राजस्थान युवा कांग्रेस में अध्यक्ष पद सहित विभिन्न सांगठनिक पदों के लिए चल रही लंबी जद्दोजहद अब समाप्त हो गई है। युवा कांग्रेस के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण ने रविवार शाम को प्रदेश अध्यक्ष, जिलाध्यक्ष और प्रदेश कार्यकारिणी के चुनाव परिणामों की आधिकारिक घोषणा कर दी है और इन परिणामों में एनएसयूआई के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक चौधरी ने जबरदस्त बढ़त हासिल की है। अभिषेक चौधरी को कुल 615057 वोट मिले हैं, जिसके साथ वे अध्यक्ष पद की दौड़ में सबसे आगे निकल गए हैं। उनके इस प्रदर्शन ने युवा कांग्रेस के भीतर उनकी मजबूत पकड़ को साबित किया है।
मतदान के आंकड़े और मुख्य प्रतिद्वंद्वी
चुनाव परिणामों के अनुसार, जयपुर ग्रामीण लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस के प्रत्याशी रहे अनिल चोपड़ा दूसरे स्थान पर रहे हैं। अनिल चोपड़ा को कुल 545638 वोट प्राप्त हुए हैं। वहीं, तीसरे स्थान पर राजकुमार परसवाल रहे, जिन्हें 195030 वोट मिले हैं। अगर जीत के अंतर की बात करें तो अभिषेक चौधरी ने अनिल चोपड़ा पर 69419 वोटों की एक बड़ी बढ़त बनाई है। यह अंतर चुनाव में अभिषेक चौधरी के पक्ष में पड़े भारी समर्थन को दर्शाता है और हालांकि, सबसे ज्यादा वोट पाने के बावजूद अभी अध्यक्ष पद पर अंतिम मुहर लगना बाकी है क्योंकि प्रक्रिया के अनुसार शीर्ष उम्मीदवारों का साक्षात्कार लिया जाना अनिवार्य है।
साक्षात्कार से होगा अंतिम फैसला
युवा कांग्रेस के चुनाव प्राधिकरण आयुक्त सज्जाद अहमद ने स्पष्ट किया है कि केवल वोट पाना ही अध्यक्ष बनने का एकमात्र पैमाना नहीं है। उन्होंने बताया कि शीर्ष तीन प्रत्याशियों अभिषेक चौधरी, अनिल चोपड़ा और राजकुमार परसवाल में से कौन अध्यक्ष बनेगा, इसका अंतिम फैसला दिल्ली में होने वाले साक्षात्कार के बाद होगा और इन तीनों ही प्रत्याशियों को जल्द ही दिल्ली बुलाया जाएगा। वहां लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदयभानु चिब और प्रभारी मनीष शर्मा इन तीनों का वन-टू-वन साक्षात्कार लेंगे। इस साक्षात्कार के बाद ही आधिकारिक रूप से अध्यक्ष के नाम की घोषणा की जाएगी।
राजनीतिक समीकरण और लॉबिंग
इस चुनाव परिणाम के बाद अब जयपुर से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक लॉबिंग तेज होने की संभावना है और अभिषेक चौधरी को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा का बेहद करीबी माना जाता है। वहीं, दूसरे स्थान पर रहे अनिल चोपड़ा पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के नजदीकी माने जाते हैं। ऐसे में यह मुकाबला केवल दो युवाओं के बीच नहीं, बल्कि पार्टी के दो बड़े गुटों के बीच भी देखा जा रहा है। परिणाम आने के बाद अभिषेक चौधरी ने कांग्रेस वॉर रूम पहुंचकर गोविंद सिंह डोटासरा का आशीर्वाद लिया और मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि उनके समर्थकों ने उन्हें भरपूर प्यार दिया है और अब वे सभी साथियों को साथ लेकर भाजपा की भजनलाल सरकार के खिलाफ सड़कों पर संघर्ष करेंगे।
कार्यकारिणी में सभी को मिला स्थान
युवा कांग्रेस के इस चुनाव की एक खास बात यह रही कि अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ने वाले सभी 19 प्रत्याशियों को प्रदेश कार्यकारिणी में जगह दी गई है। जिस प्रत्याशी को जितने वोट मिले, उसी के आधार पर उन्हें उपाध्यक्ष, महामंत्री या सचिव का पद दिया गया है। उदाहरण के तौर पर, चौथे नंबर पर रहने वाली निशा खीचड़ को 3338 वोट मिले और उन्हें प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है। पांचवें नंबर पर रहीं अलफिजा को 2144 वोट मिले, जिन्हें अल्पसंख्यक कोटे से उपाध्यक्ष बनाया गया है। इसी तरह छगनलाल कुलदीप, प्रकाश चंद मीणा और भगवती मीणा को एससी-एसटी कोटे में उपाध्यक्ष बनाया गया है। दिव्यांग कोटे से तेजकरण चौधरी, एससी-एसटी महिला कोटे से निर्मला मेघवाल, अल्पसंख्यक महिला कोटे से यासमीन और ओबीसी कोटे से शीतल परिहार व राहुल खान को भी उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। डिंपल सिंधल, सुमन बानो, दिव्यानी कटारा और पूजा भार्गव आशीष को सचिव के रूप में निर्वाचित किया गया है।
6 महीने लंबी चली चुनाव प्रक्रिया
युवा कांग्रेस की यह चुनाव प्रक्रिया लगभग 6 महीने से भी अधिक समय तक चली। इस बार के चुनाव में रिकॉर्ड 3264980 वोट पड़े थे। हालांकि, चुनाव प्राधिकरण ने जांच के दौरान 13 लाख से ज्यादा वोटों को खारिज कर दिया था और 5 लाख से ज्यादा वोटों को दस्तावेजों की कमी के कारण होल्ड पर रख दिया था। इसके बाद 13 से 19 सितंबर तक उम्मीदवारों को अपने वोट दुरुस्त करने का समय दिया गया था। इस पूरी प्रक्रिया के पूरा होने के बाद ही अब अंतिम परिणाम जारी किए गए हैं।
