों से चल रहा गतिरोध अब एक नए मोड़ पर आ गया है। 17 जुलाई को होने वाले इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के स्थल में ऐन मौके पर बदलाव किया गया है। अब यह कार्यक्रम परेड ग्राउंड के बजाय बन्नू स्कूल मैदान में आयोजित किया जाएगा। परेड ग्राउंड में कार्यक्रम की अनुमति रद्द होने और उसके बाद पैदा हुए सियासी घटनाक्रम के बाद कांग्रेस ने यह बड़ा फैसला लिया है। पार्टी का आरोप है कि राज्य सरकार के दबाव में प्रशासन ने अंतिम समय में अनुमति वापस ली है, जो यह दर्शाता है कि सरकार राहुल गांधी के कार्यक्रम से डरी हुई है।
प्रशासनिक अनुमति रद्द होने पर मचा सियासी घमासान
इस कार्यक्रम को लेकर विवाद तब शुरू हुआ जब जिला प्रशासन ने परेड ग्राउंड में कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति को निरस्त कर दिया। कांग्रेस का कहना है कि प्रशासन ने सरकारी कार्यक्रम का हवाला देकर अनुमति रद्द की, लेकिन वास्तविकता में वहां कोई गतिविधि नहीं चल रही थी और कांग्रेस नेताओं ने इसे लोकतंत्र की हत्या और विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश करार दिया। पार्टी ने आरोप लगाया कि उत्तराखंड सरकार राहुल गांधी की लोकप्रियता और छात्रों के बीच उनके बढ़ते प्रभाव से घबरा गई है, इसलिए प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग कर कार्यक्रम में बाधा डालने का प्रयास किया जा रहा है।
देर रात परेड ग्राउंड में कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन
मंगलवार की देर रात देहरादून की सड़कों पर भारी राजनीतिक हलचल देखी गई और जिलाधिकारी द्वारा परेड ग्राउंड में कार्यक्रम की अनुमति नहीं दिए जाने के विरोध में कांग्रेस के दिग्गज नेता और कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह, वरिष्ठ नेता हरक सिंह रावत और सह प्रभारी मनोज यादव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता कांग्रेस मुख्यालय से परेड ग्राउंड की ओर कूच कर गए। रात लगभग 11 बजे हुए इस मार्च के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। मैदान में पहुंचने के बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने वहीं धरना दिया और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
वित्तीय लेनदेन और सरकार पर गंभीर आरोप
परेड ग्राउंड में धरने के दौरान गणेश गोदियाल ने राज्य सरकार और प्रशासन पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने खुलासा किया कि कांग्रेस ने इस मैदान के लिए निर्धारित शुल्क 65 हजार रुपये से कहीं अधिक 1 लाख 77 हजार रुपये की राशि जमा की थी। उन्होंने कहा कि तीन दिन के लिए अनुमति मिलने के बाद उसे अचानक रद्द करना पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है। गोदियाल ने दावा किया कि सरकार राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम की सफलता से डरी हुई है और इसीलिए इस तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी ने सभी कानूनी और वित्तीय प्रक्रियाओं का पालन किया था, फिर भी उन्हें रोका गया।
छात्रों की सुरक्षा के लिए बदला गया कार्यक्रम स्थल
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि हालांकि पार्टी परेड ग्राउंड में ही कार्यक्रम कराने पर अड़ी थी, लेकिन छात्रों और उनके अभिभावकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वेन्यू बदलने का निर्णय लिया गया और उन्होंने कहा कि पार्टी नहीं चाहती कि कार्यक्रम में आने वाले युवाओं को किसी भी तरह की परेशानी या असुरक्षा का सामना करना पड़े। इसीलिए अब 17 जुलाई को राहुल गांधी का यह कार्यक्रम बन्नू स्कूल मैदान में आयोजित किया जाएगा। कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि स्थान बदलने से उनके उत्साह में कोई कमी नहीं आएगी और 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम अपने तय समय पर पूरी भव्यता के साथ संपन्न होगा।
