राम मंदिर के पहले CEO का नाम कब आएगा सामने? बैठक में हो गया तारीख का खुलासा

अयोध्या में राम मंदिर के पहले सीईओ की नियुक्ति को लेकर बुधवार को बड़ी बैठक होने जा रही है। सर्च कमेटी ने तीन नामों को शॉर्टलिस्ट किया है, जिन पर ट्रस्ट की बैठक में अंतिम फैसला लिया जाएगा।

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में स्थित राम मंदिर के परिसर में मंगलवार को एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य राम मंदिर के पहले सीईओ (CEO) के चयन की प्रक्रिया को अंतिम रूप देना था। सामने आई जानकारी के अनुसार, बुधवार 2 सितंबर को अयोध्या के मणिराम दास जी की छावनी में दोपहर 3 बजे से श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक बड़ी बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में मंदिर प्रशासन के भविष्य और नए नेतृत्व को लेकर बड़े फैसले लिए जाने की संभावना है।

चयन समिति ने सौंपी अपनी रिपोर्ट

राम मंदिर के सीईओ के चयन के लिए बनाई गई विशेष समिति के पदाधिकारियों ने मंगलवार को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। इस बैठक में राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी, कार्यकारी महामंत्री कृष्ण मोहन और पदेन सदस्य के रूप में अयोध्या के जिला अधिकारी शशांक त्रिपाठी मौजूद रहे। इनके अलावा निर्मोही अखाड़ा के महंत और राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य दिनेंद्र दास भी इस महत्वपूर्ण चर्चा का हिस्सा रहे। बैठक के समापन के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि राम मंदिर के नए सीईओ के नाम की घोषणा कब की जाएगी।

तीन नामों की शॉर्टलिस्ट तैयार

राम मंदिर के पहले सीईओ के नाम की आधिकारिक घोषणा बुधवार को होने वाली ट्रस्ट की बैठक में की जा सकती है। जानकारी के मुताबिक, सीईओ को चुनने के लिए 3 सदस्यों की एक उच्च स्तरीय सर्च कमेटी का गठन किया गया था। इस कमेटी में रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णु कांत चतुर्वेदी, पूर्व वैज्ञानिक सुरेश हवारे और पूर्व जस्टिस प्रमोद कोहली शामिल थे। इस सर्च कमेटी ने गहन विचार-विमर्श के बाद तीन नामों को शॉर्टलिस्ट किया है। मंगलवार को हुई बैठक में इन नामों की रिपोर्ट श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्यों को सौंप दी गई है।

ट्रस्ट की बैठक में होगा अंतिम निर्णय

इस पूरी प्रक्रिया और आगामी घोषणा के बारे में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज ने महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने कहा, "सर्च कमेटी द्वारा सौंपी गई इस रिपोर्ट पर बुधवार को ट्रस्ट की बैठक में विस्तार से चर्चा की जाएगी।

खाली पदों पर नियुक्तियों की तैयारी

सीईओ के पद के अलावा, राम मंदिर ट्रस्ट के अन्य खाली पदों पर भी बुधवार को नियुक्तियों की घोषणा हो सकती है। वर्तमान में राम मंदिर ट्रस्ट में तीन पद खाली हैं। ये पद राम मंदिर चढ़ावा चोरी के विवाद के पश्चात पूर्व महासचिव चंपत राय और सदस्य डॉक्टर अनिल मिश्रा के इस्तीफे के कारण खाली हुए थे। इसके साथ ही, बीते दिनों ट्रस्ट के सदस्य रहे राजा विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र के निधन के बाद एक और पद रिक्त हो गया था। इन तीनों महत्वपूर्ण पदों पर नए सदस्यों के चयन की घोषणा बुधवार की बैठक में होने की पूरी संभावना है।

सचिव पद और नए सदस्यों के नाम

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, राम मंदिर ट्रस्ट में सचिव के पद पर नियुक्ति लगभग तय मानी जा रही है। जगदीश आफले को राम मंदिर ट्रस्ट का नया सचिव बनाया जा सकता है, जिनके नाम की आधिकारिक घोषणा बुधवार को की जाएगी। इसके अतिरिक्त, ट्रस्ट में शामिल होने वाले अन्य संभावित नामों में राजा विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र के पुत्र और प्रसिद्ध साहित्यकार यतीन्द्र मिश्रा का नाम चर्चा में है। साथ ही, विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय महासचिव बजरंग लाल बांगड़ा और विश्व हिंदू परिषद की केंद्रीय परामर्श समिति के सदस्य दिनेश जी को भी ट्रस्ट में शामिल किया जा सकता है।